{"_id":"5a54f1234f1c1b18758b565b","slug":"101515516195-solan-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"किराया न चुकाने पर करोबारियों की दुकानों की लीज होगी रद्द","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
किराया न चुकाने पर करोबारियों की दुकानों की लीज होगी रद्द
Updated Tue, 09 Jan 2018 10:37 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नगर परिषद सोलन ने शहर के दो सौ कारोबारियों को जारी किए नोटिस, पांच साल से अदा नहीं किया है किराया नप के अधीन 250 दुकानें चल रही हैं किराए पर
अमर उजाला ब्यूरो
सोलन।
नगर परिषद सोलन ने शहर के 200 कारोबारियों को दुकानों का किराया न चुकाने पर नोटिस जारी किए हैं। इन दुकानदारों ने नप को करीब पांच सालों से किराया अदा नहीं किया है। इनके पास करीब ढाई करोड़ रुपये नप का किराये के रूप में बकाया पड़ा है। अब नोटिस जारी कर नप ने दुकानदारों को किराया तुरंत चुकाने का फरमान जारी किया है। तय अवधि के भीतर नोटिस का जवाब भी देना होगा। संतोषजनक जवाब ने मिलने पर दुकानदार की लीज को रद्द किया जा सकता है।
जानकारी के अनुसार नप के तहत करीब 250 दुकानें आती हैं। इसमें से करीब 200 कारोबारियों ने नगर परिषद को दुकान का किराया पांच वर्षों से नहीं दिया है। किराया न आने से नप के कई विकास कार्य भी रुके पड़े हैं। इसके बाद अब कड़ा रुख अपनाते हुए नप ने इन दुकानदारों को नोटिस जारी कर दिए हैं। इसमें इन कारोबारियों को किराया न देने का कारण बताना होगा। यदि वह इसमें कोई संतोषजनक जवाब नहीं देते तो उनकी दुकान की लीज को रद्द करने के बाद प्रशासन की सहायता से दुकानों को खाली करवाया जा सकता है।
50 दुकानदारों ने ही दिया किराया
नप सोलन के तहत करीब 250 दुकानें हैं। इसमें से सिर्फ 50 दुकानदारों ने ही दुकान का किराया अदा किया है।
अन्य 200 कारोबारियों से नप ने करीब ढाई करोड़ की वसूल करनी है। कारोबारियों को नप ने अब नोटिस जारी कर दिए हैं। कुछ कारोबारियों के नगर परिषद के साथ केस भी चल रहे हैं। नप ने अबेंडकर हॉल, गंज बाजार, माल रोड और चंबाघाट सहित अन्य जगहों दुकानें बना रखी हैं।
विज्ञापन
किराया न देने पर रद्द होगी लीज
नप अध्यक्ष देवेंद्र ठाकुर ने बताया कि नगर परिषद की दुकानों का किराया नहीं देने वाले करीब 200 लोगों को नोटिस भेजे हैं। इन कारोबारियों से नप ने करीब ढाई करोड़ रुपये वसूल करना है। इसके चलते लोगों के विकास कार्य भी रुके पड़े हैं। नोटिस में कारोबारियों से किराया न देने का कारण पूछा है। संतोषजनक जवाब न मिलने पर उनकी लीज रद्द की जा सकती है।
200 से 4000 हजार प्रतिमाह है किराया
नप के तहत आने वाली दुकानों का किराया भी जगह और समय के साथ अलग-अलग है। कुछ दुकानों का किराया 200 तो कुछ का 4 हजार रुपये प्रतिमाह है। वहीं इन स्थानों में यदि निजी दुकानों को किराये पर लेना है तो किराया 15 से 60 हजार रुपये है।
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
सोलन।
नगर परिषद सोलन ने शहर के 200 कारोबारियों को दुकानों का किराया न चुकाने पर नोटिस जारी किए हैं। इन दुकानदारों ने नप को करीब पांच सालों से किराया अदा नहीं किया है। इनके पास करीब ढाई करोड़ रुपये नप का किराये के रूप में बकाया पड़ा है। अब नोटिस जारी कर नप ने दुकानदारों को किराया तुरंत चुकाने का फरमान जारी किया है। तय अवधि के भीतर नोटिस का जवाब भी देना होगा। संतोषजनक जवाब ने मिलने पर दुकानदार की लीज को रद्द किया जा सकता है।
जानकारी के अनुसार नप के तहत करीब 250 दुकानें आती हैं। इसमें से करीब 200 कारोबारियों ने नगर परिषद को दुकान का किराया पांच वर्षों से नहीं दिया है। किराया न आने से नप के कई विकास कार्य भी रुके पड़े हैं। इसके बाद अब कड़ा रुख अपनाते हुए नप ने इन दुकानदारों को नोटिस जारी कर दिए हैं। इसमें इन कारोबारियों को किराया न देने का कारण बताना होगा। यदि वह इसमें कोई संतोषजनक जवाब नहीं देते तो उनकी दुकान की लीज को रद्द करने के बाद प्रशासन की सहायता से दुकानों को खाली करवाया जा सकता है।
विज्ञापन
50 दुकानदारों ने ही दिया किराया
नप सोलन के तहत करीब 250 दुकानें हैं। इसमें से सिर्फ 50 दुकानदारों ने ही दुकान का किराया अदा किया है।
अन्य 200 कारोबारियों से नप ने करीब ढाई करोड़ की वसूल करनी है। कारोबारियों को नप ने अब नोटिस जारी कर दिए हैं। कुछ कारोबारियों के नगर परिषद के साथ केस भी चल रहे हैं। नप ने अबेंडकर हॉल, गंज बाजार, माल रोड और चंबाघाट सहित अन्य जगहों दुकानें बना रखी हैं।
विज्ञापन
किराया न देने पर रद्द होगी लीज
नप अध्यक्ष देवेंद्र ठाकुर ने बताया कि नगर परिषद की दुकानों का किराया नहीं देने वाले करीब 200 लोगों को नोटिस भेजे हैं। इन कारोबारियों से नप ने करीब ढाई करोड़ रुपये वसूल करना है। इसके चलते लोगों के विकास कार्य भी रुके पड़े हैं। नोटिस में कारोबारियों से किराया न देने का कारण पूछा है। संतोषजनक जवाब न मिलने पर उनकी लीज रद्द की जा सकती है।
200 से 4000 हजार प्रतिमाह है किराया
नप के तहत आने वाली दुकानों का किराया भी जगह और समय के साथ अलग-अलग है। कुछ दुकानों का किराया 200 तो कुछ का 4 हजार रुपये प्रतिमाह है। वहीं इन स्थानों में यदि निजी दुकानों को किराये पर लेना है तो किराया 15 से 60 हजार रुपये है।