{"_id":"6ab50b00357a1cf37b09d051","slug":"power-connections-of-two-crusher-units-in-the-paonta-sahib-area-disconnected-nahan-news-c-177-1-ssml1030-189767-2026-09-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sirmour News: पांवटा साहिब क्षेत्र के दो क्रशर यूनिटों के काटे बिजली कनेक्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sirmour News: पांवटा साहिब क्षेत्र के दो क्रशर यूनिटों के काटे बिजली कनेक्शन
Fri, 25 Sep 2026 12:04 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरमौर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरमौर
Updated Fri, 25 Sep 2026 12:04 AM IST
विज्ञापन
इन क्रशर इकाइयों के पास संचालन की अनुमति अवधि हो चुकी थी समाप्त
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रिपोर्ट पर कुंजा मतरालियों व मानपुर देवड़ा में हुई कार्रवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
पांवटा साहिब (सिरमौर)। पांवटा साहिब क्षेत्र के दो स्टोन क्रशर के खिलाफ हिमाचल प्रदेश राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने बड़ी कार्रवाई की है। बोर्ड के निर्देश पर बिजली विभाग की टीम ने इन क्रशर यूनिटों की विद्युत आपूर्ति को काट दिया है। इन क्रशर यूनिटों के पास वैध संचालन की सहमति (सीटीओ), पर्यावरण मंजूरी नहीं थी। कई बार नोटिस व निर्देश जारी किए जाने के बावजूद आदेशों का अनुपालन नहीं किया गया। अब बोर्ड के निर्देश मिलते ही क्रशरों पर ये कार्रवाई की गई है।
बता दें कि जिला सिरमौर में करीब 40 से अधिक स्टोन क्रशर संचालित हो रहे हैं। इनमें से अधिकांश पांवटा साहिब विधानसभा क्षेत्र के यमुना नदी, गिरि नदी, बाता नदी समेत अन्य नदी-नालों में ही संचालित हो रहे हैं। पांवटा साहिब के कुंजा मतरालियों व मानपुर देवड़ा स्थित क्रशरों के खिलाफ हिमाचल प्रदेश राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने बड़ी कार्रवाई की है। बोर्ड के निर्देश पर बिजली विभाग ने क्रशर यूनिट की विद्युत आपूर्ति काट दी है। विभाग के अनुसार, क्रशर यूनिट के पास वैध संचालन की सहमति (सीटीओ) नहीं थी और कई बार नोटिस व निर्देश जारी किए जाने के बावजूद आदेशों का अनुपालन नहीं किया गया।
कुंजा मतरालियों स्थित स्टोन क्रशर को मिली पिछली संचालन अनुमति 31 मार्च 2024 तक ही वैध थी। इसके बाद नवीनीकरण के लिए किए गए आवेदन में विभागीय टिप्पणियों और निर्देशों का अनुपालन नहीं किए जाने के कारण अस्वीकृत हुए। बाद में यूनिट ने दोबारा नवीनीकरण के लिए आवेदन किया, जिसे 30 मई 2026 को टिप्पणियों के साथ वापस किया गया। रिपोर्ट के अनुसार, इसके बावजूद यूनिट वैध संचालन अनुमति के बिना संचालित होती रही।
विज्ञापन
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार, क्रशर संचालक को सितंबर 2024 से मार्च 2026 के बीच कई बार नोटिस, कारण बताओ नोटिस और निर्देश जारी किए गए। इनमें वैध संचालन अनुमति के बिना गतिविधियां बंद करने और जल एवं वायु प्रदूषण नियंत्रण कानूनों के प्रावधानों का पालन करने के निर्देश दिए गए थे। यूनिट की पर्यावरण मंजूरी 4 मार्च 2026 को समाप्त हो गई थी, जबकि पीएमटी मंजूरी 6 जून 2026 को समाप्त हो चुकी थी।
कोट
रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई
अधिशासी अभियंता बिजली बोर्ड के अधिशासी अभियंता पांवटा साहिब नरेंद्र शर्मा व सहायक अभियंता गुरदत चौहान ने बताया कि हिमाचल प्रदेश राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय पांवटा साहिब की रिपोर्ट के आधार पर यह कार्रवाई की गई है।
कोट
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी पवन शर्मा ने बताया कि निरीक्षण के दौरान वैध संचालन अनुमति के बिना यूनिट चलाए जाने और पर्यावरणीय मानकों के अनुपालन से संबंधित कमियां दर्ज की गईं। रिपोर्ट के मुताबिक, बार-बार निर्देश दिए जाने के बावजूद अनुपालन नहीं होने पर विद्युत आपूर्ति काटने की कार्रवाई की गई। -
विज्ञापन
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रिपोर्ट पर कुंजा मतरालियों व मानपुर देवड़ा में हुई कार्रवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
पांवटा साहिब (सिरमौर)। पांवटा साहिब क्षेत्र के दो स्टोन क्रशर के खिलाफ हिमाचल प्रदेश राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने बड़ी कार्रवाई की है। बोर्ड के निर्देश पर बिजली विभाग की टीम ने इन क्रशर यूनिटों की विद्युत आपूर्ति को काट दिया है। इन क्रशर यूनिटों के पास वैध संचालन की सहमति (सीटीओ), पर्यावरण मंजूरी नहीं थी। कई बार नोटिस व निर्देश जारी किए जाने के बावजूद आदेशों का अनुपालन नहीं किया गया। अब बोर्ड के निर्देश मिलते ही क्रशरों पर ये कार्रवाई की गई है।
बता दें कि जिला सिरमौर में करीब 40 से अधिक स्टोन क्रशर संचालित हो रहे हैं। इनमें से अधिकांश पांवटा साहिब विधानसभा क्षेत्र के यमुना नदी, गिरि नदी, बाता नदी समेत अन्य नदी-नालों में ही संचालित हो रहे हैं। पांवटा साहिब के कुंजा मतरालियों व मानपुर देवड़ा स्थित क्रशरों के खिलाफ हिमाचल प्रदेश राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने बड़ी कार्रवाई की है। बोर्ड के निर्देश पर बिजली विभाग ने क्रशर यूनिट की विद्युत आपूर्ति काट दी है। विभाग के अनुसार, क्रशर यूनिट के पास वैध संचालन की सहमति (सीटीओ) नहीं थी और कई बार नोटिस व निर्देश जारी किए जाने के बावजूद आदेशों का अनुपालन नहीं किया गया।
विज्ञापन
कुंजा मतरालियों स्थित स्टोन क्रशर को मिली पिछली संचालन अनुमति 31 मार्च 2024 तक ही वैध थी। इसके बाद नवीनीकरण के लिए किए गए आवेदन में विभागीय टिप्पणियों और निर्देशों का अनुपालन नहीं किए जाने के कारण अस्वीकृत हुए। बाद में यूनिट ने दोबारा नवीनीकरण के लिए आवेदन किया, जिसे 30 मई 2026 को टिप्पणियों के साथ वापस किया गया। रिपोर्ट के अनुसार, इसके बावजूद यूनिट वैध संचालन अनुमति के बिना संचालित होती रही।
विज्ञापन
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार, क्रशर संचालक को सितंबर 2024 से मार्च 2026 के बीच कई बार नोटिस, कारण बताओ नोटिस और निर्देश जारी किए गए। इनमें वैध संचालन अनुमति के बिना गतिविधियां बंद करने और जल एवं वायु प्रदूषण नियंत्रण कानूनों के प्रावधानों का पालन करने के निर्देश दिए गए थे। यूनिट की पर्यावरण मंजूरी 4 मार्च 2026 को समाप्त हो गई थी, जबकि पीएमटी मंजूरी 6 जून 2026 को समाप्त हो चुकी थी।
कोट
रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई
अधिशासी अभियंता बिजली बोर्ड के अधिशासी अभियंता पांवटा साहिब नरेंद्र शर्मा व सहायक अभियंता गुरदत चौहान ने बताया कि हिमाचल प्रदेश राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय पांवटा साहिब की रिपोर्ट के आधार पर यह कार्रवाई की गई है।
कोट
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी पवन शर्मा ने बताया कि निरीक्षण के दौरान वैध संचालन अनुमति के बिना यूनिट चलाए जाने और पर्यावरणीय मानकों के अनुपालन से संबंधित कमियां दर्ज की गईं। रिपोर्ट के मुताबिक, बार-बार निर्देश दिए जाने के बावजूद अनुपालन नहीं होने पर विद्युत आपूर्ति काटने की कार्रवाई की गई। -