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Sirmour News: श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के चारों साहिबजादों को किया याद

Fri, 26 Dec 2025 11:14 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Fri, 26 Dec 2025 11:14 PM IST
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Remembering the four Sahibzadas of Shri Guru Gobind Singh Ji
पांवटा साहिब में श्रद्धा के साथ मनाया वीर बाल दिवस
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भाजपा प्रदेश महामंत्री सिकंदर कुमार ने की शिरकत
संवाद न्यूज एजेंसी
पांवटा साहिब (सिरमौर)। वीर बाल दिवस के अवसर पर पांवटा साहिब में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के चारों साहिबजादों को स्मरण किया गया। कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद सिकंदर कुमार मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। पांवटा साहिब के विधायक एवं पूर्व ऊर्जा मंत्री सुखराम चौधरी तथा भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष गुरमीत सिंह विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए।
कार्यक्रम में गुरु गोबिंद सिंह जी के चारों साहिबजादों के जीवन और बलिदान पर प्रकाश डाला गया। विशेष रूप से छोटे साहिबजादा जोरावर सिंह (9) और साहिबजादा फतेह सिंह (7) की अद्वितीय वीरता और बलिदान को स्मरण किया गया। वक्ताओं ने कहा कि मुगल शासक वजीर खान के अत्याचारों के सामने भी दोनों बालक धर्म और सत्य के मार्ग से नहीं डिगे। वर्ष 1705 में सरहिंद में उन्हें दीवार में जिंदा चुनवा दिया गया। यह बलिदान भारतीय इतिहास में धर्मरक्षा, नैतिक साहस और आत्मबल की अमर मिसाल है।
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इस अवसर पर चारों साहिबजादों के चित्रों पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई। वक्ताओं ने कहा कि वीर बाल दिवस देशभर में प्रतिवर्ष 26 दिसंबर को मनाया जाता है। इस दिवस की शुरुआत वर्ष 2022 में हुई थी। इसका उद्देश्य बच्चों और युवाओं को साहस, नैतिकता, आत्मसंयम और राष्ट्रप्रेम जैसे मूल्यों से प्रेरित करना है।
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वक्ताओं ने कहा कि वीर साहिबजादों का जीवन यह संदेश देता है कि आयु कभी भी धर्म, सत्य और न्याय के मार्ग में बाधा नहीं बनती। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे साहिबजादों के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाकर समाज और राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करें।

कार्यक्रम में बच्चों की ओर से पारंपरिक गतका का आकर्षक प्रदर्शन किया गया। वहीं शहीदों के बलिदान पर आधारित कविताओं ने उपस्थित जनसमूह को भावविभोर कर दिया। वक्ताओं ने कहा कि ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को अपने गौरवशाली इतिहास से जोड़ने का सशक्त माध्यम हैं। इस अवसर पर बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक, युवा, मातृशक्ति और बच्चे उपस्थित रहे।
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