{"_id":"5af9c6b54f1c1b894c8b4a71","slug":"111526318773-solan-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"22 मई से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाएंगे ग्रामीण डाक सेवक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
22 मई से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाएंगे ग्रामीण डाक सेवक
Updated Mon, 14 May 2018 10:56 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
केंद्र सरकार से नाराज है डाक सेवक
सातवां वेतन आयोग लागू न करने का आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
सोलन।
अखिल भारतीय पोस्टल ग्रामीण डाक सेवकों ने केंद्र सरकार के खिलाफ हल्ला बोल दिया है। डाक सेवकों ने 22 मई से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का ऐलान किया है। हड़ताल से डाक सेवाएं प्रभावित होंगी। डाक सेवकों ने यह ऐलान सातवें वेतन आयोग को लागू न करने पर किया है।
ग्रामीण डाक सेवक संघ के मंडलीय सचिव मुकंद लाल वर्मा ने बताया कि सभी कर्मचारी 28 महीने से केंद्र सरकार से सातवें वेतन आयोग की मांग को लेकर बार-बार मांग कर रहे हैं लेकिन सरकार के नुमाइंदे कुछ नहीं कर रहे। कर्मचारियों को मोदी सरकार ने सातवां वेतन नहीं दिया है। आरोप है कि मोदी सरकार ने बड़े पद पर बैठे कर्मचारियों को 1-1-2016 से सातवां वेतन दिया और छोटे पद पर कार्य कर रहे कर्मचारियों को इससे वंचित रखा। बताया कि एक बार फिर रखी केबिनेट की बैठक में फाइल दोबारा जाएगी। यदि 16 मई को सातवें वेतन की मंजूरी नहीं मिली तो 22 मई को हड़ताल होना निश्चित है। उन्होंने यह भी बताया कि मोदी सरकार से सातवां वेतन लेने के बाद हिमाचल के लगभग आठ से दस हजार ग्रामीण डाक सेवकों को एक अलग से आईआर भी लेंगे।
विज्ञापन
सातवां वेतन आयोग लागू न करने का आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
सोलन।
अखिल भारतीय पोस्टल ग्रामीण डाक सेवकों ने केंद्र सरकार के खिलाफ हल्ला बोल दिया है। डाक सेवकों ने 22 मई से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का ऐलान किया है। हड़ताल से डाक सेवाएं प्रभावित होंगी। डाक सेवकों ने यह ऐलान सातवें वेतन आयोग को लागू न करने पर किया है।
ग्रामीण डाक सेवक संघ के मंडलीय सचिव मुकंद लाल वर्मा ने बताया कि सभी कर्मचारी 28 महीने से केंद्र सरकार से सातवें वेतन आयोग की मांग को लेकर बार-बार मांग कर रहे हैं लेकिन सरकार के नुमाइंदे कुछ नहीं कर रहे। कर्मचारियों को मोदी सरकार ने सातवां वेतन नहीं दिया है। आरोप है कि मोदी सरकार ने बड़े पद पर बैठे कर्मचारियों को 1-1-2016 से सातवां वेतन दिया और छोटे पद पर कार्य कर रहे कर्मचारियों को इससे वंचित रखा। बताया कि एक बार फिर रखी केबिनेट की बैठक में फाइल दोबारा जाएगी। यदि 16 मई को सातवें वेतन की मंजूरी नहीं मिली तो 22 मई को हड़ताल होना निश्चित है। उन्होंने यह भी बताया कि मोदी सरकार से सातवां वेतन लेने के बाद हिमाचल के लगभग आठ से दस हजार ग्रामीण डाक सेवकों को एक अलग से आईआर भी लेंगे।
विज्ञापन