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Sirmour News: हिम ईरा से ग्रामीण महिलाओं की आर्थिकी हो रही सुदृढ़
Thu, 07 Nov 2024 11:32 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरमौर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरमौर
Updated Thu, 07 Nov 2024 11:32 PM IST
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नाहन के त्रिलोकपुर में हिम ईरा विक्रय केंद्र में अपने उत्पाद दिखाती स्वयं सहायता समूह से जुड़ी
सचित्र--
हिम ईरा के जरिये लोगों को कम मूल्य में गुणात्मक उत्पाद करवाए जा रहे उपलब्ध
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन(सिरमौर)। महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए राज्य सरकार निरंतर प्रयासरत है। राज्य सरकार ने ग्रामीण महिलाओं के विकास के लिए स्वयं सहायता समूह गठित कर उन्हें आर्थिक रूप से सक्षम बनाने के लिए राष्ट्रीय आजीविका मिशन की हिम ईरा को सफलतापूर्वक लागू किया है। जिला सिरमौर में महिलाओं को स्वावलंबी बनाने के उद्देश्य से राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के अंतर्गत जिले में अब तक 4 हजार स्वयं सहायता समूह बनाए गए हैं।
इन गठित स्वयं सहायता समूह को बढ़ावा देने के लिए ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत हिम ईरा ब्रांड नामक विक्रय केंद्र का संचालन किया जा रहा है। इसके माध्यम से लोगों को कम मूल्य पर स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के गुणात्मक उत्पाद उपलब्ध करवाए जा रहे हैं।
स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को उनके उत्पाद का उचित मूल्य और स्थानीय लोगों को गुणात्मक उत्पाद हिम ईरा विक्रय केंद्रों के माध्यम से उपलब्ध हो रहे हैं, जिससे न केवल स्वयं सहायता से जुडी महिलाएं बल्कि स्थानीय लोग भी लाभांवित हो रहे हैं।
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जिला लोक संपर्क अधिकारी ममता नेगी ने बताया कि जिले के प्रत्येक विकास खंड में इन केंद्रों का संचालन हो रहा है। नाहन विकासखंड में हिम ईरा का संचालन त्रिलोकपुर स्थित माता बाला सुंदरी मंदिर, जमटा, दिल्ली गेट व श्री रेणुका जी में किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त पच्छाद विकास खंड में शी-हॉट, बैंग पासिंग व सराहां में हिम ईरा कैंटीन का संचालन किया जा रहा है।
राजगढ़ विकास खंड के बडू साहिब, शिलाई विकास खंड में खंड विकास कार्यालय, संगड़ाह विकास खंड में खंड विकास कार्यालय के नजदीक, तिलोरधार विकास खंड के सतौन और पांवटा साहिब विकास खंड में गुरुद्वारा साहिब के निकट हिम ईरा का संचालन किया जा रहा है। महिलाओं के उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए हिम ईरा के साप्ताहिक बाजार भी लगाए जाते हैं, इसके अतिरिक्त सिरमौर में 380 ग्राम संगठन है और 22 क्लस्टर स्तरीय फेडरेशन है।
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हिम ईरा के जरिये लोगों को कम मूल्य में गुणात्मक उत्पाद करवाए जा रहे उपलब्ध
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन(सिरमौर)। महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए राज्य सरकार निरंतर प्रयासरत है। राज्य सरकार ने ग्रामीण महिलाओं के विकास के लिए स्वयं सहायता समूह गठित कर उन्हें आर्थिक रूप से सक्षम बनाने के लिए राष्ट्रीय आजीविका मिशन की हिम ईरा को सफलतापूर्वक लागू किया है। जिला सिरमौर में महिलाओं को स्वावलंबी बनाने के उद्देश्य से राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के अंतर्गत जिले में अब तक 4 हजार स्वयं सहायता समूह बनाए गए हैं।
इन गठित स्वयं सहायता समूह को बढ़ावा देने के लिए ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत हिम ईरा ब्रांड नामक विक्रय केंद्र का संचालन किया जा रहा है। इसके माध्यम से लोगों को कम मूल्य पर स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के गुणात्मक उत्पाद उपलब्ध करवाए जा रहे हैं।
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स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को उनके उत्पाद का उचित मूल्य और स्थानीय लोगों को गुणात्मक उत्पाद हिम ईरा विक्रय केंद्रों के माध्यम से उपलब्ध हो रहे हैं, जिससे न केवल स्वयं सहायता से जुडी महिलाएं बल्कि स्थानीय लोग भी लाभांवित हो रहे हैं।
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जिला लोक संपर्क अधिकारी ममता नेगी ने बताया कि जिले के प्रत्येक विकास खंड में इन केंद्रों का संचालन हो रहा है। नाहन विकासखंड में हिम ईरा का संचालन त्रिलोकपुर स्थित माता बाला सुंदरी मंदिर, जमटा, दिल्ली गेट व श्री रेणुका जी में किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त पच्छाद विकास खंड में शी-हॉट, बैंग पासिंग व सराहां में हिम ईरा कैंटीन का संचालन किया जा रहा है।
राजगढ़ विकास खंड के बडू साहिब, शिलाई विकास खंड में खंड विकास कार्यालय, संगड़ाह विकास खंड में खंड विकास कार्यालय के नजदीक, तिलोरधार विकास खंड के सतौन और पांवटा साहिब विकास खंड में गुरुद्वारा साहिब के निकट हिम ईरा का संचालन किया जा रहा है। महिलाओं के उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए हिम ईरा के साप्ताहिक बाजार भी लगाए जाते हैं, इसके अतिरिक्त सिरमौर में 380 ग्राम संगठन है और 22 क्लस्टर स्तरीय फेडरेशन है।