{"_id":"6ab52b476c1982a36e04cf60","slug":"overloaded-trucks-and-trailers-are-fearless-even-after-challans-worth-lakhs-nahan-news-c-177-1-nhn1001-189835-2026-09-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sirmour News: लाखों के चालान के बाद भी बेखौफ ओवरलोड ट्रक-ट्राले\n\n<bha>;<\/bha> जब्त करें तो खड़े करने की जगह नहीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sirmour News: लाखों के चालान के बाद भी बेखौफ ओवरलोड ट्रक-ट्राले <bha>;</bha> जब्त करें तो खड़े करने की जगह नहीं
Fri, 25 Sep 2026 12:20 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरमौर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरमौर
Updated Fri, 25 Sep 2026 12:20 AM IST
विज्ञापन
पुलिस थाना नाहन में जब्त किए गए वाहन व पार्क वाहनों से भरा परिसर। संवाद
अभियान : ओवरलोड वाहन, खतरे की घंटी- भाग 5
सिरमौर में जब्त वाहनों के लिए पुलिस, परिवहन, खनन विभाग के पास पर्याप्त स्थान नहीं
थाने-चौकियां पहले ही जब्त वाहनों से अटीं, जंक यार्ड के अभाव में कार्रवाई चालान तक सिमटी
धर्म सिंह तोमर
नाहन (सिरमौर)। सिरमौर में नियमों को ताक पर रखकर दौड़ रहे ओवरलोड ट्रक-ट्रालों पर कार्रवाई तो हो रही है, लेकिन कार्रवाई को अंजाम तक पहुंचाने में जंक यार्ड की कमी सबसे बड़ी अड़चन बनी हुई है। जिले में पुलिस थानों और चौकियों से लेकर परिवहन, खनन और संबंधित विभागों तक के पास बड़े स्तर पर जब्त किए गए ट्रक, टिप्पर, डंपर और मल्टी एक्सल ट्रालों को सुरक्षित खड़ा करने के लिए पर्याप्त जगह नहीं है। नतीजा यह है कि लाखों रुपये के चालान होने के बावजूद सड़क पर ओवरलोड वाहनों की रफ्तार थम नहीं रही है।
ओवरलोड ट्रालों के लाखों रुपये के चालान किए जा चुके हैं। इसके बावजूद खनन और अन्य सामग्री से लदे भारी वाहन नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए सड़कों पर दौड़ रहे हैं। कार्रवाई करने वाले विभागों के सामने सवाल यह भी है कि वाहन जब्त करने के बाद उन्हें रखा कहां जाए। संवाद
थाने-चौकियां वाहनों से अटीं, बड़े ट्राले रखना मुश्किल
जिले के कई पुलिस थानों और चौकियों में पहले से जब्त वाहन खड़े हैं। सीमित परिसर होने के कारण बड़े ट्रक और ट्रालों को सुरक्षित रखने की जगह ही नहीं बचती। यही स्थिति परिवहन, खनन और अन्य विभागों की भी है। इनके पास भी ऐसी कोई पर्याप्त और सुरक्षित व्यवस्था नहीं है, जहां बड़ी संख्या में जब्त भारी वाहनों को लंबे समय तक खड़ा रखा जा सके। जंक यार्ड नहीं होने से जब्ती कार्रवाई व्यावहारिक चुनौती बन गई है। बड़े वाहनों को सामान्य पार्किंग या छोटे विभागीय परिसरों में रखना न केवल मुश्किल है, बल्कि उनकी सुरक्षा भी चुनौती बनी रहती है।
विज्ञापन
जब्त ट्रक चोरी, बैटरी भी ले उड़े
जब्त वाहनों की सुरक्षा को लेकर पहले भी सवाल उठ चुके हैं। कालाअंब में कुछ माह पहले पुलिस की ओर से जब्त किए गए एक ट्रक के चोरी होने का मामला सामने आया था। हाल ही में एक वाहन की बैटरी चोरी होने की घटना भी सामने आई। ऐसे में जब्त वाहनों को सुरक्षित रखने के लिए अलग और व्यवस्थित स्थान की जरूरत और गंभीर हो जाती है।
माजरा में जंक यार्ड का प्रस्ताव
पुलिस अधीक्षक सिरमौर एनएस नेगी ने बताया कि माजरा में जंक यार्ड के लिए जमीन का प्रस्ताव है। फॉरेस्ट क्लीयरेंस मिलने के बाद इस दिशा में आगे की कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, आरटीओ सिरमौर सोना चंदेल ने बताया कि अगस्त माह में ही ओवरलोड ट्रालों के 29 लाख रुपये के चालान किए गए हैं। कई बार एक ट्राले का एक लाख रुपये तक भी चालान होता है।
संवाद
विज्ञापन
सिरमौर में जब्त वाहनों के लिए पुलिस, परिवहन, खनन विभाग के पास पर्याप्त स्थान नहीं
थाने-चौकियां पहले ही जब्त वाहनों से अटीं, जंक यार्ड के अभाव में कार्रवाई चालान तक सिमटी
धर्म सिंह तोमर
नाहन (सिरमौर)। सिरमौर में नियमों को ताक पर रखकर दौड़ रहे ओवरलोड ट्रक-ट्रालों पर कार्रवाई तो हो रही है, लेकिन कार्रवाई को अंजाम तक पहुंचाने में जंक यार्ड की कमी सबसे बड़ी अड़चन बनी हुई है। जिले में पुलिस थानों और चौकियों से लेकर परिवहन, खनन और संबंधित विभागों तक के पास बड़े स्तर पर जब्त किए गए ट्रक, टिप्पर, डंपर और मल्टी एक्सल ट्रालों को सुरक्षित खड़ा करने के लिए पर्याप्त जगह नहीं है। नतीजा यह है कि लाखों रुपये के चालान होने के बावजूद सड़क पर ओवरलोड वाहनों की रफ्तार थम नहीं रही है।
ओवरलोड ट्रालों के लाखों रुपये के चालान किए जा चुके हैं। इसके बावजूद खनन और अन्य सामग्री से लदे भारी वाहन नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए सड़कों पर दौड़ रहे हैं। कार्रवाई करने वाले विभागों के सामने सवाल यह भी है कि वाहन जब्त करने के बाद उन्हें रखा कहां जाए। संवाद
विज्ञापन
थाने-चौकियां वाहनों से अटीं, बड़े ट्राले रखना मुश्किल
जिले के कई पुलिस थानों और चौकियों में पहले से जब्त वाहन खड़े हैं। सीमित परिसर होने के कारण बड़े ट्रक और ट्रालों को सुरक्षित रखने की जगह ही नहीं बचती। यही स्थिति परिवहन, खनन और अन्य विभागों की भी है। इनके पास भी ऐसी कोई पर्याप्त और सुरक्षित व्यवस्था नहीं है, जहां बड़ी संख्या में जब्त भारी वाहनों को लंबे समय तक खड़ा रखा जा सके। जंक यार्ड नहीं होने से जब्ती कार्रवाई व्यावहारिक चुनौती बन गई है। बड़े वाहनों को सामान्य पार्किंग या छोटे विभागीय परिसरों में रखना न केवल मुश्किल है, बल्कि उनकी सुरक्षा भी चुनौती बनी रहती है।
विज्ञापन
जब्त ट्रक चोरी, बैटरी भी ले उड़े
जब्त वाहनों की सुरक्षा को लेकर पहले भी सवाल उठ चुके हैं। कालाअंब में कुछ माह पहले पुलिस की ओर से जब्त किए गए एक ट्रक के चोरी होने का मामला सामने आया था। हाल ही में एक वाहन की बैटरी चोरी होने की घटना भी सामने आई। ऐसे में जब्त वाहनों को सुरक्षित रखने के लिए अलग और व्यवस्थित स्थान की जरूरत और गंभीर हो जाती है।
माजरा में जंक यार्ड का प्रस्ताव
पुलिस अधीक्षक सिरमौर एनएस नेगी ने बताया कि माजरा में जंक यार्ड के लिए जमीन का प्रस्ताव है। फॉरेस्ट क्लीयरेंस मिलने के बाद इस दिशा में आगे की कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, आरटीओ सिरमौर सोना चंदेल ने बताया कि अगस्त माह में ही ओवरलोड ट्रालों के 29 लाख रुपये के चालान किए गए हैं। कई बार एक ट्राले का एक लाख रुपये तक भी चालान होता है।
संवाद

पुलिस थाना नाहन में जब्त किए गए वाहन व पार्क वाहनों से भरा परिसर। संवाद