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Sirmour News: अंधाधुंध अवैध खनन से एनएच पुल और यमुना नदी का अस्तित्व खतरे में
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हिमाचल-उतराखंड राज्य सीमा पर यमुना नदी पर बनेपुल की जड़े खोखली करते अवैध खननकारी: संवाद
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अंधाधुंध अवैध खनन से एनएच पुल और यमुना नदी का अस्तित्व खतरे में
विभिन्न विभागों के साथ विपक्ष ने साधी चुप्पी : शिव सिंह असवाल
राष्ट्रीय संपत्ति एनएच-07 पर यमुना पुल की जड़े खोखली कर रहे खननकारी
सुरेश तोमर
पांवटा साहिब(सिरमौर)। न एनजीटी के नियमों की परवाह है और न ही सरकार और प्रशासनिक अधिकारियों का डर। अवैध खननकारियों का बेलचा जीवनदायनी यमुना नदी को खोखला कर रहा है। पवित्र नदी के साथ राष्ट्रीय संपत्ति एनएच-07 पर बने यमुना नदी पुल का अस्तित्व खतरे में है। ऐसे में विपक्ष की चुप्पी या मूक सहमति भी कई तरह के सवाल खड़े कर रही है। नियमों को ताक पर रखकर यमुना नदी की धारा को ही प्रभावित कर दिया गया है। दिनदहाड़े यमुना नदी पर बने पुल के ठीक नीचे सरेआम अवैध खनन हो रहा है।
समाजसेवी व पूर्व पार्षद शिव सिंह असवाल ने कहा कि इस प्रदेश सरकार के कार्यकाल में खनन संपदा लूट की खुली छूट जारी है। प्रदेश सरकार ने कई स्थलों पर क्रॅशर के लिए अनुमति दी है लेकिन अवैध खननकारी ऐसे संवेदनशील स्थलों पर खनन कर रहे हैं जिसमें एनएच पुल पांवटा व यमुनाघाट स्नान स्थल शामिल है।
इन स्थलों पर कोई खनन की लीज, क्रॅशर के लिए कोई अनुमित नहीं है। अवैध खननकारी करोड़ों की खनन सामग्री उठा रहे हैं। प्रदेश सरकार, प्रशासन और विभिन्न विभाग आंखों में पट्टी बांधे हुए हैं। विपक्ष की अवैध खनन के खिलाफ चुप्पी पर तो सबसे ज्यादा सवाल खड़े हो रहे हैं। एनजीटी के नियम कानून को ठेंगे पर रखा जा रहा है।
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बता दें कि उत्तराखंड हिमाचल को जोड़ने वाले पांवटा में बने यमुना नदी पुल के ठीक नीचे अवैध खनन करते हुए 15 फुट तक गड्डे कर दिए हैं। दोनों राज्यों को जोड़ने वाले पुल पर खतरा मंडरा रहा है। दशकों पुराने जर्जर हो चुके यमुना पुल के आसपास भी धड़ल्ले से अवैध खनन किया जाता है। इससे पुल की नींव तक को भारी नुकसान हो सकता है। आशंका ये भी जताई जा रही है कि
अवैध खननकारियों को लूट की छूट के चलते ही यमुना नदी की प्राकृतिक धारा को उत्तराखंड सीमा की तरफ मोड़ा गया है। इसके चलते यमुना पुल से लेकर श्री राधाकृष्ण हनुमान मंदिर के समीप यमुना घाट तक सैकड़ों एकड़ भूमि पर अवैध तरीके से खोदाई कर ली गई है।
बाक्स...
इस बारे में प्रशासन को सौंपेंगे ज्ञापन : सुखराम चौधरी
- पूर्व ऊर्जा मंत्री व विधायक पांवटा साहिब सुखराम चौधरी ने कहा
कि अवैध खनन के बारे में प्रशासन को ज्ञापन सौंपा जाएगा जिसमें
अवैध खनन पर अंकुश लगाने की मांग रखी जाएगी।
...
बाक्स...
स्नान करने तक पानी की पर्याप्त धारा नही : एसएस गुप्ता
पांवटा साहिब(सिरमौर)। श्री राधाकृष्ण हनुमान मंदिर समिति के अध्यक्ष शांति स्वरूप गुप्ता व सुंदर लाल मेहता ने बताया इस बारे में एसडीएम पांवटा को ज्ञापन सौंपा गया है। यमुना घाट पर अचमन व स्नान करने लायक पानी नहीं है। इस बारे में जरूरी कार्रवाई का आश्वासन भी मिला था। अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी। अब विभिन्न संस्थाओं के माध्यम से एनजीटी व प्रदेश के मुख्यमंत्री को पत्र भेजा जाएगा।
....
बाक्स...
अवैध खनन पर होगी कार्रवाई : एमओ
जिला खनन अधिकारी कुलभूषण शर्मा ने बताया कि समय समय पर अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई की जाती रही है। पांवटा साहिब यमुना पुल से यमुनाघाट स्थित वीयर योजना (बैराज) तक हिमाचल की तरफ से कोई क्रॅशर या खनन पट्टे जारी नहीं किया गया है। अवैध खनन को रोकने के लिए नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
संवाद
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विभिन्न विभागों के साथ विपक्ष ने साधी चुप्पी : शिव सिंह असवाल
राष्ट्रीय संपत्ति एनएच-07 पर यमुना पुल की जड़े खोखली कर रहे खननकारी
सुरेश तोमर
पांवटा साहिब(सिरमौर)। न एनजीटी के नियमों की परवाह है और न ही सरकार और प्रशासनिक अधिकारियों का डर। अवैध खननकारियों का बेलचा जीवनदायनी यमुना नदी को खोखला कर रहा है। पवित्र नदी के साथ राष्ट्रीय संपत्ति एनएच-07 पर बने यमुना नदी पुल का अस्तित्व खतरे में है। ऐसे में विपक्ष की चुप्पी या मूक सहमति भी कई तरह के सवाल खड़े कर रही है। नियमों को ताक पर रखकर यमुना नदी की धारा को ही प्रभावित कर दिया गया है। दिनदहाड़े यमुना नदी पर बने पुल के ठीक नीचे सरेआम अवैध खनन हो रहा है।
समाजसेवी व पूर्व पार्षद शिव सिंह असवाल ने कहा कि इस प्रदेश सरकार के कार्यकाल में खनन संपदा लूट की खुली छूट जारी है। प्रदेश सरकार ने कई स्थलों पर क्रॅशर के लिए अनुमति दी है लेकिन अवैध खननकारी ऐसे संवेदनशील स्थलों पर खनन कर रहे हैं जिसमें एनएच पुल पांवटा व यमुनाघाट स्नान स्थल शामिल है।
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इन स्थलों पर कोई खनन की लीज, क्रॅशर के लिए कोई अनुमित नहीं है। अवैध खननकारी करोड़ों की खनन सामग्री उठा रहे हैं। प्रदेश सरकार, प्रशासन और विभिन्न विभाग आंखों में पट्टी बांधे हुए हैं। विपक्ष की अवैध खनन के खिलाफ चुप्पी पर तो सबसे ज्यादा सवाल खड़े हो रहे हैं। एनजीटी के नियम कानून को ठेंगे पर रखा जा रहा है।
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बता दें कि उत्तराखंड हिमाचल को जोड़ने वाले पांवटा में बने यमुना नदी पुल के ठीक नीचे अवैध खनन करते हुए 15 फुट तक गड्डे कर दिए हैं। दोनों राज्यों को जोड़ने वाले पुल पर खतरा मंडरा रहा है। दशकों पुराने जर्जर हो चुके यमुना पुल के आसपास भी धड़ल्ले से अवैध खनन किया जाता है। इससे पुल की नींव तक को भारी नुकसान हो सकता है। आशंका ये भी जताई जा रही है कि
अवैध खननकारियों को लूट की छूट के चलते ही यमुना नदी की प्राकृतिक धारा को उत्तराखंड सीमा की तरफ मोड़ा गया है। इसके चलते यमुना पुल से लेकर श्री राधाकृष्ण हनुमान मंदिर के समीप यमुना घाट तक सैकड़ों एकड़ भूमि पर अवैध तरीके से खोदाई कर ली गई है।
बाक्स...
इस बारे में प्रशासन को सौंपेंगे ज्ञापन : सुखराम चौधरी
- पूर्व ऊर्जा मंत्री व विधायक पांवटा साहिब सुखराम चौधरी ने कहा
कि अवैध खनन के बारे में प्रशासन को ज्ञापन सौंपा जाएगा जिसमें
अवैध खनन पर अंकुश लगाने की मांग रखी जाएगी।
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बाक्स...
स्नान करने तक पानी की पर्याप्त धारा नही : एसएस गुप्ता
पांवटा साहिब(सिरमौर)। श्री राधाकृष्ण हनुमान मंदिर समिति के अध्यक्ष शांति स्वरूप गुप्ता व सुंदर लाल मेहता ने बताया इस बारे में एसडीएम पांवटा को ज्ञापन सौंपा गया है। यमुना घाट पर अचमन व स्नान करने लायक पानी नहीं है। इस बारे में जरूरी कार्रवाई का आश्वासन भी मिला था। अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी। अब विभिन्न संस्थाओं के माध्यम से एनजीटी व प्रदेश के मुख्यमंत्री को पत्र भेजा जाएगा।
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बाक्स...
अवैध खनन पर होगी कार्रवाई : एमओ
जिला खनन अधिकारी कुलभूषण शर्मा ने बताया कि समय समय पर अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई की जाती रही है। पांवटा साहिब यमुना पुल से यमुनाघाट स्थित वीयर योजना (बैराज) तक हिमाचल की तरफ से कोई क्रॅशर या खनन पट्टे जारी नहीं किया गया है। अवैध खनन को रोकने के लिए नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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