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पानी के पाइप जाम, हरिपुरधार में पेयजल संकट
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हरिपुरधार (सिरमौर)। मौसम साफ होते ही एक और आफत ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। आसमान से बदलों के हटने से रात को पाला जमने लगा है। पाला जमने से रात के तापमान में भारी गिरावट आ गई है।
वीरवार सुबह 4 बजे हरिपुरधार का तापमान लुढ़ककर माइनस 7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। पाला जमने के कारण तापमान में आई भारी गिरावट के कारण हरिपुरधार बाजार में पानी की सभी लाइनें जाम हो गई हैं। इसके कारण बाजार में पीने के पानी का गंभीर संकट पैदा हो गया। लोग सुबह जब नींद से जागे तो छतों पर पानी की टंकियां पूरी तरह से जमी हुई थीं। नलों में पानी की बूंद तक नहीं आ रही थी। लोगों को प्यास बुझाने, खाना बनाने, कपड़े धोने और नहाने के लिए बर्फ को पिघला कर उसके पानी को इस्तेमाल करने के लिए मजबूर हो गए हैं।
शौचालयों में पानी न आने के कारण लोगों को शौच के लिए भी जंगल में जाना पड़ा। आसपास के कई ग्रामीण इलाकों में भी पानी की लाइनें जाम हो गईं। हालांकि दिन में धूप निकलने के बाद कुछ इलाकों में पानी आना शुरू हो गया। इससे लोगों को राहत मिली। अगले कुछ दिनों तक पाला जमने की संभावना है। इसलिए अगले कई दिनों तक पेयजल संकट का सामना करना पड़ सकता है। कनिष्ठ अभियंता राजेंद्र चौहान ने बताया कि पाला जमने से समस्या पैदा हो रही है। दिन के समय धूप खिलने से लोगों को पानी मिल रहा है।
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वीरवार सुबह 4 बजे हरिपुरधार का तापमान लुढ़ककर माइनस 7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। पाला जमने के कारण तापमान में आई भारी गिरावट के कारण हरिपुरधार बाजार में पानी की सभी लाइनें जाम हो गई हैं। इसके कारण बाजार में पीने के पानी का गंभीर संकट पैदा हो गया। लोग सुबह जब नींद से जागे तो छतों पर पानी की टंकियां पूरी तरह से जमी हुई थीं। नलों में पानी की बूंद तक नहीं आ रही थी। लोगों को प्यास बुझाने, खाना बनाने, कपड़े धोने और नहाने के लिए बर्फ को पिघला कर उसके पानी को इस्तेमाल करने के लिए मजबूर हो गए हैं।
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शौचालयों में पानी न आने के कारण लोगों को शौच के लिए भी जंगल में जाना पड़ा। आसपास के कई ग्रामीण इलाकों में भी पानी की लाइनें जाम हो गईं। हालांकि दिन में धूप निकलने के बाद कुछ इलाकों में पानी आना शुरू हो गया। इससे लोगों को राहत मिली। अगले कुछ दिनों तक पाला जमने की संभावना है। इसलिए अगले कई दिनों तक पेयजल संकट का सामना करना पड़ सकता है। कनिष्ठ अभियंता राजेंद्र चौहान ने बताया कि पाला जमने से समस्या पैदा हो रही है। दिन के समय धूप खिलने से लोगों को पानी मिल रहा है।
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