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मलबे में बही कार, सवारियों ने छलांग लगाकर बचाई जान
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सिरमौर के सतौन के समीप मलबे के साथ बही जायलो कार। संवाद
- फोटो : NAHAN
सतौन (सिरमौर)। सतौन-श्रीरेणुका जी सड़क पर देर रात टिक्कर खड्ड के समीप भारी बारिश के बीच मलबे की चपेट में आने से एक कार बह गई। इस दौरान वाहन में सवार लोगों ने छलांग लगाकर अपनी जान बचाई, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।
जानकारी के मुताबिक श्रीरेणुका जी की तरफ से पर्यटक लेकर सतौन की ओर जा रही जायलो कार मलबे में फंस गई। चालक गाड़ी को पार करने लगा लेकिन वाहन दलदल में फंसता चला गया और अचानक ही मलबे के साथ बह गई। गाड़ी में सवार लोगों ने आनन-फानन में छलांग लगाकर अपनी जान बचाई। वाहन में तीन-चार लोग सवार थे। गनीमत यह रही कि बड़ा हादसा टल गया।
बता दें कि सतौन-श्रीरेणुका जी सड़क पर सतौन से महज एक किमी की दूरी पर टिक्कर खड्ड में पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा पानी के साथ सड़क पर गिर रहा है। इससे पहले भी हर बारिश में यह सड़क टिक्कर खड्ड के समीप बंद होती रही है। यह सिलसिला कई दशकों से चला आ रहा है लेकिन विभाग और सरकार यहां कोई समाधान नहीं निकाल पाई है। बारिश के बीच मलबा आने से इस जगह वाहन निकालना तो दूर पैदल चलना भी मुश्किल है।
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क्षेत्र के ग्रामीण सुनील कपूर, विजेंद्र कपूर, नीताराम शर्मा, विजेंद्र सिंह, दलीप सिंह, बलदेव सिंह, सुरेश ठाकुर आदि ने बताया कि यहां बारिश के दौरान पहाड़ी से दलदल आ जाता है, जिससे लोगों को जान जोखिम में डालकर पार करना पड़ता है। उन्होंने बताया कि यहां पर बरसात में कई बार बड़े हादसे हो चुके हैं। उसके बावजूद भी सरकार व प्रशासन ने इसके समाधान के लिए कोई कदम नहीं उठाए हैं।
विभाग के सहायक अभियंता योगेश शर्मा ने बताया कि मशीन भेजकर मार्ग बहाल कर दिया है। मलबे में फंसे वाहन को भी निकाला गया है।
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जानकारी के मुताबिक श्रीरेणुका जी की तरफ से पर्यटक लेकर सतौन की ओर जा रही जायलो कार मलबे में फंस गई। चालक गाड़ी को पार करने लगा लेकिन वाहन दलदल में फंसता चला गया और अचानक ही मलबे के साथ बह गई। गाड़ी में सवार लोगों ने आनन-फानन में छलांग लगाकर अपनी जान बचाई। वाहन में तीन-चार लोग सवार थे। गनीमत यह रही कि बड़ा हादसा टल गया।
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बता दें कि सतौन-श्रीरेणुका जी सड़क पर सतौन से महज एक किमी की दूरी पर टिक्कर खड्ड में पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा पानी के साथ सड़क पर गिर रहा है। इससे पहले भी हर बारिश में यह सड़क टिक्कर खड्ड के समीप बंद होती रही है। यह सिलसिला कई दशकों से चला आ रहा है लेकिन विभाग और सरकार यहां कोई समाधान नहीं निकाल पाई है। बारिश के बीच मलबा आने से इस जगह वाहन निकालना तो दूर पैदल चलना भी मुश्किल है।
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क्षेत्र के ग्रामीण सुनील कपूर, विजेंद्र कपूर, नीताराम शर्मा, विजेंद्र सिंह, दलीप सिंह, बलदेव सिंह, सुरेश ठाकुर आदि ने बताया कि यहां बारिश के दौरान पहाड़ी से दलदल आ जाता है, जिससे लोगों को जान जोखिम में डालकर पार करना पड़ता है। उन्होंने बताया कि यहां पर बरसात में कई बार बड़े हादसे हो चुके हैं। उसके बावजूद भी सरकार व प्रशासन ने इसके समाधान के लिए कोई कदम नहीं उठाए हैं।
विभाग के सहायक अभियंता योगेश शर्मा ने बताया कि मशीन भेजकर मार्ग बहाल कर दिया है। मलबे में फंसे वाहन को भी निकाला गया है।