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Sirmour News: नाहन में डॉ. दीन दयाल वर्मा के काव्य नाटक तपस्या.., का लोकार्पण
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नाहन में साहित्यकार दीन दयाल वर्मा के काव्य नाटक तपस्या का लोकार्पण करती मीरा वर्मा। संवाद
सचित्र--
नाहन में डॉ. दीन दयाल वर्मा के काव्य नाटक ‘तपस्या’ का लोकार्पण
रश्मि प्रकाशन की प्रबंधक निदेशक मीरा वर्मा ने किया विमोचन
बालिका शिक्षा और पर्यावरण सुरक्षा पर आधारित है काव्य नाटक
1976 में आई थी पहली पुस्तक, अब तक दर्जनों पुस्तकें प्रकाशित
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। वैशाखी पर्व पर प्रदेश के वरिष्ठ साहित्यकार एवं नाहन निवासी डॉ. दीन दयाल वर्मा के काव्य नाटक तपस्या.., का विमोचन हुआ। रश्मि प्रकाशन की प्रबंधक निदेशक मीरा वर्मा ने काव्य नाटक का लोकार्पण किया। यह पुस्तक बालिका शिक्षा और पर्यावरण सुरक्षा पर आधारित है।
डॉ. दीन दयाल वर्मा का यह तीसरा काव्य नाटक है। इससे पूर्व लेखक के दो नाटक गुरु दक्षिणा और प्रेम पुष्प प्रकाशित हुए हैं। देश के विभिन्न शहरों में जहां गुरु दक्षिणा नाटक का मंचन हुआ वहीं पूर्व प्रधान अटल बिहारी वाजपेयी ने भी इस नाटक की प्रशंसा की है। इनकी पहली पुस्तक 1976 में प्रकाशित हुई थी।
हिंदी साहित्य सेवा के लिए यह 16 हजार से अधिक पुस्तकें विद्यालय और समाज में निशुल्क वितरित कर चुके हैं।
लेखक की कहानी संग्रह बीस साल बाद.., और प्रकृति के रंग, काव्य संग्रह काव्य रश्मि.., मन के वन में.., प्रकृति पन्नों से, व्यंग्य संग्रह सांसों की सरकार.., उपन्यास जंगली क्वार्टर.., आदि दर्जनों पुस्तकें प्रकाशित हुई हैं।
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नए काव्य नाटक तपस्या.., एक अबोध, असहाय, अत्यंत निर्धन बालिका की कहानी है। लेखक ने बालिका के कठिन परिश्रम को दर्शाया है कि कैसे विकट परिस्थितियों और दुर्गम पर्वतीय क्षेत्र में रहकर पढ़ाई की और प्रशासनिक सेवा में चयनित हुई।
काव्य नाटक में लेखक ने गांव देहात के साधारण वातावरण की बोलचाल भाषा का सफलतापूर्वक प्रयोग किया है।
सिरमौर जिले के चित्रकार एवं कवि दीपराज विश्वास ने इस पुस्तक का आकर्षक आवरण बनाया है और संपादन किया है। इस मौके पर गौरव चौहान, रश्मि चौहान, सह संपादक अक्षु देवी समेत अन्य मौजूद रहे।
-- -संवाद
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नाहन में डॉ. दीन दयाल वर्मा के काव्य नाटक ‘तपस्या’ का लोकार्पण
रश्मि प्रकाशन की प्रबंधक निदेशक मीरा वर्मा ने किया विमोचन
बालिका शिक्षा और पर्यावरण सुरक्षा पर आधारित है काव्य नाटक
1976 में आई थी पहली पुस्तक, अब तक दर्जनों पुस्तकें प्रकाशित
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। वैशाखी पर्व पर प्रदेश के वरिष्ठ साहित्यकार एवं नाहन निवासी डॉ. दीन दयाल वर्मा के काव्य नाटक तपस्या.., का विमोचन हुआ। रश्मि प्रकाशन की प्रबंधक निदेशक मीरा वर्मा ने काव्य नाटक का लोकार्पण किया। यह पुस्तक बालिका शिक्षा और पर्यावरण सुरक्षा पर आधारित है।
डॉ. दीन दयाल वर्मा का यह तीसरा काव्य नाटक है। इससे पूर्व लेखक के दो नाटक गुरु दक्षिणा और प्रेम पुष्प प्रकाशित हुए हैं। देश के विभिन्न शहरों में जहां गुरु दक्षिणा नाटक का मंचन हुआ वहीं पूर्व प्रधान अटल बिहारी वाजपेयी ने भी इस नाटक की प्रशंसा की है। इनकी पहली पुस्तक 1976 में प्रकाशित हुई थी।
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हिंदी साहित्य सेवा के लिए यह 16 हजार से अधिक पुस्तकें विद्यालय और समाज में निशुल्क वितरित कर चुके हैं।
लेखक की कहानी संग्रह बीस साल बाद.., और प्रकृति के रंग, काव्य संग्रह काव्य रश्मि.., मन के वन में.., प्रकृति पन्नों से, व्यंग्य संग्रह सांसों की सरकार.., उपन्यास जंगली क्वार्टर.., आदि दर्जनों पुस्तकें प्रकाशित हुई हैं।
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नए काव्य नाटक तपस्या.., एक अबोध, असहाय, अत्यंत निर्धन बालिका की कहानी है। लेखक ने बालिका के कठिन परिश्रम को दर्शाया है कि कैसे विकट परिस्थितियों और दुर्गम पर्वतीय क्षेत्र में रहकर पढ़ाई की और प्रशासनिक सेवा में चयनित हुई।
काव्य नाटक में लेखक ने गांव देहात के साधारण वातावरण की बोलचाल भाषा का सफलतापूर्वक प्रयोग किया है।
सिरमौर जिले के चित्रकार एवं कवि दीपराज विश्वास ने इस पुस्तक का आकर्षक आवरण बनाया है और संपादन किया है। इस मौके पर गौरव चौहान, रश्मि चौहान, सह संपादक अक्षु देवी समेत अन्य मौजूद रहे।