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परवाणू में नहीं थम रहा डेंगू का प्रकोप, 16 नए मामले आए सामने
Updated Sun, 05 Aug 2018 07:12 PM IST
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परवाणू में डेंगू के 16 नए मामले आए सामने
प्रशासन के दावों पर डेंगू का डंक भारी, आंकड़ा 294 पहुंचा
कामयाब नहीं हो रहे परवाणू में डेंगू पर लगाम लगाने के प्रयास
अमर उजाला ब्यूरो
परवाणू (सोलन)। औद्योगिक नगर परवाणू में डेंगू का कहर रुकने का नाम नहीं ले रहा है। रोज अस्पताल में बड़ी संख्या में उपचार के लिए पहुंच रहे बुखार पीड़ितों की पहचान डेंगू मरीज के रूप में हो रही है। परवाणू में गंदगी की वजह से डेंगू फैला। प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग तमाम प्रयासों के बावजूद इस पर लगाम कसने में नाकाम साबित हो रहे हैं। शनिवार को परवाणू के ईएसआई अस्पताल में 43 मरीजों की जांच की गई। इनमें कुल 16 मरीज पॉजिटिव पाए गए हैं। इन मरीजों में चार मरीज कालका और 12 मरीज परवाणू के सामने आए हैं। परवाणू के कुल 12 मामलों में नौ मरीज टकसाल से दर्ज किए हैं। अब तक सामने आए कुल 294 मरीजों में 173 परवाणू और 129 मरीज कालका के दर्ज किए हैं। पिछले दिनों तक डेंगू पर काबू पाने का दम भर रहा प्रशासन अचानक डेंगू के इतने अधिक मामलों के सामने आने से खुद हैरान है। प्रशासन का मानना है की अधिकतर मरीज परवाणू के साथ लगते कालका के गांव खेड़ा सीताराम से आ रहे हैं। डेंगू भी नजदीकी इलाकों में पहुंच रहा है। परवाणू के सेक्टर चार और धगड़ गांव में भी डेंगू के मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी पाई जा रही है।
स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, लोग भी रहें सचेत : डॉ. कपिल
ईएसआई के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विनोद कपिल ने बताया कि परवाणू में डेंगू के मरीजों का बढ़ना चिंताजनक है लेकिन स्वास्थ्य विभाग हर संभव प्रयास कर रहा है। प्रशासन के साथ स्थानीय लोगों का सहयोग भी जरूरी है। प्रशासन ने सख्ती बरतते हुए परवाणू में 500 से अधिक चालान किए हैं, बावजूद इसके कुछ लोगों में समझ नहीं है।
ठहरे हुए पानी में डालें पेट्रोल की बूंदे
डेंगू के मच्छर को पनपने के लिए साफ पानी की जरूरत है। प्रशासन लोगों से अपील कर रहा है कि पानी बेशक जमा करें मगर उसे ढक कर रखें। दो दिन से ज्यादा पानी को स्टोर न करें या फिर ठहरे हुए पानी में मिट्टी के तेल और पेट्रोल की कुछ बूंदे डाल दें।
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प्रशासन के दावों पर डेंगू का डंक भारी, आंकड़ा 294 पहुंचा
कामयाब नहीं हो रहे परवाणू में डेंगू पर लगाम लगाने के प्रयास
अमर उजाला ब्यूरो
परवाणू (सोलन)। औद्योगिक नगर परवाणू में डेंगू का कहर रुकने का नाम नहीं ले रहा है। रोज अस्पताल में बड़ी संख्या में उपचार के लिए पहुंच रहे बुखार पीड़ितों की पहचान डेंगू मरीज के रूप में हो रही है। परवाणू में गंदगी की वजह से डेंगू फैला। प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग तमाम प्रयासों के बावजूद इस पर लगाम कसने में नाकाम साबित हो रहे हैं। शनिवार को परवाणू के ईएसआई अस्पताल में 43 मरीजों की जांच की गई। इनमें कुल 16 मरीज पॉजिटिव पाए गए हैं। इन मरीजों में चार मरीज कालका और 12 मरीज परवाणू के सामने आए हैं। परवाणू के कुल 12 मामलों में नौ मरीज टकसाल से दर्ज किए हैं। अब तक सामने आए कुल 294 मरीजों में 173 परवाणू और 129 मरीज कालका के दर्ज किए हैं। पिछले दिनों तक डेंगू पर काबू पाने का दम भर रहा प्रशासन अचानक डेंगू के इतने अधिक मामलों के सामने आने से खुद हैरान है। प्रशासन का मानना है की अधिकतर मरीज परवाणू के साथ लगते कालका के गांव खेड़ा सीताराम से आ रहे हैं। डेंगू भी नजदीकी इलाकों में पहुंच रहा है। परवाणू के सेक्टर चार और धगड़ गांव में भी डेंगू के मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी पाई जा रही है।
स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, लोग भी रहें सचेत : डॉ. कपिल
ईएसआई के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विनोद कपिल ने बताया कि परवाणू में डेंगू के मरीजों का बढ़ना चिंताजनक है लेकिन स्वास्थ्य विभाग हर संभव प्रयास कर रहा है। प्रशासन के साथ स्थानीय लोगों का सहयोग भी जरूरी है। प्रशासन ने सख्ती बरतते हुए परवाणू में 500 से अधिक चालान किए हैं, बावजूद इसके कुछ लोगों में समझ नहीं है।
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ठहरे हुए पानी में डालें पेट्रोल की बूंदे
डेंगू के मच्छर को पनपने के लिए साफ पानी की जरूरत है। प्रशासन लोगों से अपील कर रहा है कि पानी बेशक जमा करें मगर उसे ढक कर रखें। दो दिन से ज्यादा पानी को स्टोर न करें या फिर ठहरे हुए पानी में मिट्टी के तेल और पेट्रोल की कुछ बूंदे डाल दें।
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