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Sirmour News: मोगीनंद गांव में राहत की बजाए मुसीबत का कारण बन गई वर्षाशालिका
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मोगीनंद गांव में वर्षाशालिका के पास लगा कूड़े कचरे का ढेर। संवाद
सचित्र--
मोगीनंद गांव में राहत की बजाए मुसीबत बनी वर्षाशालिका
वर्षाशालिका के अंदर और बाहर गंदगी के ढेर, आ रही भारी दुर्गंध
संवाद न्यूज़ एजेंसी
कालाअंब (सिरमौर)। विकास खंड नाहन की ग्राम पंचायत कालाअंब के अंतर्गत आने वाले गांव मोगीनंद में राष्ट्रीय राजमार्ग-07 के किनारे बनी वर्षाशालिका अब लोगों के लिए राहत की बजाय मुसीबत का कारण बन गई है। वर्षाशालिका के भीतर और आसपास भारी मात्रा में कूड़ा जमा हो गया है। इससे दुर्गंध फैल रही है और राहगीरों व यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
बताया जा रहा है कि कई दिनों से कूड़ा उठाने वाली गाड़ी नहीं आई है, जिससे स्थिति बदतर होती जा रही है। बसों का इंतजार करने वाले यात्री बारिश में कूड़े के बीच खड़े होकर इंतजार करने को मजबूर हैं, वहीं मौसम साफ होने पर यह कूड़ा हवा के साथ उड़कर आसपास गंदगी फैला रहा है। स्थानीय लोगों ने बताया कि कूड़े के कारण हाईवे पर बने जल निकासी के साधनों में रुकावट पैदा हो रही है।
लोगों ने वर्षाशालिका के समीप स्थित खेड़ा मंदिर में भी कूड़ा उड़कर पहुंचने की शिकायत की है। लोगों में दर्शन लाल, मुनीष, दिनेश, विक्रम, रमेश कुमार, रोशन, लाजवंती देवी और जितेंद्र कुमार ने बताया कि टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग की ओर से सफाई के लिए ठेकेदार नियुक्त किया गया है, लेकिन कई बार शिकायत करने के बावजूद भी सफाई कार्य नियमित नहीं हो पा रहा है।
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टीसीपी अधिकारी राजीव चौहान ने बताया कि गांव में भारी संख्या में बाहरी किरायेदार रह रहें हैं, जो कूड़ा निर्धारित कूड़ेदान में डालने की बजाय खुले में फेंक रहे हैं। विभाग ने कई बार ग्राम पंचायत पदाधिकारियों से निवेदन किया है कि वह किरायेदारों को कूड़ा सही जगह फेंकने के लिए जागरूक करें, लेकिन पंचायत की ओर से अपेक्षित सहयोग नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में नियमित सफाई की जा रही है, लेकिन जब तक स्थानीय स्तर पर सहयोग नहीं मिलेगा, तब तक समस्या का स्थायी समाधान संभव नहीं है। उन्होंने बताया कि इस मुद्दे को लेकर आगामी 18 जुलाई को जिला उपायुक्त कार्यालय में एक बैठक आयोजित की जा रही है, जिसमें समाधान के लिए ठोस रणनीति बनाई जाएगी।
-- -- संवाद
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मोगीनंद गांव में राहत की बजाए मुसीबत बनी वर्षाशालिका
वर्षाशालिका के अंदर और बाहर गंदगी के ढेर, आ रही भारी दुर्गंध
संवाद न्यूज़ एजेंसी
कालाअंब (सिरमौर)। विकास खंड नाहन की ग्राम पंचायत कालाअंब के अंतर्गत आने वाले गांव मोगीनंद में राष्ट्रीय राजमार्ग-07 के किनारे बनी वर्षाशालिका अब लोगों के लिए राहत की बजाय मुसीबत का कारण बन गई है। वर्षाशालिका के भीतर और आसपास भारी मात्रा में कूड़ा जमा हो गया है। इससे दुर्गंध फैल रही है और राहगीरों व यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
बताया जा रहा है कि कई दिनों से कूड़ा उठाने वाली गाड़ी नहीं आई है, जिससे स्थिति बदतर होती जा रही है। बसों का इंतजार करने वाले यात्री बारिश में कूड़े के बीच खड़े होकर इंतजार करने को मजबूर हैं, वहीं मौसम साफ होने पर यह कूड़ा हवा के साथ उड़कर आसपास गंदगी फैला रहा है। स्थानीय लोगों ने बताया कि कूड़े के कारण हाईवे पर बने जल निकासी के साधनों में रुकावट पैदा हो रही है।
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लोगों ने वर्षाशालिका के समीप स्थित खेड़ा मंदिर में भी कूड़ा उड़कर पहुंचने की शिकायत की है। लोगों में दर्शन लाल, मुनीष, दिनेश, विक्रम, रमेश कुमार, रोशन, लाजवंती देवी और जितेंद्र कुमार ने बताया कि टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग की ओर से सफाई के लिए ठेकेदार नियुक्त किया गया है, लेकिन कई बार शिकायत करने के बावजूद भी सफाई कार्य नियमित नहीं हो पा रहा है।
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टीसीपी अधिकारी राजीव चौहान ने बताया कि गांव में भारी संख्या में बाहरी किरायेदार रह रहें हैं, जो कूड़ा निर्धारित कूड़ेदान में डालने की बजाय खुले में फेंक रहे हैं। विभाग ने कई बार ग्राम पंचायत पदाधिकारियों से निवेदन किया है कि वह किरायेदारों को कूड़ा सही जगह फेंकने के लिए जागरूक करें, लेकिन पंचायत की ओर से अपेक्षित सहयोग नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में नियमित सफाई की जा रही है, लेकिन जब तक स्थानीय स्तर पर सहयोग नहीं मिलेगा, तब तक समस्या का स्थायी समाधान संभव नहीं है। उन्होंने बताया कि इस मुद्दे को लेकर आगामी 18 जुलाई को जिला उपायुक्त कार्यालय में एक बैठक आयोजित की जा रही है, जिसमें समाधान के लिए ठोस रणनीति बनाई जाएगी।