फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Sirmour News ›   ground report sarnha hospital

Sirmour News: दो साल में भी नहीं सुधरी सराहां अस्पताल की सूरत, बारिश में छत से टपकता है पानी

Wed, 07 Oct 2026 12:51 AM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Wed, 07 Oct 2026 12:51 AM IST
विज्ञापन
ground report sarnha hospital
ग्राउंड रिपोर्टसराहां अस्पताल के पुरानी ओपीडी भवन के छत से गिरा पलस्तर। संवाद
ग्राउंड रिपोर्ट
विज्ञापन


-ओपीडी ब्लॉक बदहाल, फार्मेसी के कमरों में बैठकर मरीज देख रहे डॉक्टर
-40 लाख के काम के बाद दरवाजे-खिड़कियों और टाइलों के लिए फिर 10 लाख का टेंडर
देवराज शर्मा
सराहां (सिरमौर)। पच्छाद की 34 पंचायतों के लोगों को स्वास्थ्य सुविधा देने वाले सराहां सिविल अस्पताल में करीब दो साल से चल रहा जीर्णोद्धार कार्य अब भी अधूरा है। जिस ओपीडी ब्लॉक को मरीजों की सुविधा के लिए सुधारा जाना था, वहां हालत यह है कि डॉक्टरों को फार्मेसी के कमरों में बैठकर ओपीडी करनी पड़ रही है।
पुराने ओपीडी ब्लॉक, बी फार्मेसी, इंजेक्शन रूम, बीएमओ कार्यालय और दंत चिकित्सक की ओपीडी समेत कई हिस्सों की मरम्मत का कार्य करीब दो साल पहले शुरू हुआ था। लंबा समय बीतने के बावजूद काम पूरा नहीं हो पाया है। ओपीडी के दरवाजे टूटे हैं, खिड़कियां खस्ताहाल हैं और कई जगह दरवाजों-खिड़कियों पर पेंट तक नहीं किया गया है।
विज्ञापन

सबसे बड़ी परेशानी बारिश के दौरान सामने आ रही है। कई कमरों की दीवारों और छतों से पानी टपकने की शिकायत है। इससे डॉक्टरों और कर्मचारियों को काम करने में दिक्कत होती है, वहीं मरीजों को भी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल में मरीजों के लिए लगाया गया वाटर कूलर भी अब तक निर्धारित स्थान पर स्थापित नहीं हो सका है और खुले में पड़ा है। इसके चलते मरीजों को नलों के पानी पर निर्भर रहना पड़ रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

जीर्णोद्धार में देरी और अधूरे काम को लेकर स्थानीय लोगों ने सवाल उठाए हैं। पूर्व पंचायत समिति सदस्य आशीष शर्मा, पूर्व प्रधान बजगा पंचायत मानसिंग ठाकुर, बाग पशोग पंचायत की पूर्व प्रधान राजेश्वरी शर्मा, नरेंद्र कुमार, संजीव शर्मा, राजेंद्र दत्त, केवल राम और प्रेम सिंह ने कहा कि मरम्मत कार्य शुरू हुए करीब दो वर्ष हो चुके हैं, लेकिन अस्पताल की स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि जब तक काम निर्धारित गुणवत्ता के अनुसार पूरा नहीं होता, तब तक इसे ठेकेदार से स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए। लोगों ने चेतावनी दी कि मामले को लेकर क्षेत्र का प्रतिनिधिमंडल जल्द स्वास्थ्य मंत्री से मिलेगा और अस्पताल की स्थिति की पूरी जानकारी देगा।

लोक निर्माण विभाग के कार्यवाहक अधिशासी अभियंता सराहां प्रमोद आर्य ने बताया कि ओपीडी के जीर्णोद्धार के लिए पहले करीब 40 लाख रुपये स्वीकृत थे। इसमें दरवाजे, खिड़कियां और टाइल लगाने का प्रावधान शामिल नहीं था। अब इन कार्यों के लिए करीब 10 लाख रुपये का अलग टेंडर लगाया गया है। उन्होंने बताया कि इसका काम जल्द शुरू किया जाएगा। इसके बाद ओपीडी, बी फार्मेसी और बीएमओ कार्यालय की स्थिति भी सुधारी जाएगी।
संवाद---------
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed