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ग्रामीणों के विरोध के बावजूद रात को पेड़ों का कटान करना गलत : चौहान
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-समाजसेवी नाथूराम चौहान ने पत्रकारवार्ता में पेड़ कटान को लेकर उठाए सवाल
संवाद न्यूज़ एजेंसी
पांवटा साहिब (सिरमौर)। ग्रामीणों के विरोध के बावजूद रात के समय हरे साल के पेड़ों को काट दिया गया। नारीवाला जम्मूखाला से छल्लूवाला संपर्क मार्ग में पेड़ कटान को लेकर ग्रामीण लामबंद होते रहे हैं। ऐसे में वन विभाग की इतनी क्या मजबूरी रही होगी कि रात के अंधेरे में पेड़ों को काटना पड़ा। इस बारे में स्थानीय चयनित प्रतिनिधियों व कथित पर्यावरण प्रेमियों की चुप्पी भी हैरान करने वाली है। समाजसेवी नाथूराम चौहान ने सोमवार को पत्रकार वार्ता में ये सवाल उठाए।
चौहान ने कहा कि कभी पांवटा साहिब के इन जंगलों में अतिक्रमण बढ़ता जा रहा है। जंगल में ऐसे क्षेत्रों को सड़क सुविधा से जोड़ा जा रहा है। ग्रामीणों ने बड़ी संख्या में पेड़ों को काटने से पर्यावरण को होने वाली क्षति से अवगत करवाया था। ग्रामीणों का आरोप है कि उनकी आपत्तियों व वन अधिकार अधिनियम के तहत मुद्दों पर विचार किए बिना ही जंगल में पेड़ों का रात को कटान कर दिया गया। इससे स्थानीय ग्रामीणों में काफी नाराजगी व्याप्त है।
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संवाद न्यूज़ एजेंसी
पांवटा साहिब (सिरमौर)। ग्रामीणों के विरोध के बावजूद रात के समय हरे साल के पेड़ों को काट दिया गया। नारीवाला जम्मूखाला से छल्लूवाला संपर्क मार्ग में पेड़ कटान को लेकर ग्रामीण लामबंद होते रहे हैं। ऐसे में वन विभाग की इतनी क्या मजबूरी रही होगी कि रात के अंधेरे में पेड़ों को काटना पड़ा। इस बारे में स्थानीय चयनित प्रतिनिधियों व कथित पर्यावरण प्रेमियों की चुप्पी भी हैरान करने वाली है। समाजसेवी नाथूराम चौहान ने सोमवार को पत्रकार वार्ता में ये सवाल उठाए।
चौहान ने कहा कि कभी पांवटा साहिब के इन जंगलों में अतिक्रमण बढ़ता जा रहा है। जंगल में ऐसे क्षेत्रों को सड़क सुविधा से जोड़ा जा रहा है। ग्रामीणों ने बड़ी संख्या में पेड़ों को काटने से पर्यावरण को होने वाली क्षति से अवगत करवाया था। ग्रामीणों का आरोप है कि उनकी आपत्तियों व वन अधिकार अधिनियम के तहत मुद्दों पर विचार किए बिना ही जंगल में पेड़ों का रात को कटान कर दिया गया। इससे स्थानीय ग्रामीणों में काफी नाराजगी व्याप्त है।
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