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Sirmour News: स्टाफ नर्सों के दो दर्जन से अधिक पद रिक्त, स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित
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स्टाफ नर्सों के दो दर्जन से अधिक पद रिक्त, स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित
एक स्टाफ नर्स को 3-3 वार्डों में सेवाएं देने से बढ़ रहा कार्य का कार्यभार
संवाद न्यूज एजेंसी
पांवटा साहिब (सिरमौर)। सिविल अस्पताल पांवटा साहिब में नाममात्र स्टाफ नर्सें तैनात हैं। अस्पताल को 150 बिस्तर का तो कर दिया गया है लेकिन स्टाफ नर्स के करीब 25 पद रिक्त पड़े हैं। इससे एक स्टाफ नर्स को तीन तीन वार्डों में ड्यूटी देनी पड़ रही है। अब आलम ये है कि नवजात शिशु वार्ड में भी सात में से केवल तीन प्रशिक्षित नर्सें ही तैनात हैं। इससे अस्पताल में तैनात स्टाफ नर्सों पर कार्य का अतिरिक्त भार पड़ रहा है।
बता देंं कि जिले में नाहन मेडिकल कॉलेज के बाद सबसे ज्यादा करीब 800 ओपीडी वाला पांवटा अस्पताल ही है। इस समय अस्पताल में मेडिकल वार्ड में स्त्री व पुरुष वार्ड, हड्डी रोग वार्ड, सर्जरी वार्ड, बाल रोग, विशेष कर नवजात शिशु (एनएससीयू) वार्ड व आपातकालीन वार्ड चल रहे हैं लेकिन स्नाफ नर्सों की संख्या मात्र सात ही रह गई है।
अस्पताल में चिकित्सक के बाद स्टाफ नर्सों की भूमिका अहम रहती है लेकिन अस्पताल में लंबे अर्से से 25 स्टाफ नर्सों के पद रिक्त पड़े हुए हैं। इसके चलते एक स्टाफ नर्स को तीन तीन वार्डों में ड्यूटी देनी पड़ रही है।
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सिविल अस्पताल पांवटा साहिब प्रभारी डॉ. अमिताभ जैन ने पुष्टि की है। कहाकि स्टाफ नर्सों के दो दर्जन से अधिक पद रिक्त होने से सबसे ज्यादा दिक्कतें हो रहीं हैं। इस बारे में प्रदेश सरकार और स्वास्थ्य विभाग उच्चाधिकारियों को पत्र भेजा गया है।
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एक स्टाफ नर्स को 3-3 वार्डों में सेवाएं देने से बढ़ रहा कार्य का कार्यभार
संवाद न्यूज एजेंसी
पांवटा साहिब (सिरमौर)। सिविल अस्पताल पांवटा साहिब में नाममात्र स्टाफ नर्सें तैनात हैं। अस्पताल को 150 बिस्तर का तो कर दिया गया है लेकिन स्टाफ नर्स के करीब 25 पद रिक्त पड़े हैं। इससे एक स्टाफ नर्स को तीन तीन वार्डों में ड्यूटी देनी पड़ रही है। अब आलम ये है कि नवजात शिशु वार्ड में भी सात में से केवल तीन प्रशिक्षित नर्सें ही तैनात हैं। इससे अस्पताल में तैनात स्टाफ नर्सों पर कार्य का अतिरिक्त भार पड़ रहा है।
बता देंं कि जिले में नाहन मेडिकल कॉलेज के बाद सबसे ज्यादा करीब 800 ओपीडी वाला पांवटा अस्पताल ही है। इस समय अस्पताल में मेडिकल वार्ड में स्त्री व पुरुष वार्ड, हड्डी रोग वार्ड, सर्जरी वार्ड, बाल रोग, विशेष कर नवजात शिशु (एनएससीयू) वार्ड व आपातकालीन वार्ड चल रहे हैं लेकिन स्नाफ नर्सों की संख्या मात्र सात ही रह गई है।
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अस्पताल में चिकित्सक के बाद स्टाफ नर्सों की भूमिका अहम रहती है लेकिन अस्पताल में लंबे अर्से से 25 स्टाफ नर्सों के पद रिक्त पड़े हुए हैं। इसके चलते एक स्टाफ नर्स को तीन तीन वार्डों में ड्यूटी देनी पड़ रही है।
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सिविल अस्पताल पांवटा साहिब प्रभारी डॉ. अमिताभ जैन ने पुष्टि की है। कहाकि स्टाफ नर्सों के दो दर्जन से अधिक पद रिक्त होने से सबसे ज्यादा दिक्कतें हो रहीं हैं। इस बारे में प्रदेश सरकार और स्वास्थ्य विभाग उच्चाधिकारियों को पत्र भेजा गया है।
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