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Sirmour News: धान में पत्ता लपेट रोग 10 प्रतिशत वायरस मिला
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कृषि वैज्ञानिकों की टीम धौलाकुआं क्षेत्र में रोग से ग्रस्त फसल के निरीक्षण के दौरान। संवाद
कृषि विशेषज्ञों की टीम ने धौलाकुआं और पांवटा साहिब के क्षेत्रों जांची फसलें
धान की फसल खेतों में सिकुड़ने लग गई थी, जिससे धान छोटा बड़ा दिखने लगा
संवाद न्यूज एजेंसी
धौलाकुआं/नाहन (सिरमौर)। धौलाकुआं और पांवटा साहिब के क्षेत्रों में धान व मक्की की फसलों में रोग लगने के बाद वीरवार को कृषि विशेषज्ञों की टीम ने क्षेत्र का दौरा किया। इस दौरान टीम ने मौके पर जाकर रोग से ग्रस्त धान व मक्की के खेतों का निरीक्षण किया। जिसमें धान में ज्यादातर पत्ता लपेट रोग पाया गया और 10 प्रतिशत धान में वायरस मिला।
धौलाकुआं व पांवटा साहिब क्षेत्र में बीते दो सप्ताह से धान व मक्की दोनों फसलें अलग-अलग रोगों की चपेट में पाई गई थी। क्षेत्र के सूरजपुर, पुरुवाला, काशीपुरा, कोटड़ी ब्यास, सैनवाला, अजियवाला में धान की फसल खेतों में सिकुड़ने लग गई थी, जिससे धान छोटा बड़ा दिखने लगा। तेजी से फैलता रोग देख किसान बहुत घबरा चुके थे। दो साल पहले भी इसी तरह बीमारी से 80 प्रतिशत धान की फसल चौपट हो गई थी। इस साल फिर से पहले जैसी स्थिति पैदा न हो इसको लेकर धौलाकुआं के कृषि विभाग द्वारा विभिन्न क्षेत्रों का निरीक्षण किया और किसानों की बैठकों में बताया कि धान में वायरस आया है व मौसम ज्यादा गर्म होने से फसल पर फर्क पड़ा है। बीते एक सप्ताह से बारिश से तापमान में गिरावट आई है। इसके बाद धान की फसल में फिर से हरियाली देखने को मिलने वाली है ।
अपने आप ठीक हो रहा वायरस : धीमान
विषयवाद विशेषज्ञ पादप रोग शिवाली धीमान व कृषि विशेषज्ञ मनजीत सिंह ने किसानों को आश्वासन दिया कि धान में वायरस अपने आप ठीक हो रहा है और मक्की में लगा सूंड़ी रोग भी बारिश से तापमान कम होने से ठीक रहेगा। अगर फिर भी सुंडी रोग दिखता है, ऐसे में कोरा जोन दवा का छिड़काव करें ।
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धान की फसल खेतों में सिकुड़ने लग गई थी, जिससे धान छोटा बड़ा दिखने लगा
संवाद न्यूज एजेंसी
धौलाकुआं/नाहन (सिरमौर)। धौलाकुआं और पांवटा साहिब के क्षेत्रों में धान व मक्की की फसलों में रोग लगने के बाद वीरवार को कृषि विशेषज्ञों की टीम ने क्षेत्र का दौरा किया। इस दौरान टीम ने मौके पर जाकर रोग से ग्रस्त धान व मक्की के खेतों का निरीक्षण किया। जिसमें धान में ज्यादातर पत्ता लपेट रोग पाया गया और 10 प्रतिशत धान में वायरस मिला।
धौलाकुआं व पांवटा साहिब क्षेत्र में बीते दो सप्ताह से धान व मक्की दोनों फसलें अलग-अलग रोगों की चपेट में पाई गई थी। क्षेत्र के सूरजपुर, पुरुवाला, काशीपुरा, कोटड़ी ब्यास, सैनवाला, अजियवाला में धान की फसल खेतों में सिकुड़ने लग गई थी, जिससे धान छोटा बड़ा दिखने लगा। तेजी से फैलता रोग देख किसान बहुत घबरा चुके थे। दो साल पहले भी इसी तरह बीमारी से 80 प्रतिशत धान की फसल चौपट हो गई थी। इस साल फिर से पहले जैसी स्थिति पैदा न हो इसको लेकर धौलाकुआं के कृषि विभाग द्वारा विभिन्न क्षेत्रों का निरीक्षण किया और किसानों की बैठकों में बताया कि धान में वायरस आया है व मौसम ज्यादा गर्म होने से फसल पर फर्क पड़ा है। बीते एक सप्ताह से बारिश से तापमान में गिरावट आई है। इसके बाद धान की फसल में फिर से हरियाली देखने को मिलने वाली है ।
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अपने आप ठीक हो रहा वायरस : धीमान
विषयवाद विशेषज्ञ पादप रोग शिवाली धीमान व कृषि विशेषज्ञ मनजीत सिंह ने किसानों को आश्वासन दिया कि धान में वायरस अपने आप ठीक हो रहा है और मक्की में लगा सूंड़ी रोग भी बारिश से तापमान कम होने से ठीक रहेगा। अगर फिर भी सुंडी रोग दिखता है, ऐसे में कोरा जोन दवा का छिड़काव करें ।
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