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Sirmour News: बारिश और तेज हवाओं से धान की फसल को नुकसान, मंडियों में आवक घटी

Fri, 16 Oct 2026 12:35 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरमौर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरमौर Updated Fri, 16 Oct 2026 12:35 AM IST
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Paddy crop damaged by rain and strong winds; arrivals at markets decline.
जिला सिरमौर में रुक-रुक कर बारिश से बढ़ी ठंड, सुबह-शाम गर्म कपड़े पहनने को मजबूर हुए लोग
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कटाई के साथ खरीद पर भी मौसम की मार, बढ़ती मजदूरी से उत्पादन लागत में इजाफा;
पांवटा मंडी में अब तक 35 हजार क्विंटल धान की खरीद

संवाद न्यूज एजेंसी
धौलाकुआं (सिरमौर)। जिला सिरमौर में रुक-रुककर हो रही बारिश और तेज हवाओं से धान की फसल प्रभावित हुई है। पांवटा साहिब विकास खंड में खेतों में खड़ी फसल बिछ गई, जबकि कटाई के बाद सुखाने के लिए खेतों में रखी हजारों बीघा फसल भी भीग गई। इससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। वहीं, पांवटा साहिब और धौलाकुआं की धान खरीद मंडियों में आवक धीमी पड़ गई है और इक्का-दुक्का किसान ही धान लेकर पहुंच रहे हैं।
पिछले चार दिन से मौसम साफ रहने के कारण किसान कटाई में जुटे थे, लेकिन अचानक मौसम बिगड़ने से उनकी मेहनत पर पानी फिर गया। कटाई के अहम समय पर बारिश होने से फसल सुखाने और मंडियों तक पहुंचाने की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है।
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3.50 लाख क्विंटल धान उत्पादन का अनुमान
पांवटा साहिब प्रदेश के प्रमुख धान उत्पादक क्षेत्रों में शामिल है। इस वर्ष क्षेत्र में करीब आठ हजार हेक्टेयर भूमि पर धान और चार हजार हेक्टेयर में मक्की की खेती की गई है। अनुमान के अनुसार, प्रति हेक्टेयर औसतन 48 से 50 क्विंटल धान की पैदावार होती है। इस आधार पर क्षेत्र में करीब 3.50 लाख क्विंटल धान मंडियों तक पहुंचने का अनुमान है। ऐसे में बारिश से किसानों की आय और धान कारोबार प्रभावित होने की आशंका है।
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मजदूरी बढ़ने से उत्पादन लागत में इजाफा
धान की खेती में बढ़ती मजदूरी भी किसानों के लिए चुनौती बन रही है। किसानों के अनुसार, इस बार कटाई के लिए मजदूर आसानी से नहीं मिल रहे हैं। जहां मजदूर उपलब्ध हैं, वहां कटाई के लिए करीब 24 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर तक खर्च करना पड़ रहा है।
किसान गुरचरण, चंद्रशेखर, पवन चौधरी, तारीफ अली और गुमान चौधरी ने बताया कि रोपाई से कटाई तक मजदूरी पर करीब 36 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर खर्च हो जाता है। इसके अलावा खाद और दवाइयों पर भी लागत आती है। ऐसे में बारिश से नुकसान होने पर आर्थिक दबाव और बढ़ गया है।

पांवटा मंडी में 35 हजार क्विंटल धान की तुलाई
बारिश के कारण मंडियों में धान की आवक कम है। मौसम को देखते हुए पांवटा साहिब मंडी में टीन शेड के नीचे झरना लगाकर धान की खरीद शुरू की गई है, ताकि किसानों को सुविधा मिल सके। मंडी समिति के चेयरमैन सीता राम शर्मा ने बताया कि किसानों की सुविधाओं का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि अब तक पांवटा मंडी में 35 हजार क्विंटल धान की तुलाई हो चुकी है।


बारिश से तापमान में गिरावट, ठंड बढ़ी
नाहन। जिले में रुक-रुककर हो रही बारिश और ठंडी हवाओं से तापमान में गिरावट आई है। सुबह और शाम ठंड बढ़ने से लोगों ने गर्म कपड़े निकालने शुरू कर दिए हैं। मौसम में बदलाव का असर किसानों, कृषि कारोबार और आम जनजीवन पर भी पड़ रहा है। किसानों और धान कारोबारियों की नजर अब मौसम पर टिकी है। मौसम साफ रहने से खेतों में पड़ी फसल को सुखाने और मंडियों में धान की आवक बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
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