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Sirmour News: रोशन तुम तो सरदार थे.. रचना ने लूटी वाहवाही
Fri, 15 Dec 2023 07:04 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरमौर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरमौर
Updated Fri, 15 Dec 2023 07:04 PM IST
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-लेखक संघ की चांदपुर में हुई मासिक बैठक और गोष्ठी
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। लेखक संघ की मासिक बैठक और गोष्ठी ब्यास सभागार चांदपुर में हुई। अध्यक्षता जिला प्रधान डॉ. रविंद्र ठाकुर ने की। बैठक में सबसे पहले संघ के पूर्व अध्यक्ष रोशन लाल शर्मा की पुण्यतिथि पर दो मिनट का मौन रख श्रद्धांजलि दी गई।
बैठक के प्रथम सत्र में बिलासपुर लेखक संघ द्वारा पहाड़ी काव्य संग्रह के प्रकाशन पर चर्चा की गई और निर्णय लिया गया कि अगले माह की बैठक घुमारवीं में होगी। बैठक के दूसरे सत्र में काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया जिसकी अध्यक्षता जीतराम सुमन ने की। काव्य गोष्ठी की शुरुआत में हेमराज ने रोशन तुम तो सरदार थे लेखक संघ के, चले क्यों गए हमें रुला कर... प्रस्तुत की। शीला सिंह ने जीवन फूलों सा महकाने, कविता सिसोदिया ने पल-पल बदलता मौसम गहरा संदेश दे जाता है, इसके विभिन्न रंगों में हमें जीवन का आनंद आता है प्रस्तुत की। भीमसेन नेगी ने चांद सितारे सब लाकर मैं, मांग तेरी सजाऊं, जीतराम सुमन ने दुनिया रा मेला इक घड़ी पला रा, नरैणु राम हितेषी ने तुम क्या गए कि सारे उजाले चले गए..।
डॉक्टर प्रकाश चंद ने लोको करी लवा सोच विचार, एह जीवन नी मिलणा बार-बार, रविंद्र ने मत रो चुप हो मेरे दिला फिजूल गिला प्रस्तुत की। जसवंत सिंह चंदेल ने दोहा लेखन में कबीर, चौपाई लेखन में तुलसीदास, शहनाई में बिस्मिल्लाह, गीतों में लता का अपना ही महत्व प्रस्तुत किया। रविंद्र कुमार शर्मा ने घरें कम्म करदे नी बाबू बणी घुमदे, दारू जित्थी मिली जाए पेग लाई झुमदे प्रस्तुत की। डॉक्टर अनेक राम सांख्यान ने मोरे श्याम बसे मेरे नैनन में गीत प्रस्तुत किया। बृजलाल लखनपाल ने हास्य कविता खुडखुड प्रस्तुत की। द्वारिका प्रसाद शर्मा ने गायत्री गंगा का जिसने श्रद्धा से रसपान किया, सूक्ष्म और स्थूल रूप से दोनों ने कल्याण किया प्रस्तुत की। रचना चंदेल ने कित्थे जाके बै गया बाग देया मालिया, अनूप मस्ताना ने झूठा दिसदा एह संसार प्रस्तुत की। सुशील पुंडीर परिंदा ने तुम्हारे जाने के बाद अब सब सूना-सूना लगता है प्रस्तुत की। राजपूत देवेंद्र ठाकुर ने सर्दी के ऊपर देखो सर्दी आई, प्रक्षा ठाकुर ने आचार से व्यवहार से निज संस्कृति संस्कार से प्रस्तुत की। पूनम शर्मा ने एक दिन मचल उठा मन, डॉक्टर रविंद्र ठाकुर ने पुलकित शिक्षा कर्म क्षेत्र चुन प्रस्तुत की। इस अवसर पर रोशन लाल शर्मा की धर्मपत्नी तृप्ता देवी, पुत्र डॉक्टर अजय शर्मा, डॉ सोनल शर्मा, रतनलाल शर्मा, समारोह में अनूप सिंह मस्ताना, नरैणू राम हितेषी, जीत राम सुमन, जसवंत सिंह चंदेल, कविता सिसोदिया, सुशील पुंडीर परिंदा, डॉक्टर रविंद्र ठाकुर, संघ के महासचिव रविंद्र कुमार शर्मा और अन्य उपस्थित रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। लेखक संघ की मासिक बैठक और गोष्ठी ब्यास सभागार चांदपुर में हुई। अध्यक्षता जिला प्रधान डॉ. रविंद्र ठाकुर ने की। बैठक में सबसे पहले संघ के पूर्व अध्यक्ष रोशन लाल शर्मा की पुण्यतिथि पर दो मिनट का मौन रख श्रद्धांजलि दी गई।
बैठक के प्रथम सत्र में बिलासपुर लेखक संघ द्वारा पहाड़ी काव्य संग्रह के प्रकाशन पर चर्चा की गई और निर्णय लिया गया कि अगले माह की बैठक घुमारवीं में होगी। बैठक के दूसरे सत्र में काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया जिसकी अध्यक्षता जीतराम सुमन ने की। काव्य गोष्ठी की शुरुआत में हेमराज ने रोशन तुम तो सरदार थे लेखक संघ के, चले क्यों गए हमें रुला कर... प्रस्तुत की। शीला सिंह ने जीवन फूलों सा महकाने, कविता सिसोदिया ने पल-पल बदलता मौसम गहरा संदेश दे जाता है, इसके विभिन्न रंगों में हमें जीवन का आनंद आता है प्रस्तुत की। भीमसेन नेगी ने चांद सितारे सब लाकर मैं, मांग तेरी सजाऊं, जीतराम सुमन ने दुनिया रा मेला इक घड़ी पला रा, नरैणु राम हितेषी ने तुम क्या गए कि सारे उजाले चले गए..।
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डॉक्टर प्रकाश चंद ने लोको करी लवा सोच विचार, एह जीवन नी मिलणा बार-बार, रविंद्र ने मत रो चुप हो मेरे दिला फिजूल गिला प्रस्तुत की। जसवंत सिंह चंदेल ने दोहा लेखन में कबीर, चौपाई लेखन में तुलसीदास, शहनाई में बिस्मिल्लाह, गीतों में लता का अपना ही महत्व प्रस्तुत किया। रविंद्र कुमार शर्मा ने घरें कम्म करदे नी बाबू बणी घुमदे, दारू जित्थी मिली जाए पेग लाई झुमदे प्रस्तुत की। डॉक्टर अनेक राम सांख्यान ने मोरे श्याम बसे मेरे नैनन में गीत प्रस्तुत किया। बृजलाल लखनपाल ने हास्य कविता खुडखुड प्रस्तुत की। द्वारिका प्रसाद शर्मा ने गायत्री गंगा का जिसने श्रद्धा से रसपान किया, सूक्ष्म और स्थूल रूप से दोनों ने कल्याण किया प्रस्तुत की। रचना चंदेल ने कित्थे जाके बै गया बाग देया मालिया, अनूप मस्ताना ने झूठा दिसदा एह संसार प्रस्तुत की। सुशील पुंडीर परिंदा ने तुम्हारे जाने के बाद अब सब सूना-सूना लगता है प्रस्तुत की। राजपूत देवेंद्र ठाकुर ने सर्दी के ऊपर देखो सर्दी आई, प्रक्षा ठाकुर ने आचार से व्यवहार से निज संस्कृति संस्कार से प्रस्तुत की। पूनम शर्मा ने एक दिन मचल उठा मन, डॉक्टर रविंद्र ठाकुर ने पुलकित शिक्षा कर्म क्षेत्र चुन प्रस्तुत की। इस अवसर पर रोशन लाल शर्मा की धर्मपत्नी तृप्ता देवी, पुत्र डॉक्टर अजय शर्मा, डॉ सोनल शर्मा, रतनलाल शर्मा, समारोह में अनूप सिंह मस्ताना, नरैणू राम हितेषी, जीत राम सुमन, जसवंत सिंह चंदेल, कविता सिसोदिया, सुशील पुंडीर परिंदा, डॉक्टर रविंद्र ठाकुर, संघ के महासचिव रविंद्र कुमार शर्मा और अन्य उपस्थित रहे।
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