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Sirmour News: क्या पढ़ेंगे बच्चे जब अंग्रेजी, गणित, हिंदी विषयों के शिक्षक ही नहीं
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क्या पढ़ेंगे बच्चे जब अंग्रेजी, गणित, हिंदी विषयों के शिक्षक ही नहीं
पच्छाद के मानगढ़ स्कूल में पढ़ रहे 129 विद्यार्थियों का भविष्य दांव पर
स्कूल प्रबंधन समिति प्रस्ताव भेज भेजकर थक चुकी, नहीं भेजे शिक्षक
संवाद न्यूज एजेंसी
सराहां (सिरमौर)। शिक्षा विभाग और सरकार रंगरोगन से सरकारी विद्यालयों को चमका तो जरूर रही लेकिन शिक्षकों का प्रबंधन नहीं कर रही है। इस वजह से बच्चों को घरद्वार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के सरकारी दावों की लगातार हवा निकल रही हैं।
पच्छाद विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला मानगढ़ का भी कुछ ऐसा ही हाल है। इस पाठशाला में शिक्षकों और गैर शिक्षकों के 8 पद रिक्त चल रहे हैं। इससे स्कूल में दाखिला ले चुके विद्यार्थियों का भविष्य अंधकार में डूब रहा है। स्कूल प्रबंधन विद्यार्थियों को जुगाड़ के सहारे शिक्षा प्रदान कर रहा है।
कभी कोई शिक्षक किसी अन्य विषय को पढ़ा रहा तो कभी कोई। ऐसे में बच्चों का भविष्य कैसे संवरेगा, इसका अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है।
जानकारी के अनुसार इस पाठशाला में प्रधानाचार्य समेत प्रवक्ता अंग्रेजी, इतिहास, गणित, सूचना प्रौद्योगिकी, पुस्तकालय सहायक, वरिष्ठ सहायक और लिपिक का पद खाली पड़ा हुआ है। ऐसे महत्वपूर्ण विषयों के सभी शिक्षकों के पद रिक्त होने से बच्चों का भविष्य अंधकार में डूब रहा है। कई पद अरसे से नहीं भरे गए हैं। ऐसे में स्कूल में पढ़ाई का माहौल कैसा होगा, ये या तो बच्चे जानते हैं या फिर उनके अभिभावकों को इसका अंदाजा है।
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स्कूल प्रबंधन समिति के अध्यक्ष विजय पाल सिंह ठाकुर, रणसिंह, पूनम, तपेंद्र सिंह व जयवंती ने बताया कि अध्यापकों की कमी के कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। यहां रिक्त पड़े पदों को लेकर शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारियों और सरकार को कई बार लिखा गया है लेकिन नतीजा शून्य निकला है। यहां बिना शिक्षकों के बच्चों का भविष्य बर्बाद हो रहा है।
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129 बच्चों की पढ़ाई हो रही प्रभावित
कार्यवाहक प्रधानाचार्या सूर्यकांत शर्मा ने कहा कि स्कूल में छठी से बारहवीं तक कुल 129 बच्चे शिक्षा ले रहे हैं। शिक्षकों के पद रिक्त होने से उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है। उन्होंने कहा कि रिक्त पदों की सूचना समय-समय पर विभाग के उच्चाधिकारियों को भेजी जा रही है।
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पच्छाद के मानगढ़ स्कूल में पढ़ रहे 129 विद्यार्थियों का भविष्य दांव पर
स्कूल प्रबंधन समिति प्रस्ताव भेज भेजकर थक चुकी, नहीं भेजे शिक्षक
संवाद न्यूज एजेंसी
सराहां (सिरमौर)। शिक्षा विभाग और सरकार रंगरोगन से सरकारी विद्यालयों को चमका तो जरूर रही लेकिन शिक्षकों का प्रबंधन नहीं कर रही है। इस वजह से बच्चों को घरद्वार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के सरकारी दावों की लगातार हवा निकल रही हैं।
पच्छाद विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला मानगढ़ का भी कुछ ऐसा ही हाल है। इस पाठशाला में शिक्षकों और गैर शिक्षकों के 8 पद रिक्त चल रहे हैं। इससे स्कूल में दाखिला ले चुके विद्यार्थियों का भविष्य अंधकार में डूब रहा है। स्कूल प्रबंधन विद्यार्थियों को जुगाड़ के सहारे शिक्षा प्रदान कर रहा है।
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कभी कोई शिक्षक किसी अन्य विषय को पढ़ा रहा तो कभी कोई। ऐसे में बच्चों का भविष्य कैसे संवरेगा, इसका अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है।
जानकारी के अनुसार इस पाठशाला में प्रधानाचार्य समेत प्रवक्ता अंग्रेजी, इतिहास, गणित, सूचना प्रौद्योगिकी, पुस्तकालय सहायक, वरिष्ठ सहायक और लिपिक का पद खाली पड़ा हुआ है। ऐसे महत्वपूर्ण विषयों के सभी शिक्षकों के पद रिक्त होने से बच्चों का भविष्य अंधकार में डूब रहा है। कई पद अरसे से नहीं भरे गए हैं। ऐसे में स्कूल में पढ़ाई का माहौल कैसा होगा, ये या तो बच्चे जानते हैं या फिर उनके अभिभावकों को इसका अंदाजा है।
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स्कूल प्रबंधन समिति के अध्यक्ष विजय पाल सिंह ठाकुर, रणसिंह, पूनम, तपेंद्र सिंह व जयवंती ने बताया कि अध्यापकों की कमी के कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। यहां रिक्त पड़े पदों को लेकर शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारियों और सरकार को कई बार लिखा गया है लेकिन नतीजा शून्य निकला है। यहां बिना शिक्षकों के बच्चों का भविष्य बर्बाद हो रहा है।
129 बच्चों की पढ़ाई हो रही प्रभावित
कार्यवाहक प्रधानाचार्या सूर्यकांत शर्मा ने कहा कि स्कूल में छठी से बारहवीं तक कुल 129 बच्चे शिक्षा ले रहे हैं। शिक्षकों के पद रिक्त होने से उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है। उन्होंने कहा कि रिक्त पदों की सूचना समय-समय पर विभाग के उच्चाधिकारियों को भेजी जा रही है।