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Sirmour News: नाहन कॉलेज में संविधान की प्रस्तावना को शपथ पूर्वक दोहराया
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नाहन कॉलेज में संविधान की प्रस्तावना की शपथ ग्रहण करते शिक्षक व विद्यार्थी। स्रोत-कॉलेज
आवश्यक सचित्र--
नाहन कॉलेज में संविधान की प्रस्तावना को शपथ पूर्वक दोहराया
भारत के संविधान की गरिमा बनाए रखने का किया गया आह्वान
प्राध्यापकों और विद्यार्थियों ने धूमधाम से मनाया संविधान दिवस
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। डाॅ. यशवंत सिंह परमार राजकीय महाविद्यालय नाहन में संविधान दिवस मनाया गया। इसमें महाविद्यालय के सभी अध्यापकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों ने संविधान की प्रस्तावना को शपथ पूर्वक दोहराया।
प्राचार्य डाॅ. प्रेम भारद्वाज ने कहा कि हम सभी को भारत के संविधान की गरिमा बनाए रखनी होगी। भारतीय संविधान की प्रस्तावना को पड़ने से ही उसके महत्व को समझा जा सकता है। उन्होंने सभी से संविधान के महत्व को समझकर उसे आत्मसात करने की अपेक्षा की।
कहा कि संविधान की प्रस्तावना का सख्ती से पालन करें और मौलिक कर्तव्यों के बारे में भी जागरूकता फैलाएं।
प्राचार्य ने संविधान की तारीफ भी की। कहा कि दुनिया का इकलौता ऐसा संविधान हैं जो सभी लोगों को सम्मान के साथ जीने का अधिकार देता है। इसके अलावा न्याय या अन्य सभी अवसर समान रूप से मिलता है।
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इस अवसर पर डाॅ. सरिता बंसल, डाॅ. सलोनी सूद, भूमिका समेत सभी प्राध्यापक, विद्यार्थी और कर्मचारी मौजूद रहे। संवाद
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नाहन कॉलेज में संविधान की प्रस्तावना को शपथ पूर्वक दोहराया
भारत के संविधान की गरिमा बनाए रखने का किया गया आह्वान
प्राध्यापकों और विद्यार्थियों ने धूमधाम से मनाया संविधान दिवस
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। डाॅ. यशवंत सिंह परमार राजकीय महाविद्यालय नाहन में संविधान दिवस मनाया गया। इसमें महाविद्यालय के सभी अध्यापकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों ने संविधान की प्रस्तावना को शपथ पूर्वक दोहराया।
प्राचार्य डाॅ. प्रेम भारद्वाज ने कहा कि हम सभी को भारत के संविधान की गरिमा बनाए रखनी होगी। भारतीय संविधान की प्रस्तावना को पड़ने से ही उसके महत्व को समझा जा सकता है। उन्होंने सभी से संविधान के महत्व को समझकर उसे आत्मसात करने की अपेक्षा की।
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कहा कि संविधान की प्रस्तावना का सख्ती से पालन करें और मौलिक कर्तव्यों के बारे में भी जागरूकता फैलाएं।
प्राचार्य ने संविधान की तारीफ भी की। कहा कि दुनिया का इकलौता ऐसा संविधान हैं जो सभी लोगों को सम्मान के साथ जीने का अधिकार देता है। इसके अलावा न्याय या अन्य सभी अवसर समान रूप से मिलता है।
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इस अवसर पर डाॅ. सरिता बंसल, डाॅ. सलोनी सूद, भूमिका समेत सभी प्राध्यापक, विद्यार्थी और कर्मचारी मौजूद रहे। संवाद