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शिक्षक महासंघ ने नई सरकार के सामने खोला मांगों का पिटारा
Updated Sat, 30 Dec 2017 10:06 PM IST
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दाड़लाघाट (सोलन)। हिमाचल शिक्षक महासंघ ने नई सरकार से 4-9-14 की वेतन विसंगतियों को दूर करने की मांग की है। संघ की शनिवार को आयोजित बैठक में अध्यापकों ने लंबित पड़ी मांगों को जोरशोर से उठाया। महासंघ ने बैठक कर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से शिक्षण संस्थानों में खाली पड़े पदों को भरने के साथ पुरानी पेंशन योजना को बहाल करने का आग्रह किया है।
संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि अध्यापक लंबे अरसे से अपनी मांगों को सरकार के समक्ष रखे आ हैं लेकिन अभी तक कुछ नहीं हुआ। अब संघ को नई सरकार से इन मांगों के पूरा होने की उम्मीद है। संघ का कहना है कि नई पेंशन योजना सेवानिवृत्ति कर्मचारियों से मजाक है। एक से तीन हजार रुपये मासिक पेंशन मिलने से उन्हें परेशानी झेलनी पड़ रही है। इस धनराशि में परिवार का गुजारा करना मुश्किल हो गया है। इसलिए पुरानी पेंशन योजना को बहाल करने की संघ मांग कर रहा है। कर्मचारियों की 4-9-14 पे स्केल में भी काफी विसंगतियां हैं जिसे दूर किया जाना चाहिए। संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि नई सरकार गंभीरता से इस मसले पर काम कर इन मांगों का पूरा करेगी। उन्होंने जयराम ठाकुर को प्रदेश का मुख्यमंत्री बनने पर हार्दिक बधाई दी तथा उन्होंने मुख्यमंत्री का प्रदेश के कर्मचारियों को महंगाई भत्ता देने पर आभार जताया।
शिक्षक महासंघ की मुख्य मांगें
हिमाचल शिक्षक महासंघ की बैठक में कई मांगों पर चरचा की गई। साथ ही तय हुआ कि जल्द इन मांगों को सरकार के समक्ष रखा जाएगा। इसमें प्रमुख तौर पर पुरानी पेंशन योजना को बहाल करने के अलावा एलीमेंट्री अध्यापकों के लिए डीईएलडी की अनिवार्यता खत्म करना, प्लेसमेंट पदोन्नतियों को नियमित करना, आउट सोर्स कंप्यूटर शिक्षकों के लिए नीति बनाना, पैरा और पीटीए तथा एसएमसी अध्यापकों की सेवाओं को नियमित करने की मांग की है।
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बैठक में इन्होंने की शिरकत
इस मौके पर संयोजक राजेश कपाटिया, जगदीश नेगी, अध्यक्ष प्रकाश शर्मा, कोषाध्यक्ष विजय चंदेल, प्रेस सचिव अमर सिंह वर्मा तथा कार्यकारिणी सदस्यों राजीव शर्मा, भारतेंदु शर्मा, लच्छीराम वर्मा, राम प्रकाश रावत, रामलाल, हेमलता वर्मा, सपना शर्मा मौजूद रहे।
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संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि अध्यापक लंबे अरसे से अपनी मांगों को सरकार के समक्ष रखे आ हैं लेकिन अभी तक कुछ नहीं हुआ। अब संघ को नई सरकार से इन मांगों के पूरा होने की उम्मीद है। संघ का कहना है कि नई पेंशन योजना सेवानिवृत्ति कर्मचारियों से मजाक है। एक से तीन हजार रुपये मासिक पेंशन मिलने से उन्हें परेशानी झेलनी पड़ रही है। इस धनराशि में परिवार का गुजारा करना मुश्किल हो गया है। इसलिए पुरानी पेंशन योजना को बहाल करने की संघ मांग कर रहा है। कर्मचारियों की 4-9-14 पे स्केल में भी काफी विसंगतियां हैं जिसे दूर किया जाना चाहिए। संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि नई सरकार गंभीरता से इस मसले पर काम कर इन मांगों का पूरा करेगी। उन्होंने जयराम ठाकुर को प्रदेश का मुख्यमंत्री बनने पर हार्दिक बधाई दी तथा उन्होंने मुख्यमंत्री का प्रदेश के कर्मचारियों को महंगाई भत्ता देने पर आभार जताया।
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शिक्षक महासंघ की मुख्य मांगें
हिमाचल शिक्षक महासंघ की बैठक में कई मांगों पर चरचा की गई। साथ ही तय हुआ कि जल्द इन मांगों को सरकार के समक्ष रखा जाएगा। इसमें प्रमुख तौर पर पुरानी पेंशन योजना को बहाल करने के अलावा एलीमेंट्री अध्यापकों के लिए डीईएलडी की अनिवार्यता खत्म करना, प्लेसमेंट पदोन्नतियों को नियमित करना, आउट सोर्स कंप्यूटर शिक्षकों के लिए नीति बनाना, पैरा और पीटीए तथा एसएमसी अध्यापकों की सेवाओं को नियमित करने की मांग की है।
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बैठक में इन्होंने की शिरकत
इस मौके पर संयोजक राजेश कपाटिया, जगदीश नेगी, अध्यक्ष प्रकाश शर्मा, कोषाध्यक्ष विजय चंदेल, प्रेस सचिव अमर सिंह वर्मा तथा कार्यकारिणी सदस्यों राजीव शर्मा, भारतेंदु शर्मा, लच्छीराम वर्मा, राम प्रकाश रावत, रामलाल, हेमलता वर्मा, सपना शर्मा मौजूद रहे।