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यौन उत्पीड़न शारीरिक छेड़छाड़ तक समिति नहीं : रमा
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संगड़ाह कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य वक्ता अधिवक्ता रमा चौहान और कॉलेज स्टाफ। संवाद
अधिवक्ता ने छात्राओं को कानूनी अधिकारों की दी जानकारी
संवाद न्यूज एजेंसी
संगड़ाह (सिरमौर)। राजकीय महाविद्यालय संगड़ाह में महिला प्रकोष्ठ एवं आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (आईक्यूएसी) के संयुक्त तत्वावधान में लैंगिक उत्पीड़न जागरूकता अभियान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की मुख्य वक्ता अधिवक्ता रमा चौहान रहीं। उन्होंने विद्यार्थियों को यौन एवं लैंगिक उत्पीड़न और उनसे संबंधित कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी।
रमा ने कहा कि यौन उत्पीड़न केवल शारीरिक छेड़छाड़ तक सीमित नहीं है, बल्कि अनचाही टिप्पणियां, अश्लील संदेश, बार-बार परेशान करना, अनुचित दृष्टि, सोशल मीडिया पर धमकाना या ब्लैकमेल करना भी इसके अंतर्गत आता है। उन्होंने पोश अधिनियम, 2013 और आंतरिक शिकायत समिति (आईसीसी) की भूमिका, अधिकार एवं प्रक्रियाओं पर विस्तारपूर्वक प्रकाश डाला।
प्राचार्या डॉ. मीनू भास्कर जीवन ने कहा कि कॉलेज प्रशासन हर शिकायत को गंभीरता से लेगा। पीड़ितों को पूर्ण गोपनीयता व सुरक्षा के साथ सहायता दी जाएगी। उन्होंने बताया कि संस्था ने आईसीसी को सशक्त बनाने और परामर्श सुविधाओं को बढ़ाने के लिए ठोस कदम उठाए हैं।
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अंत में आयोजित प्रश्नोत्तर सत्र में छात्रों ने वास्तविक जीवन से जुड़े प्रश्न पूछे, जिनका अधिवक्ता रमा चौहान और प्राचार्या डॉ. मीनू भास्कर ने उत्तर दिए। इस अवसर पर प्रो. देवेंद्र, प्रो. संदीप कुमार कनिष्क, प्रो. ओमकांत शर्मा, प्रो. अजय, प्रो. अंबरा, डॉ. सरिता, डॉ. विनोद, प्रो. मनोज, प्रो. पूनम, प्रो. पथिक, ग्रेड-1 तपेंद्र, लाइब्रेरियन सुभाष सहित समस्त स्टाफ व विद्यार्थी उपस्थित रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
संगड़ाह (सिरमौर)। राजकीय महाविद्यालय संगड़ाह में महिला प्रकोष्ठ एवं आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (आईक्यूएसी) के संयुक्त तत्वावधान में लैंगिक उत्पीड़न जागरूकता अभियान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की मुख्य वक्ता अधिवक्ता रमा चौहान रहीं। उन्होंने विद्यार्थियों को यौन एवं लैंगिक उत्पीड़न और उनसे संबंधित कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी।
रमा ने कहा कि यौन उत्पीड़न केवल शारीरिक छेड़छाड़ तक सीमित नहीं है, बल्कि अनचाही टिप्पणियां, अश्लील संदेश, बार-बार परेशान करना, अनुचित दृष्टि, सोशल मीडिया पर धमकाना या ब्लैकमेल करना भी इसके अंतर्गत आता है। उन्होंने पोश अधिनियम, 2013 और आंतरिक शिकायत समिति (आईसीसी) की भूमिका, अधिकार एवं प्रक्रियाओं पर विस्तारपूर्वक प्रकाश डाला।
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प्राचार्या डॉ. मीनू भास्कर जीवन ने कहा कि कॉलेज प्रशासन हर शिकायत को गंभीरता से लेगा। पीड़ितों को पूर्ण गोपनीयता व सुरक्षा के साथ सहायता दी जाएगी। उन्होंने बताया कि संस्था ने आईसीसी को सशक्त बनाने और परामर्श सुविधाओं को बढ़ाने के लिए ठोस कदम उठाए हैं।
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अंत में आयोजित प्रश्नोत्तर सत्र में छात्रों ने वास्तविक जीवन से जुड़े प्रश्न पूछे, जिनका अधिवक्ता रमा चौहान और प्राचार्या डॉ. मीनू भास्कर ने उत्तर दिए। इस अवसर पर प्रो. देवेंद्र, प्रो. संदीप कुमार कनिष्क, प्रो. ओमकांत शर्मा, प्रो. अजय, प्रो. अंबरा, डॉ. सरिता, डॉ. विनोद, प्रो. मनोज, प्रो. पूनम, प्रो. पथिक, ग्रेड-1 तपेंद्र, लाइब्रेरियन सुभाष सहित समस्त स्टाफ व विद्यार्थी उपस्थित रहे।