{"_id":"64bbe23b63c6bfef3c04e674","slug":"stuydents-learnt-nati-tips-in-kothibag-school-shrinagar-nahan-news-c-177-1-ssml1029-4284-2023-07-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sirmour News: श्रीनगर में छात्राओं ने सीखें नाटी नृत्य के गुर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sirmour News: श्रीनगर में छात्राओं ने सीखें नाटी नृत्य के गुर
विज्ञापन
श्रीनगर के कोटीबाग स्कूल में प्रशिक्षण के दौरान पहाड़ी नाटी नृत्य करतीं छात्राएं। संवाद
सचित्र
श्रीनगर में छात्राओं ने सीखें नाटी नृत्य के गुर
गोपाल हाब्बी ने दिया लोक नृत्य पर प्रशिक्षण
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन/राजगढ़ (सिरमौर)। संगीत नाटक अकादमी नई दिल्ली की ओर से श्रीनगर के राजकीय कन्या हायर सेकेंडरी स्कूल कोठी बाग में कला धरोहर कार्यक्रम के अंतर्गत लोक नृत्य पर दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया।
इसमें उस्ताद बिस्मिल्लाह खां युवा पुरस्कार से सम्मानित युवा कलाकार गोपाल हाब्बी ने हिमाचल के महासूवी क्षेत्र के लोक नृत्यों पर व्याख्यान और डेमो देकर यहां के लोक नृत्यों की मौलिक जानकारी दी।
आसरा संस्था के प्रभारी जोगेंद्र हाब्बी ने बताया कि इस कार्यशाला में संगीत नाटक अकादमी नई दिल्ली की ओर से राष्ट्रीय शिक्षा नीति को सुदृढ़ बनाने के प्रयासों के अंतर्गत कला धरोहर कार्यक्रम के माध्यम से देश के विभिन्न विद्यालयों में प्रख्यात कलाकारों, गुरु और विद्वानों के द्वारा संबोधन के अलावा कार्यशाला का आयोजन जा रहा है।
विज्ञापन
गोपाल हाब्बी ने अपने व्याख्यान में कहा कि शिक्षा के साथ-साथ जिस प्रकार खेल गतिविधियां विद्यार्थियों के लिए जरूरी हैं, उसी प्रकार सांस्कृतिक गतिविधियां भी विद्यार्थियों के लिए अति आवश्यक है।
हमारे लोक गीत, लोक नृत्य, लोक नाट्य हमारी संस्कृति के अभिन्न अंग हैं। इसलिए इसका भी विद्यार्थियों को ज्ञान होना आवश्यक है। उन्होंने विशेष रूप से नाटी के 4 रूपों के बारे में विद्यार्थियों को जानकारी प्रदान की गई।
इंडिया व एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में नाम दर्ज करवा चुके लोक कलाकार जोगेंद्र सिंह हाब्बी ने विद्यार्थियों को नाटी नृत्य के मौलिक अंदाज से अवगत करवाया गया। साथ ही मौलिक नृत्य कदमों की जानकारी देकर विद्यार्थियों से नृत्य का अभ्यास करवाया।
सरोज कुमारी ने छात्राओं को पारंपरिक पढ़ुआ नृत्य और लोक गायक रामलाल वर्मा व ढोलक वादक संदीप ने पारंपरिक गीतों से रूबरू करवाया।
इस दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला में लगभग 100 से अधिक छात्राओं ने भाग लिया। कई छात्राएं नाटी नृत्य सीखने में कामयाब भी रहीं और उन्होंने सरोज कुमारी की अगुवाई में माला नृत्य, मुंजरा नृत्य व रासा नृत्य की प्रस्तुति भी दी।
जोगेंद्र हाब्बी व गोपाल हाब्बी ने जिला सिरमौर के पारंपरिक परात नृत्य और सरोज कुमारी ने दीपक नृत्य की प्रस्तुति दी जिसका विद्यार्थियों ने भरपूर आनंद लिया। संवाद
विज्ञापन
श्रीनगर में छात्राओं ने सीखें नाटी नृत्य के गुर
गोपाल हाब्बी ने दिया लोक नृत्य पर प्रशिक्षण
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन/राजगढ़ (सिरमौर)। संगीत नाटक अकादमी नई दिल्ली की ओर से श्रीनगर के राजकीय कन्या हायर सेकेंडरी स्कूल कोठी बाग में कला धरोहर कार्यक्रम के अंतर्गत लोक नृत्य पर दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया।
इसमें उस्ताद बिस्मिल्लाह खां युवा पुरस्कार से सम्मानित युवा कलाकार गोपाल हाब्बी ने हिमाचल के महासूवी क्षेत्र के लोक नृत्यों पर व्याख्यान और डेमो देकर यहां के लोक नृत्यों की मौलिक जानकारी दी।
विज्ञापन
आसरा संस्था के प्रभारी जोगेंद्र हाब्बी ने बताया कि इस कार्यशाला में संगीत नाटक अकादमी नई दिल्ली की ओर से राष्ट्रीय शिक्षा नीति को सुदृढ़ बनाने के प्रयासों के अंतर्गत कला धरोहर कार्यक्रम के माध्यम से देश के विभिन्न विद्यालयों में प्रख्यात कलाकारों, गुरु और विद्वानों के द्वारा संबोधन के अलावा कार्यशाला का आयोजन जा रहा है।
विज्ञापन
गोपाल हाब्बी ने अपने व्याख्यान में कहा कि शिक्षा के साथ-साथ जिस प्रकार खेल गतिविधियां विद्यार्थियों के लिए जरूरी हैं, उसी प्रकार सांस्कृतिक गतिविधियां भी विद्यार्थियों के लिए अति आवश्यक है।
हमारे लोक गीत, लोक नृत्य, लोक नाट्य हमारी संस्कृति के अभिन्न अंग हैं। इसलिए इसका भी विद्यार्थियों को ज्ञान होना आवश्यक है। उन्होंने विशेष रूप से नाटी के 4 रूपों के बारे में विद्यार्थियों को जानकारी प्रदान की गई।
इंडिया व एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में नाम दर्ज करवा चुके लोक कलाकार जोगेंद्र सिंह हाब्बी ने विद्यार्थियों को नाटी नृत्य के मौलिक अंदाज से अवगत करवाया गया। साथ ही मौलिक नृत्य कदमों की जानकारी देकर विद्यार्थियों से नृत्य का अभ्यास करवाया।
सरोज कुमारी ने छात्राओं को पारंपरिक पढ़ुआ नृत्य और लोक गायक रामलाल वर्मा व ढोलक वादक संदीप ने पारंपरिक गीतों से रूबरू करवाया।
इस दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला में लगभग 100 से अधिक छात्राओं ने भाग लिया। कई छात्राएं नाटी नृत्य सीखने में कामयाब भी रहीं और उन्होंने सरोज कुमारी की अगुवाई में माला नृत्य, मुंजरा नृत्य व रासा नृत्य की प्रस्तुति भी दी।
जोगेंद्र हाब्बी व गोपाल हाब्बी ने जिला सिरमौर के पारंपरिक परात नृत्य और सरोज कुमारी ने दीपक नृत्य की प्रस्तुति दी जिसका विद्यार्थियों ने भरपूर आनंद लिया। संवाद

श्रीनगर के कोटीबाग स्कूल में प्रशिक्षण के दौरान पहाड़ी नाटी नृत्य करतीं छात्राएं। संवाद