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जिले में तीस फीसदी गेहूं की बिजाई रुकी
ब्यूरो/अमर उजाला/नाहराधार
Updated Mon, 12 Dec 2016 11:30 PM IST
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किसान
- फोटो : amar ujala
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जिले में करीब तीन महीने से बारिश नहीं हुई। बारिश नहीं होने से यहां सूखे जैसे हालात बन गए हैं। सूखे का सीधा असर अब फसलों पर पड़ रहा है। सूखे की वजह से जिले में करीब तीस फीसदी गेहूं की बिजाई लटक गई है। जबकि, लहसुन की फसल पर भी संकट के बादल मंडराने लगे हैं। ऐसे में किसान अपनी फसल को लेकर चिंतित हो गए हैं। अत्यधिक ठंठ और कोहरे की वजह से लहसुन की फसल पीली पड़ने लगी है।
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नौहराधार इलाके में लहसुन की फसल को सबसे अधिक नुकसान पहुंचा है। जिला सिरमौर की अधिकतर आर्थिकी कृषि पर ही आधारित है। 90 फीसदी से अधिक ग्रामीण कृषि-बागवानी पर निर्भर हैं। कुल 2,24,749 क्षेत्रफल में से 41226 हेक्टेयर भूमि पर कृषि की खेतीबाड़ी की जाती है। इसमें 2800 हेक्टेयर भूमि में गेहूं की बिजाई की जाती है। जबकि, नौहराधार इलाके में लहसुन का उत्पादन बड़े पैमाने पर किया जाता है। लेकिन, 80 फीसदी कृषि बारिश पर निर्भर होने के कारण किसानों को इस साल आर्थिक तौर पर नुकसान उठाना पड़ा है।
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एक तो गेहूं की बिजाई हो नहीं पा रही और दूसरा खेतों में बीजी गई लहसुन भी खराब होने लगी है। यदि बारिश नहीं हुई तो लहसुन की फसल तबाह हो जाएगी। किसान राजेंद्र सिंह, रघुवीर सिंह, तपेंद्र, सुरेंद्र सिंह, लेख राम, राजपाल, इंद्रपाल, जितेंद्र सिंह, सुरेश आदि ने बताया कि जमीन में नमी नहीं होने के कारण फसल पर संकट खड़ा हो गया है। इस वजह से वह न तो खाद का प्रयोग कर पा रहे हैं और न ही दवाई का। यदि जल्द बारिश न हुई तो किसानों को और नुकसान उठाना पड़ सकता है।
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जल्द बारिश न हुई तो होगा भारी नुकसान
जिले के विभिन्न इलाकों में करीब तीस फीसदी किसान अभी तक गेहूं की बिजाई नहीं कर पाए हैं। किसानों का कहना है कि जल्द बारिश नहीं हुई तो इस साल उन्हें नुकसान उठाना पड़ सकता है। जिला की कुल कृषि योग्य भूमि में से महज 8245 हेक्टेयर में ही सिंचाई की सुविधा उपलब्ध है। किसान वेद राम, प्रताप सिंह, सुनील तोमर, अकरम खान ने बताया कि भयंकर सूखा पड़ने से वह गेहूं की बिजाई नहीं कर पा रहे हैं। बिना बारिश के खेत सूखे हैं। नमी नहीं होने से बिजाई का कोई फायदा नहीं है। हजारों रुपये से खरीदा गया बीज भी बेकार पड़ा हुआ है। इधर, जिन किसानों ने बिजाई की है, वे भी चिंतित हो गए हैं। उधर, कृषि उप निदेशक कुलवंत सिंह ने बताया कि फसलों के लिए इन दिनों बारिश की नितांत आवश्यकता है।