{"_id":"6a9fee211218ec9af30de319","slug":"workshop-in-ponta-college-nahan-news-c-177-1-ssml1030-188350-2026-09-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sirmour News: महिलाओं के लिए सुरक्षित और सम्मानजनक कार्यस्थल जरूरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sirmour News: महिलाओं के लिए सुरक्षित और सम्मानजनक कार्यस्थल जरूरी
विज्ञापन
पांवटा साहिब कॉलेज में आयोजित जागरूकता कार्यशाला में भाग लेते प्रचार्य , विशेष वक्ता वी अन्य। स
-कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न की रोकथाम और शिकायत निवारण को लेकर कार्यशाला आयोजित
संवाद न्यूज एजेंसी
पांवटा साहिब (सिरमौर)। कार्यस्थल पर महिलाओं को सुरक्षित, सम्मानजनक और भेदभाव मुक्त वातावरण उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से श्री गुरु गोबिंद सिंह जी राजकीय महाविद्यालय पांवटा साहिब में कार्यशाला का आयोजन किया गया। महाविद्यालय की आंतरिक शिकायत समिति की ओर से आयोजित कार्यशाला में महिलाओं के लैंगिक उत्पीड़न की रोकथाम, शिकायत प्रक्रिया और शिकायतों के निवारण से संबंधित प्रावधानों की जानकारी दी गई।
कार्यशाला की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. जगदीश चौहान ने की, जबकि प्रो. विम्मी रानी ने मुख्य वक्ता के रूप में विद्यार्थियों और संकाय सदस्यों को महत्वपूर्ण जानकारी दी। प्राचार्य डॉ. जगदीश चौहान ने कहा कि महिलाओं की हर क्षेत्र में भागीदारी लगातार बढ़ रही है। ऐसे में उनके लिए सुरक्षित और गरिमापूर्ण कार्यस्थल सुनिश्चित करना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने विद्यार्थियों और शिक्षकों से महिलाओं के अधिकारों के प्रति जागरूक रहने का आह्वान किया।
मुख्य वक्ता प्रो. विम्मी रानी ने कार्यस्थल पर महिलाओं का लैंगिक उत्पीड़न (निषेध, रोकथाम एवं निवारण) अधिनियम, 2013 के विभिन्न प्रावधानों की जानकारी दी। उन्होंने लैंगिक उत्पीड़न के स्वरूप, इसकी रोकथाम के उपायों, शिकायत दर्ज करवाने की प्रक्रिया तथा आंतरिक शिकायत समिति की भूमिका को विस्तार से समझाया।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि प्रत्येक महिला को सुरक्षित और सम्मानजनक कार्यस्थल का अधिकार है। कार्यस्थल पर किसी भी प्रकार के लैंगिक उत्पीड़न को नजरअंदाज करने के बजाय निर्धारित प्रक्रिया के तहत शिकायत दर्ज करवाना जरूरी है। उन्होंने विद्यार्थियों को उनके अधिकारों और उपलब्ध शिकायत निवारण व्यवस्था के बारे में भी जागरूक किया।
--
सवाल-जवाब के जरिये दूर की भ्रांतियां
कार्यशाला के दौरान विद्यार्थियों और संकाय सदस्यों ने लैंगिक उत्पीड़न तथा शिकायत प्रक्रिया से जुड़े विभिन्न सवाल पूछे। प्रो. विम्मी रानी ने सरल भाषा में उनके जवाब देकर प्रतिभागियों की शंकाओं का समाधान किया। उन्होंने कहा कि जागरूकता और संवेदनशीलता के माध्यम से ही कार्यस्थल को महिलाओं के लिए अधिक सुरक्षित बनाया जा सकता है।
कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों ने महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और समानता को सुनिश्चित करने के लिए सामूहिक जिम्मेदारी निभाने पर जोर दिया। इस अवसर पर प्रो. उत्तमा पांडे, प्रो. स्वाति, प्रो. कमलेश, प्रो. यशपाल, प्रो. नंदिनी, कल्याण राणा, प्रो. रेखा, अमिता जोशी और प्रो. नीलम अंगिरस सहित अन्य उपस्थित रहे।-- -- -- -- --
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
पांवटा साहिब (सिरमौर)। कार्यस्थल पर महिलाओं को सुरक्षित, सम्मानजनक और भेदभाव मुक्त वातावरण उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से श्री गुरु गोबिंद सिंह जी राजकीय महाविद्यालय पांवटा साहिब में कार्यशाला का आयोजन किया गया। महाविद्यालय की आंतरिक शिकायत समिति की ओर से आयोजित कार्यशाला में महिलाओं के लैंगिक उत्पीड़न की रोकथाम, शिकायत प्रक्रिया और शिकायतों के निवारण से संबंधित प्रावधानों की जानकारी दी गई।
कार्यशाला की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. जगदीश चौहान ने की, जबकि प्रो. विम्मी रानी ने मुख्य वक्ता के रूप में विद्यार्थियों और संकाय सदस्यों को महत्वपूर्ण जानकारी दी। प्राचार्य डॉ. जगदीश चौहान ने कहा कि महिलाओं की हर क्षेत्र में भागीदारी लगातार बढ़ रही है। ऐसे में उनके लिए सुरक्षित और गरिमापूर्ण कार्यस्थल सुनिश्चित करना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने विद्यार्थियों और शिक्षकों से महिलाओं के अधिकारों के प्रति जागरूक रहने का आह्वान किया।
विज्ञापन
मुख्य वक्ता प्रो. विम्मी रानी ने कार्यस्थल पर महिलाओं का लैंगिक उत्पीड़न (निषेध, रोकथाम एवं निवारण) अधिनियम, 2013 के विभिन्न प्रावधानों की जानकारी दी। उन्होंने लैंगिक उत्पीड़न के स्वरूप, इसकी रोकथाम के उपायों, शिकायत दर्ज करवाने की प्रक्रिया तथा आंतरिक शिकायत समिति की भूमिका को विस्तार से समझाया।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि प्रत्येक महिला को सुरक्षित और सम्मानजनक कार्यस्थल का अधिकार है। कार्यस्थल पर किसी भी प्रकार के लैंगिक उत्पीड़न को नजरअंदाज करने के बजाय निर्धारित प्रक्रिया के तहत शिकायत दर्ज करवाना जरूरी है। उन्होंने विद्यार्थियों को उनके अधिकारों और उपलब्ध शिकायत निवारण व्यवस्था के बारे में भी जागरूक किया।
सवाल-जवाब के जरिये दूर की भ्रांतियां
कार्यशाला के दौरान विद्यार्थियों और संकाय सदस्यों ने लैंगिक उत्पीड़न तथा शिकायत प्रक्रिया से जुड़े विभिन्न सवाल पूछे। प्रो. विम्मी रानी ने सरल भाषा में उनके जवाब देकर प्रतिभागियों की शंकाओं का समाधान किया। उन्होंने कहा कि जागरूकता और संवेदनशीलता के माध्यम से ही कार्यस्थल को महिलाओं के लिए अधिक सुरक्षित बनाया जा सकता है।
कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों ने महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और समानता को सुनिश्चित करने के लिए सामूहिक जिम्मेदारी निभाने पर जोर दिया। इस अवसर पर प्रो. उत्तमा पांडे, प्रो. स्वाति, प्रो. कमलेश, प्रो. यशपाल, प्रो. नंदिनी, कल्याण राणा, प्रो. रेखा, अमिता जोशी और प्रो. नीलम अंगिरस सहित अन्य उपस्थित रहे।

पांवटा साहिब कॉलेज में आयोजित जागरूकता कार्यशाला में भाग लेते प्रचार्य , विशेष वक्ता वी अन्य। स