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गायनी ओपीडी में चिकित्सक न मिलने से निराश लौटीं महिलाएं

Tue, 10 Aug 2021 11:15 PM IST
Shimla	 Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Tue, 10 Aug 2021 11:15 PM IST
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woman and nahan hospital facility
मेडिकल कॉलेज नाहन के गायनी ओपीडी के बाहर इंतजार में बैठीं महिलाएं। - फोटो : NAHAN
नाहन (सिरमौर)। डॉ. यशवंत सिंह परमार मेडिकल नाहन में गर्भवती महिलाओं का मर्ज कम नहीं हो रहा है। मंगलवार दोपहर बाद ओपीडी में किसी चिकित्सक की सेवाएं न मिलने से महिलाओं को निराश होकर लौटना पड़ा। हालांकि, यह पहला मौका नहीं है। हर दिन महिलाएं अपने उपचार संबंधी कई दुश्वारियों का सामना करती आ रही हैं। कई चक्कर काटने के बाद भी मरीजों का नंबर नहीं लग रहा है।
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जिले के दूरदराज क्षेत्रों से महिलाएं अपने उपचार के लिए बड़ी उम्मीद से मेडिकल कॉलेज पहुंचती हैं लेकिन यहां जांच कराना तो दूर की बात, ओपीडी में नंबर पड़ना भी मुश्किल हो चला है। मंगलवार शाम जब ‘अमर उजाला’ ने मेडिकल कॉलेज का दौरा किया तो कई महिलाएं ओपीडी के बाहर अपनी बारी की प्रतीक्षा में देखी गईं। कई बैंच पर बैठी थीं तो कोई खड़े-खड़े इंतजार कर रही थीं। कुछ मरीज निराश होकर घर लौटतीं दिखाई दीं। बता दें कि मेडिकल कॉलेज नाहन में तीन स्त्री रोग विशेषज्ञ हैं। इनमें एक विशेषज्ञ सप्ताहभर की छुट्टी पर हैं। एक चिकित्सक की ड्यूटी ज्यादातर इमरजेंसी (ओटी) में रहती है। जबकि, एक चिकित्सक को कॉलेज में प्रशिक्षु चिकित्सकों की क्लास लेना भी जरूरी है। एक साथ तीनों विशेषज्ञों के होने पर भी एक की नाइट ड्यूटी रहती है। ऐसे हालत में सिर्फ गर्भवती महिलाओं को ही दिक्कतें झेलनी हैं।
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रेणुका क्षेत्र से इलाज के लिए पहुंचीं मनीषा, बिरला बायला की सुनीता देवी, संगड़ाह के बड़ग की वंदना, नाहन के तालों की चमेली और कडंयीवाला की रीना आदि ने बताया कि वह हर दिन ओपीडी के चक्कर काट रही हैं लेकिन नंबर नहीं आ रहा। जबकि, महीने भर पहले चैकअप के लिए डेट मिली है। दूरदराज से पहुंची महिलाओं ने कहा कि जांच के लिए नंबर न आने से वह परेशान हैं। न वह घर जा सकती हैं। नाहन रहकर भी खानपान और ठहरने संबंधी दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं।
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मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एनके महेंद्रू ने बताया कि ओपीडी में तीन स्त्री रोग विशेषज्ञ हैं, जिनपर ओपीडी देखने के साथ साथ इमरजेंसी, नाइट ड्यूटी और प्रशिक्षुओं को पढ़ाने का भी जिम्मा है। फिर भी ओपीडी में व्यवस्थाएं सुधारी जा रही हैं।
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