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परवाणू के चूल्हा उद्योग में लगी आग
Updated Sat, 16 Jun 2018 10:05 PM IST
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- फोटो : self
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परवाणू (सोलन)। औद्योगिक नगर परवाणू में एक चूल्हा उद्योग में शुक्रवार देर रात अचानक आग लग गई। आग लगने से उद्योग पूरी तरह से जलकर राख हो गया है। इसकी वजह से लाखों रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है। उद्योग में हुए नुकसान का आकलन कर आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है। आग रात करीब सवा 12 बजे के आसपास लगी। इसके बाद सूचना अग्निशमन विभाग को दी गई। इस पर अग्निशमन विभाग के करीब एक दर्जन कर्मचारी दो गाड़ियों के साथ मौके पर पहुंचे। पांच घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद सुबह आग पर काबू पाया।
आग लगने का कारण शॉर्टसर्किट बताया जा रहा है। इसकी सीसीटीवी में रिकॉर्डिंग दर्ज है। जानकारी के अनुसार चूल्हा उद्योग को बाहर से ताला लगा था और दो चौकीदार तैनात थे, उन्हें जब अंदर से प्लास्टिक के जलने की बदबू आने लगी तो उन्होंने इसकी सूचना मालिक तथा अन्य लोगों को दी। अग्निशमन विभाग को देर रात करीब दो बजकर सात मिनट पर फोन किया गया। इसके बाद अग्निशमन विभाग की गाड़ियां भी मौके पर पहुंचीं।
आग बुझाते वक्त खत्म हो गया पानी
रात लगभग दो बजे उद्योग में आग लगने की सूचना मिली थी जिस पर तुरंत फायर स्टेशन से दो फायर टेंडर घटनास्थल पर पहुंच गए। इस गाड़ियों में पानी खत्म हो गया। इसके बाद सेक्टर छह में लगाए फायर हाईड्रेंट खराब होने पर सेक्टर एक में हिमुडा के ऑफिस के बाहर स्थापित फायर हाईड्रेंट से पानी भरना पड़ा। इसमें काफी समय लग गया। उद्योग में प्लास्टिक और गत्ता होने से आग ने भयंकर रूप धारण कर लिया था। इसके बाद एक फायर टेंडर बद्दी और एक कालका से मंगवाना पड़ा।
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पांच घंटे में बुझी आग : सिंह
अग्निशमन विभाग के फायर ऑफिसर कश्मीर सिंह ने बताया कि उद्योग में आग लगने की सूचना लगभग दो बजे रात को मिली थी। इस पर तुरंत दो फायर टेंडर को घटनास्थल पर भेजा और लगभग 5 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद सुबह लगभग सात बजे तक आग पर काबू पाया जा सका। आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट होना बताया जा रहा है।
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आग लगने का कारण शॉर्टसर्किट बताया जा रहा है। इसकी सीसीटीवी में रिकॉर्डिंग दर्ज है। जानकारी के अनुसार चूल्हा उद्योग को बाहर से ताला लगा था और दो चौकीदार तैनात थे, उन्हें जब अंदर से प्लास्टिक के जलने की बदबू आने लगी तो उन्होंने इसकी सूचना मालिक तथा अन्य लोगों को दी। अग्निशमन विभाग को देर रात करीब दो बजकर सात मिनट पर फोन किया गया। इसके बाद अग्निशमन विभाग की गाड़ियां भी मौके पर पहुंचीं।
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आग बुझाते वक्त खत्म हो गया पानी
रात लगभग दो बजे उद्योग में आग लगने की सूचना मिली थी जिस पर तुरंत फायर स्टेशन से दो फायर टेंडर घटनास्थल पर पहुंच गए। इस गाड़ियों में पानी खत्म हो गया। इसके बाद सेक्टर छह में लगाए फायर हाईड्रेंट खराब होने पर सेक्टर एक में हिमुडा के ऑफिस के बाहर स्थापित फायर हाईड्रेंट से पानी भरना पड़ा। इसमें काफी समय लग गया। उद्योग में प्लास्टिक और गत्ता होने से आग ने भयंकर रूप धारण कर लिया था। इसके बाद एक फायर टेंडर बद्दी और एक कालका से मंगवाना पड़ा।
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पांच घंटे में बुझी आग : सिंह
अग्निशमन विभाग के फायर ऑफिसर कश्मीर सिंह ने बताया कि उद्योग में आग लगने की सूचना लगभग दो बजे रात को मिली थी। इस पर तुरंत दो फायर टेंडर को घटनास्थल पर भेजा और लगभग 5 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद सुबह लगभग सात बजे तक आग पर काबू पाया जा सका। आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट होना बताया जा रहा है।