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Sirmour News: विद्यार्थियों को बताए संक्रमण से बचाव के तरीके
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ददाहू स्कूल में रेबीज जागरूकता पर लगी कार्यशाला में मौजूद विद्यार्थी। संवाद
सचित्र--
संवाद न्यूज एजेंसी
ददाहू (सिरमौर)। जिले में रेबीज की रोकथाम के लिए चलाए जा रहे विशेष जागरूकता अभियान के तहत वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला ददाहू में जन-जागरूकता शिविर लगाया गया। शिविर में विद्यार्थियों को रेबीज के संक्रमण, बचाव और रोकथाम के उपायों की जानकारी दी गई।
पशु चिकित्साधिकारी ददाहू डॉ. मयंक गौतम ने कहा कि रेबीज गंभीर और घातक बीमारी है, लेकिन समय पर सावधानी बरतकर और आवश्यक टीकाकरण करवाकर इससे बचाव संभव है। उन्होंने बताया कि कुत्ते या किसी अन्य संदिग्ध पशु के काटने अथवा खरोंच लगने पर घाव को तुरंत साबुन और बहते पानी से अच्छी तरह धोना चाहिए। उन्होंने लोगों से घाव पर घरेलू नुस्खे आजमाने से बचने और बिना देरी किए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर आवश्यक एंटी-रेबीज टीकाकरण करवाने की सलाह दी।
डॉ. गौतम ने पालतू और आवारा कुत्तों के नियमित एंटी-रेबीज टीकाकरण, पशुओं के साथ सुरक्षित व्यवहार और रेबीज की रोकथाम में आमजन की भूमिका पर भी विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि शिविर का उद्देश्य विद्यार्थियों के माध्यम से समाज में रेबीज के प्रति जागरूकता बढ़ाना और मानव एवं पशु स्वास्थ्य के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना है। शिविर में स्कूल के प्रधानाचार्य, शिक्षकगण और विद्यार्थी मौजूद रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
ददाहू (सिरमौर)। जिले में रेबीज की रोकथाम के लिए चलाए जा रहे विशेष जागरूकता अभियान के तहत वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला ददाहू में जन-जागरूकता शिविर लगाया गया। शिविर में विद्यार्थियों को रेबीज के संक्रमण, बचाव और रोकथाम के उपायों की जानकारी दी गई।
पशु चिकित्साधिकारी ददाहू डॉ. मयंक गौतम ने कहा कि रेबीज गंभीर और घातक बीमारी है, लेकिन समय पर सावधानी बरतकर और आवश्यक टीकाकरण करवाकर इससे बचाव संभव है। उन्होंने बताया कि कुत्ते या किसी अन्य संदिग्ध पशु के काटने अथवा खरोंच लगने पर घाव को तुरंत साबुन और बहते पानी से अच्छी तरह धोना चाहिए। उन्होंने लोगों से घाव पर घरेलू नुस्खे आजमाने से बचने और बिना देरी किए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर आवश्यक एंटी-रेबीज टीकाकरण करवाने की सलाह दी।
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डॉ. गौतम ने पालतू और आवारा कुत्तों के नियमित एंटी-रेबीज टीकाकरण, पशुओं के साथ सुरक्षित व्यवहार और रेबीज की रोकथाम में आमजन की भूमिका पर भी विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि शिविर का उद्देश्य विद्यार्थियों के माध्यम से समाज में रेबीज के प्रति जागरूकता बढ़ाना और मानव एवं पशु स्वास्थ्य के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना है। शिविर में स्कूल के प्रधानाचार्य, शिक्षकगण और विद्यार्थी मौजूद रहे।
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