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Sirmour News: प्रतिनियुक्ति के सहारे चल रहा पट्टा कुरफड़ स्कूल, दो साल से स्थायी शिक्षक का इंतजार
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-10 बच्चों की पढ़ाई पर संकट, कभी नजदीकी स्कूल से भेजा जाता है शिक्षक तो कई दिन खाली रहता है स्कूल
भेखानंद वर्धन
नैनाटिक्कर (सिरमौर)। पच्छाद के ग्राम पंचायत साधना घाट का राजकीय प्राथमिक विद्यालय पट्टा कुरफड़ करीब दो साल से स्थायी शिक्षक की राह देख रहा है। स्थायी तौर पर एक भी शिक्षक तैनात नहीं होने से बच्चों की पढ़ाई फिलहाल प्रतिनियुक्ति (डेप्युटेशन) के सहारे चल रही है। कभी नजदीकी स्कूल से शिक्षक भेजा जाता है तो कई बार स्कूल में शिक्षक उपलब्ध नहीं होने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती है।
किशन, प्यारे लाल, बलबीर सिंह, बबलू राम, अमर सिंह और राजू सहित अन्य ग्रामीणों का कहना है कि दुर्गम क्षेत्र में स्थित इस स्कूल में शिक्षक की स्थायी नियुक्ति को लेकर कई बार शिक्षा विभाग को लिखित और मौखिक रूप से अवगत करवाया जा चुका है, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। अभिभावकों का कहना है कि क्षेत्र के अधिकांश परिवार अपने बच्चों को निजी स्कूलों में भेजने की स्थिति में नहीं हैं। ऐसे में सरकारी स्कूल ही उनके बच्चों की शिक्षा का प्रमुख सहारा है।
ग्रामीणों का कहना है कि बच्चे रोजाना स्कूल पहुंचते हैं, लेकिन शिक्षक की नियमित उपलब्धता नहीं होने से उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है। इससे पाठ्यक्रम पूरा करने के साथ-साथ बच्चों की बुनियादी शिक्षा को लेकर भी अभिभावक चिंतित हैं। उनका कहना है कि दूरदराज के क्षेत्रों में सरकारी स्कूलों में शिक्षक उपलब्ध करवाना विभाग की प्राथमिकता होनी चाहिए।
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स्थानीय लोगों ने कहा कि एक ओर सरकार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, नई शिक्षा नीति और डिजिटल शिक्षा की बात कर रही है, वहीं दूसरी ओर प्राथमिक स्कूल में शिक्षक की स्थायी व्यवस्था नहीं होना चिंता का विषय है। उनका कहना है कि 10 बच्चों वाले इस स्कूल को शिक्षक की आवश्यकता है, न कि केवल प्रतिनियुक्ति व्यवस्था की। अभिभावकों और पंचायत प्रतिनिधियों ने शिक्षा विभाग तथा जिला प्रशासन से पट्टा कुरफड़ स्कूल में तुरंत स्थायी शिक्षक की नियुक्ति करने की मांग की है।
उधर, कार्यवाहक उपनिदेशक प्रारंभिक शिक्षा राजीव ठाकुर ने बताया कि जिला को जल्द 55 शिक्षक मिलने वाले हैं। जैसे ही नए शिक्षक मिलते हैं उन्हें प्राथमिकता के आधार पर ऐसे स्कूलों में ही तैनात किया जाएगा।
संवाद-- -- -- -- -- -
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भेखानंद वर्धन
नैनाटिक्कर (सिरमौर)। पच्छाद के ग्राम पंचायत साधना घाट का राजकीय प्राथमिक विद्यालय पट्टा कुरफड़ करीब दो साल से स्थायी शिक्षक की राह देख रहा है। स्थायी तौर पर एक भी शिक्षक तैनात नहीं होने से बच्चों की पढ़ाई फिलहाल प्रतिनियुक्ति (डेप्युटेशन) के सहारे चल रही है। कभी नजदीकी स्कूल से शिक्षक भेजा जाता है तो कई बार स्कूल में शिक्षक उपलब्ध नहीं होने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती है।
किशन, प्यारे लाल, बलबीर सिंह, बबलू राम, अमर सिंह और राजू सहित अन्य ग्रामीणों का कहना है कि दुर्गम क्षेत्र में स्थित इस स्कूल में शिक्षक की स्थायी नियुक्ति को लेकर कई बार शिक्षा विभाग को लिखित और मौखिक रूप से अवगत करवाया जा चुका है, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। अभिभावकों का कहना है कि क्षेत्र के अधिकांश परिवार अपने बच्चों को निजी स्कूलों में भेजने की स्थिति में नहीं हैं। ऐसे में सरकारी स्कूल ही उनके बच्चों की शिक्षा का प्रमुख सहारा है।
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ग्रामीणों का कहना है कि बच्चे रोजाना स्कूल पहुंचते हैं, लेकिन शिक्षक की नियमित उपलब्धता नहीं होने से उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है। इससे पाठ्यक्रम पूरा करने के साथ-साथ बच्चों की बुनियादी शिक्षा को लेकर भी अभिभावक चिंतित हैं। उनका कहना है कि दूरदराज के क्षेत्रों में सरकारी स्कूलों में शिक्षक उपलब्ध करवाना विभाग की प्राथमिकता होनी चाहिए।
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स्थानीय लोगों ने कहा कि एक ओर सरकार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, नई शिक्षा नीति और डिजिटल शिक्षा की बात कर रही है, वहीं दूसरी ओर प्राथमिक स्कूल में शिक्षक की स्थायी व्यवस्था नहीं होना चिंता का विषय है। उनका कहना है कि 10 बच्चों वाले इस स्कूल को शिक्षक की आवश्यकता है, न कि केवल प्रतिनियुक्ति व्यवस्था की। अभिभावकों और पंचायत प्रतिनिधियों ने शिक्षा विभाग तथा जिला प्रशासन से पट्टा कुरफड़ स्कूल में तुरंत स्थायी शिक्षक की नियुक्ति करने की मांग की है।
उधर, कार्यवाहक उपनिदेशक प्रारंभिक शिक्षा राजीव ठाकुर ने बताया कि जिला को जल्द 55 शिक्षक मिलने वाले हैं। जैसे ही नए शिक्षक मिलते हैं उन्हें प्राथमिकता के आधार पर ऐसे स्कूलों में ही तैनात किया जाएगा।
संवाद