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पंचाड़ बस हादसा: नौ लोगों की मौत के मामले में बस मालिक व चालक बरी
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अभियोजन पक्ष आरोप साबित करने में नाकाम
गवाहों के बयानों में विरोधाभास से मिला संदेह का लाभ
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। वर्ष 2016 में पंचाड़ के पास हुए निजी बस हादसे के मामले में न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी रितु सिन्हा की अदालत ने बस चालक बताए गए राहुल ठाकुर और बस मालिक संत राम शर्मा को बरी कर दिया। हादसे में नौ लोगों की मौत हुई थी। अदालत ने कहा कि अभियोजन यह संदेह से परे साबित नहीं कर सका कि हादसे के समय बस राहुल ठाकुर ही चला रहा था। गवाहों के विरोधाभासी बयानों के कारण दोनों आरोपियों को संदेह का लाभ दिया गया।
राहुल ठाकुर निवासी गांव चखाल को भारतीय दंड संहिता की धारा 279, 337, 338 और 304-ए तथा मोटर वाहन अधिनियम की धारा 181 के आरोपों से बरी किया गया। संत राम शर्मा निवासी शामती, सोलन को मोटर वाहन अधिनियम की धारा 180 के आरोप से बरी किया गया।हादसा 25 फरवरी 2016 को शाम करीब 6:15 बजे हुआ था। अनामिका कोच की बस एचपी-14ए-4256 सड़क से नीचे गिर गई थी। अभियोजन के अनुसार नौ लोगों की मौत हुई थी।
अदालत में शिकायतकर्ता ने राहुल को चालक बताने के पूर्व बयान से अलग धीरेंद्र को चालक और राहुल को कंडक्टर बताया। अन्य गवाहों के बयान भी आपस में मेल नहीं खाते थे। अदालत ने कहा कि अभियोजन आरोप सिद्ध करने में असफल रहा। दोनों आरोपियों के बंधपत्र निरस्त कर धारा 437-ए सीआरपीसी के तहत बंधपत्र जारी रखने के निर्देश दिए गए।
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गवाहों के बयानों में विरोधाभास से मिला संदेह का लाभ
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। वर्ष 2016 में पंचाड़ के पास हुए निजी बस हादसे के मामले में न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी रितु सिन्हा की अदालत ने बस चालक बताए गए राहुल ठाकुर और बस मालिक संत राम शर्मा को बरी कर दिया। हादसे में नौ लोगों की मौत हुई थी। अदालत ने कहा कि अभियोजन यह संदेह से परे साबित नहीं कर सका कि हादसे के समय बस राहुल ठाकुर ही चला रहा था। गवाहों के विरोधाभासी बयानों के कारण दोनों आरोपियों को संदेह का लाभ दिया गया।
राहुल ठाकुर निवासी गांव चखाल को भारतीय दंड संहिता की धारा 279, 337, 338 और 304-ए तथा मोटर वाहन अधिनियम की धारा 181 के आरोपों से बरी किया गया। संत राम शर्मा निवासी शामती, सोलन को मोटर वाहन अधिनियम की धारा 180 के आरोप से बरी किया गया।हादसा 25 फरवरी 2016 को शाम करीब 6:15 बजे हुआ था। अनामिका कोच की बस एचपी-14ए-4256 सड़क से नीचे गिर गई थी। अभियोजन के अनुसार नौ लोगों की मौत हुई थी।
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अदालत में शिकायतकर्ता ने राहुल को चालक बताने के पूर्व बयान से अलग धीरेंद्र को चालक और राहुल को कंडक्टर बताया। अन्य गवाहों के बयान भी आपस में मेल नहीं खाते थे। अदालत ने कहा कि अभियोजन आरोप सिद्ध करने में असफल रहा। दोनों आरोपियों के बंधपत्र निरस्त कर धारा 437-ए सीआरपीसी के तहत बंधपत्र जारी रखने के निर्देश दिए गए।
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