{"_id":"5720c4a94f1c1bf631a91f14","slug":"water-problem-increase-in-pachad-area","type":"story","status":"publish","title_hn":"पच्छाद क्षेत्र में सूखे स्रोत, मवेशियों को भी पेयजल नहीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पच्छाद क्षेत्र में सूखे स्रोत, मवेशियों को भी पेयजल नहीं
अमर उजाला ब्यूरो सराहां (सिरमौर)।
Updated Wed, 27 Apr 2016 07:25 PM IST
विज्ञापन
बूंद-बूंद को तरसती जिंदगी और बत्तर होते हालात
- फोटो : सौतिक बिश्वास
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सराहां(सिरमौर)। सूखे की चपेट में पेयजल, सिंचाई व मवेशियों को पानी के लाले पड़ते जा रहे है। हर तरफ से परेशान पच्छाद क्षेत्रवासी इंद्रदेवता व स्थानीय क्षेत्र में ख्वाजा की पूजा-अर्चना कर रहे हैं। देवताओं की पूजा-अर्चना कर बारिश की दुआएं मांग रहे हैं जिससे दिनों दिन बिगड़ते हालात पर काबू पाया जा सके। स्थानीय ग्रामीणों, महिला मंडल व युवक मंडल ने बढ़ चढ़कर भाग लिया।
विज्ञापन
स्थानीय क्षेत्र के ग्रामीणों मीरा देवी, भूपेंद्र, अशोक, विनोद, रीना, रितिक, गुलशन, नीरा शर्मा व कंचन ने बताया कि सूखा पड़ने से फसलें बर्बाद हो रही हैं। मवेशियों को पीने के पानी की कमी है। इसलिए, जल देवता इंद्रदेव से जल्द कृपा कर बारिश के लिए प्रार्थना की जा रही है। इंद्र देवता को खुश करने के लिए काहन वासियों ने पूजा पाठ शुरू किया है। जल देवता या ख्वाजा को मीठे चावल का भोग लगाया। पच्छाद क्षेत्र में सूखे के कारण जल स्रोत भी सूख चूके हैं जिस कारण फसलें भी बर्बादी के कगार पर पहुंच गई हैं।
विज्ञापन
क्षेत्रवासियों को भय सता रहा है कि हालात नहीं बदले तो पीने के पानी के भी लाले पड़ सकते हैं जिससे पशुओं को पानी मुहैया करवाना पाना भी टेढ़ी खीर साबित होगा।
विज्ञापन
पच्छाद क्षेत्र में पिछले लंबे समय से वर्षा न होने के चलते पेयजल संकट पैदा होता जा रहा है। सूखे की हालत बन गई है। कई जल स्रोत सूख गए हैं। क्षेत्र में लगी फसलें बुरी तरह प्रभावित होने लगी हैं। मेहनतकश किसानों की टमाटर व प्याज की फसलें लगभग आधी ही रह गई है। यही हाल शिमला मिर्च, प्रमुख नकदी फसल अदरक व अन्य फसलों का होता जा रहा है। क्षेत्र के किसान-बागवान सूखे से परेशान हैं। इसलिए सराहां की साथ लगती बनाह धिन्नी पंचायत के ग्राम काहन में इंद्रदेव को खुश व प्रसन्न करने के लिए पूजा-अर्चना की गई। देवता के लिए पाठ किया साथ ही ख्वाजा को मीठे चावल का भोग भी लगाया। इसके बाद क्षेत्र के ग्रामीणों में प्रसाद वितरित किया गया। ग्रामीण कहते हैं कि सूखा पड़ने से फसलें बर्बाद हो रही हैं, मवेशियों को पीने के पानी की समस्या आ रही है। अब जल देव माने जाने वाले इंद्रदेव की पूजा-अर्चना कर बारिश की कामना की जा रही है।
----------------