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Sirmour News: दाहन पंचायत में झोंपड़ी में लगी आग, जिंदा जली महिला
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दाहन पंचायत में झोंपड़ी में लगी आग, जिंदा जली महिला
भीषण अग्निकांड के बीच सात भेड़-बकरियां भी जलकर मरीं
संवाद न्यूज एजेंसी
राजगढ़ (सिरमौर)। ग्राम पंचायत दाहन के रुग गांव में एक झोंपड़ी में आग लगने से एक महिला की जिंदा जलकर मौत हो गई। इस घटना में सात भेड़ बकरियां भी जल गईं। पंचायत के पूर्व उपप्रधान अनिल पुंडीर ने इस घटना की जानकारी पुलिस को टेलीफोन पर दी।
बताया जा रहा है कि स्थानीय लोगों ने बुझाने के प्रयास किए लेकिन उसकी पत्नी को बाहर नहीं निकाला जा सका और वह अंदर ही जल गई।
पुलिस दल ने मौके पर जाकर पाया कि देवेंद्र ने गर्मी के मौसम में अपने घोड़ों व बकरियों के लिए सैर जंगल में लकड़ी की टहनियों व पेड़ की पतियों से एक छान/झोपड़ी बनाई थी, जिस पर प्लास्टिक की तिरपाल डाली गई थी।
वीरवार रात करीब आठ बजे देवेंद्र की पत्नी मेहंदी देवी (35) नहाने के बाद टीन की एक अंगेठी में आग सेक रही थी। आग सेंकते वक्त मेंहदी देवी ने टीन की इस अंगेठी पर लगे ढक्कन को खोल दिया, जिससे एकदम झोंपड़ी ने आग पकड़ ली।
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आग लगने के कारण झोपड़ी के अंदर बंधा घोड़ा बिदककर बाहर निकल गया। इस बीच झोपड़ी के अंदर मेंहदी देवी मदद के लिए चीख पुकार करने लगी तो झोपड़ी के बाहर नहाने निकले देवेंद्र ने अपनी पत्नी को बचाने के लिए झोंपड़ी के अंदर जाना चाहा लेकिन धुआं व आग की ऊंची लपटों के बीच वह अंदर नहीं जा सका।
इसके बाद आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और आग को बुझाया लेकिन तब तक मेंहदी देवी की झोंपड़ी के अंदर पूरी तरह झुलसने से मृत्यु हो चुकी थी और झोपड़ी में बंधी सात बकरियां भी जलकर मर गईं।
डीएसपी अरुण मोदी ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि शव का पोस्टमार्टम कर परिजनों को सौंप दिया गया है।
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भीषण अग्निकांड के बीच सात भेड़-बकरियां भी जलकर मरीं
संवाद न्यूज एजेंसी
राजगढ़ (सिरमौर)। ग्राम पंचायत दाहन के रुग गांव में एक झोंपड़ी में आग लगने से एक महिला की जिंदा जलकर मौत हो गई। इस घटना में सात भेड़ बकरियां भी जल गईं। पंचायत के पूर्व उपप्रधान अनिल पुंडीर ने इस घटना की जानकारी पुलिस को टेलीफोन पर दी।
बताया जा रहा है कि स्थानीय लोगों ने बुझाने के प्रयास किए लेकिन उसकी पत्नी को बाहर नहीं निकाला जा सका और वह अंदर ही जल गई।
पुलिस दल ने मौके पर जाकर पाया कि देवेंद्र ने गर्मी के मौसम में अपने घोड़ों व बकरियों के लिए सैर जंगल में लकड़ी की टहनियों व पेड़ की पतियों से एक छान/झोपड़ी बनाई थी, जिस पर प्लास्टिक की तिरपाल डाली गई थी।
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वीरवार रात करीब आठ बजे देवेंद्र की पत्नी मेहंदी देवी (35) नहाने के बाद टीन की एक अंगेठी में आग सेक रही थी। आग सेंकते वक्त मेंहदी देवी ने टीन की इस अंगेठी पर लगे ढक्कन को खोल दिया, जिससे एकदम झोंपड़ी ने आग पकड़ ली।
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आग लगने के कारण झोपड़ी के अंदर बंधा घोड़ा बिदककर बाहर निकल गया। इस बीच झोपड़ी के अंदर मेंहदी देवी मदद के लिए चीख पुकार करने लगी तो झोपड़ी के बाहर नहाने निकले देवेंद्र ने अपनी पत्नी को बचाने के लिए झोंपड़ी के अंदर जाना चाहा लेकिन धुआं व आग की ऊंची लपटों के बीच वह अंदर नहीं जा सका।
इसके बाद आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और आग को बुझाया लेकिन तब तक मेंहदी देवी की झोंपड़ी के अंदर पूरी तरह झुलसने से मृत्यु हो चुकी थी और झोपड़ी में बंधी सात बकरियां भी जलकर मर गईं।
डीएसपी अरुण मोदी ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि शव का पोस्टमार्टम कर परिजनों को सौंप दिया गया है।