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Sirmour News: छोऊ भोगर पंचायत के वार्ड नंबर दो में पानी की बूंद-बूंद को तरसे लोग
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संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। रेणुका विधानसभा क्षेत्र की छोऊ भोगर पंचायत के वार्ड नंबर दो पट्टीखदना में लोग पीने के पानी की बूंद-बूंद को तरस गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि गांव के लिए जिस सोर्स से योजना बनी है, वहां पानी खत्म हो चुका है। इस कारण पशु और लोग एक ही जगह से पानी पी रहे हैं जो कि नाकाफी है।
इस समस्या को लेकर क्षेत्र के लोगों का एक प्रतिनिधिमंडल नाहन आकर उपायुक्त से मिला और उनको ज्ञापन दिया। प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त को बताया कि हर साल यही दिक्कत रहती है। ऐसे में नये सोर्स से योजना बनाने के लिए पंचायत से प्रस्ताव पारित करवाया था। इसके बाद आगे की कार्रवाई हुई, मामला बीडीओ कार्यालय तक भी पहुंच गया। हैरानी की बात यह है कि अचानक से स्वीकृत पैसा वापस कर दिया गया। इस कारण नये सोर्स से पानी नहीं मिल पा रहा है। उन्होंंने उपायुक्त से नए स्रोत से पानी उपलब्ध करवाने के लिए उचित कार्रवाई करने की मांग की।
प्रतिनिधिमंडल में शामिल इंद्र, रणबीर चौहान ने बताया कि पानी के संकट से जूझ रहे गांव में सारे लोग अनुसूचित जाति वर्ग से हैं। यहां पशु और इंसान एक ही जगह से पानी पीने को विवश हैं। उन्होंने कहा कि जहां से उनको पानी उपलब्ध करवाया जाना था, वो जमीन और पानी का सोर्स सरकारी जमीन पर है। उन्होंने कहा कि यदि सात दिन के भीतर इस मामले में उचित कार्रवाई नहीं की गई तो वह सड़कों पर उतरने से भी गुरेज नहीं करेंगे।
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-- -संवाद
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नाहन (सिरमौर)। रेणुका विधानसभा क्षेत्र की छोऊ भोगर पंचायत के वार्ड नंबर दो पट्टीखदना में लोग पीने के पानी की बूंद-बूंद को तरस गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि गांव के लिए जिस सोर्स से योजना बनी है, वहां पानी खत्म हो चुका है। इस कारण पशु और लोग एक ही जगह से पानी पी रहे हैं जो कि नाकाफी है।
इस समस्या को लेकर क्षेत्र के लोगों का एक प्रतिनिधिमंडल नाहन आकर उपायुक्त से मिला और उनको ज्ञापन दिया। प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त को बताया कि हर साल यही दिक्कत रहती है। ऐसे में नये सोर्स से योजना बनाने के लिए पंचायत से प्रस्ताव पारित करवाया था। इसके बाद आगे की कार्रवाई हुई, मामला बीडीओ कार्यालय तक भी पहुंच गया। हैरानी की बात यह है कि अचानक से स्वीकृत पैसा वापस कर दिया गया। इस कारण नये सोर्स से पानी नहीं मिल पा रहा है। उन्होंंने उपायुक्त से नए स्रोत से पानी उपलब्ध करवाने के लिए उचित कार्रवाई करने की मांग की।
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प्रतिनिधिमंडल में शामिल इंद्र, रणबीर चौहान ने बताया कि पानी के संकट से जूझ रहे गांव में सारे लोग अनुसूचित जाति वर्ग से हैं। यहां पशु और इंसान एक ही जगह से पानी पीने को विवश हैं। उन्होंने कहा कि जहां से उनको पानी उपलब्ध करवाया जाना था, वो जमीन और पानी का सोर्स सरकारी जमीन पर है। उन्होंने कहा कि यदि सात दिन के भीतर इस मामले में उचित कार्रवाई नहीं की गई तो वह सड़कों पर उतरने से भी गुरेज नहीं करेंगे।
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