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Sirmour News: कामकाजी महिला छात्रावास को तीन साल से शुरू होने का इंतजार
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रामपुरघाट में 3.44 करोड़ बजट से कामकाजी महिलाओं के लिए तैयार छात्रावास। संवाद
काॅमन के लिए
कामकाजी महिला छात्रावास को तीन साल से शुरू होने का इंतजार
3.44 करोड़ बजट से तैयार योजना के प्रति सरकार और विभाग का उदासीन रवैया
तीन साल बाद भी योजना के उद्घाटन का इंतजार
सुरेश तोमर
पांवटा साहिब (सिरमौर)। देश में महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की ओर से कामकाजी महिलाओं के लिए महत्वपूर्ण योजना शुरू की गई है। इसमें शहरी, अर्ध शहरी यहां तक कि ग्रामीण क्षेत्रों की और रोजगार के लिए निकलने वाली कामकाजी महिलाओं को छात्रावास की सुविधा प्रदान करना रहा है। इसी उद्देश्य से पांवटा साहिब के रामपुरघाट मेंं भी तीन साल पहले कामकाजी महिलाओं के लिए करीब 3.44 करोड़ बजट से 24 कमरे वाला तीन मंजिला छात्रावास भवन बन कर तैयार है। इस भवन को अब तक भी उद्धघाटन का इंतजार है। अब तक भी कोई भी लाभ पात्र कामकाजी महिलाओं को नहीं मिल पा रहा है।
बता दें कि इस योजना के तहत 18 मई, 2018 को कार्य शुरू हुआ था। छात्रावास योजना प्रोजेक्ट का कुल अनुमानित बजट 3.72 करोड़ रुपये रखा था। इस योजना के लिए कुल 3.44 करोड़ रुपये बजट पहुंंचा जिससे पांवटा साहिब के रामपुरघाट में तीन मंजिला छात्रावास भवन बना। इस योजना का कार्य 15 जनवरी, 2022 को पूरा हो चुका है। उसके बाद भवन को हिमाचल प्रदेश महिला एवं बाल विकास विभाग निदेशक को हैंडओवर कर दिया है। इस भवन में मैदानी तल पर डाइनिंग हॉल, बहुउद्देश्यीय हाल, फर्नीचर रूम, चार कमरे रसोई और शौचालय बने हैं।
भवन के फर्स्ट फ्लोर (प्रथम तल) पर 10 कमरे और रसोई, शौचालय सुविधा सहित केयर टेकर ऑफिस भी बना है। सेकेंड फ्लोर (दूसरे तल) पर रसोई, शौचालय, 10 कमरे और मुख्य कक्ष का निर्माण करवाया गया है। बन कर तैयार हुई कामगाजी छात्रावास योजना का अब तक भी कोई भी लाभ पात्र कामकाजी महिलाओं को नहीं मिल पा रहा है।
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सीडीपीओ पांवटा साहिब गीता सिंगटा ने कहा कि छात्रावास भवन योजना का कार्य बीएसएनएल के माध्यम से हुआ है। अभी तक इस योजना के तहत चहारदीवारी का कार्य होना शेष है। साथ ही लिपिक, वार्डन, सफाई कर्मी और फर्नीचर सुविधा उपलब्ध होनी है। उसके बाद ही छात्रावास भवन के कमरों को कामकाजी महिलाओं के लिए आवंटित किया जा सकेगा।
संवाद
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कामकाजी महिला छात्रावास को तीन साल से शुरू होने का इंतजार
3.44 करोड़ बजट से तैयार योजना के प्रति सरकार और विभाग का उदासीन रवैया
तीन साल बाद भी योजना के उद्घाटन का इंतजार
सुरेश तोमर
पांवटा साहिब (सिरमौर)। देश में महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की ओर से कामकाजी महिलाओं के लिए महत्वपूर्ण योजना शुरू की गई है। इसमें शहरी, अर्ध शहरी यहां तक कि ग्रामीण क्षेत्रों की और रोजगार के लिए निकलने वाली कामकाजी महिलाओं को छात्रावास की सुविधा प्रदान करना रहा है। इसी उद्देश्य से पांवटा साहिब के रामपुरघाट मेंं भी तीन साल पहले कामकाजी महिलाओं के लिए करीब 3.44 करोड़ बजट से 24 कमरे वाला तीन मंजिला छात्रावास भवन बन कर तैयार है। इस भवन को अब तक भी उद्धघाटन का इंतजार है। अब तक भी कोई भी लाभ पात्र कामकाजी महिलाओं को नहीं मिल पा रहा है।
बता दें कि इस योजना के तहत 18 मई, 2018 को कार्य शुरू हुआ था। छात्रावास योजना प्रोजेक्ट का कुल अनुमानित बजट 3.72 करोड़ रुपये रखा था। इस योजना के लिए कुल 3.44 करोड़ रुपये बजट पहुंंचा जिससे पांवटा साहिब के रामपुरघाट में तीन मंजिला छात्रावास भवन बना। इस योजना का कार्य 15 जनवरी, 2022 को पूरा हो चुका है। उसके बाद भवन को हिमाचल प्रदेश महिला एवं बाल विकास विभाग निदेशक को हैंडओवर कर दिया है। इस भवन में मैदानी तल पर डाइनिंग हॉल, बहुउद्देश्यीय हाल, फर्नीचर रूम, चार कमरे रसोई और शौचालय बने हैं।
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भवन के फर्स्ट फ्लोर (प्रथम तल) पर 10 कमरे और रसोई, शौचालय सुविधा सहित केयर टेकर ऑफिस भी बना है। सेकेंड फ्लोर (दूसरे तल) पर रसोई, शौचालय, 10 कमरे और मुख्य कक्ष का निर्माण करवाया गया है। बन कर तैयार हुई कामगाजी छात्रावास योजना का अब तक भी कोई भी लाभ पात्र कामकाजी महिलाओं को नहीं मिल पा रहा है।
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सीडीपीओ पांवटा साहिब गीता सिंगटा ने कहा कि छात्रावास भवन योजना का कार्य बीएसएनएल के माध्यम से हुआ है। अभी तक इस योजना के तहत चहारदीवारी का कार्य होना शेष है। साथ ही लिपिक, वार्डन, सफाई कर्मी और फर्नीचर सुविधा उपलब्ध होनी है। उसके बाद ही छात्रावास भवन के कमरों को कामकाजी महिलाओं के लिए आवंटित किया जा सकेगा।
संवाद