{"_id":"62b4a48a00f41975987dbe20","slug":"take-contraceptive-pill-within-72-hours-on-unprotected-sex-shashipal-nahan-news-sml413066530","type":"story","status":"publish","title_hn":"असुरक्षित संभोग पर 72 घंटे के अंदर गर्भ निरोधक गोली खाएं : शशिपाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
असुरक्षित संभोग पर 72 घंटे के अंदर गर्भ निरोधक गोली खाएं : शशिपाल
विज्ञापन
नाहन में आशा कार्यकर्ताओं को परिवार नियोजन के तरीकों से अवगत करवाते राज्य प्रशिक्षक शशिपाल ठाकु
- फोटो : NAHAN
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नाहन (सिरमौर)। स्तनपान करवाने वाली महिलाओं को माला-एन गोली नहीं लेनी चाहिए। इससे स्तनपान की मात्रा और गुणवत्ता प्रभावित होती है। ऐसे में अब ऐसी महिलाएं एमपीए इंजेक्शन और छाया गोली ले सकती हैं। यह बात राज्य प्रशिक्षक शशिपाल ठाकुर ने नाहन में चल ही आशा कार्यकर्ताओं की गृह आधारित देखभाल प्रशिक्षण कार्यक्रम के दूसरे दिन कही।
शशिपाल ने संगड़ाह और शिलाई खंड की आशा कार्यकर्ताओं को परिवार नियोजन के स्थायी और अस्थायी साधनों से अवगत करवाया। उन्होंने अंतरा कार्यक्रम के अंतर्गत लाए गए दो गर्भ निरोधक साधनों की भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि गर्भ निरोधक के कई साधन पहले से ही मौजूद हैं, लेकिन अंतरा कार्यक्रम के तहत इंजेक्टेबल गर्भनिरोधक एमपीए और छाया गोली नई आई है। इसका लाभ यह है कि यह एमपीए इंजेक्शन और छाया गोली दूध पिलाने वाली महिलाओं को भी दी जा सकती है। इंजेक्शन तीन माह के लिए गर्भविरोधक का काम करेगा। छाया गोली में कोई भी हारमोन नहीं होता है।
उन्होंने इन दोनों गर्भनिरोधकों के दूसरे लाभ भी गिनवाए। कार्यक्रम के दौरान आशा कार्यकर्ताओं को परिवार नियोजन की स्थायी विधि के बारे में भी बताया गया। ठाकुर ने कहा कि प्रसव होने या गर्भपात होने के तुरंत बाद या सात दिन के अंदर महिला की नलबंदी करवाई जा सकती है। पुरूष नसबंदी कभी भी करवाई जा सकती है। उन्होंने आपातकालीन गर्भविरोधक गोलियों, ईजी पिल और ईसीपी की भी जानकारी दी।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि यह गर्भविरोधक की एक नियमित विधि नहीं है। इसे अनियोजित, असुरक्षित, जबरन संभोग या कंडोम फटने के मामलों में 72 घंटे के अंदर जितनी जल्दी हो सके इसका सेवन करना चाहिए। कार्यक्रम के दूसरे सत्र में जिला प्रशिक्षक सुनील ठाकुर ने बच्चों के टीकाकरण और उनमें होने वाली बीमारियों की जानकारी दी।
विज्ञापन
शशिपाल ने संगड़ाह और शिलाई खंड की आशा कार्यकर्ताओं को परिवार नियोजन के स्थायी और अस्थायी साधनों से अवगत करवाया। उन्होंने अंतरा कार्यक्रम के अंतर्गत लाए गए दो गर्भ निरोधक साधनों की भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि गर्भ निरोधक के कई साधन पहले से ही मौजूद हैं, लेकिन अंतरा कार्यक्रम के तहत इंजेक्टेबल गर्भनिरोधक एमपीए और छाया गोली नई आई है। इसका लाभ यह है कि यह एमपीए इंजेक्शन और छाया गोली दूध पिलाने वाली महिलाओं को भी दी जा सकती है। इंजेक्शन तीन माह के लिए गर्भविरोधक का काम करेगा। छाया गोली में कोई भी हारमोन नहीं होता है।
विज्ञापन
उन्होंने इन दोनों गर्भनिरोधकों के दूसरे लाभ भी गिनवाए। कार्यक्रम के दौरान आशा कार्यकर्ताओं को परिवार नियोजन की स्थायी विधि के बारे में भी बताया गया। ठाकुर ने कहा कि प्रसव होने या गर्भपात होने के तुरंत बाद या सात दिन के अंदर महिला की नलबंदी करवाई जा सकती है। पुरूष नसबंदी कभी भी करवाई जा सकती है। उन्होंने आपातकालीन गर्भविरोधक गोलियों, ईजी पिल और ईसीपी की भी जानकारी दी।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि यह गर्भविरोधक की एक नियमित विधि नहीं है। इसे अनियोजित, असुरक्षित, जबरन संभोग या कंडोम फटने के मामलों में 72 घंटे के अंदर जितनी जल्दी हो सके इसका सेवन करना चाहिए। कार्यक्रम के दूसरे सत्र में जिला प्रशिक्षक सुनील ठाकुर ने बच्चों के टीकाकरण और उनमें होने वाली बीमारियों की जानकारी दी।