{"_id":"6ab531bd1fa3231f23046caf","slug":"no-water-in-taps-for-a-month-villagers-of-manderwa-forced-to-drink-contaminated-river-water-nahan-news-c-177-1-nhn1001-189823-2026-09-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sirmour News: एक माह से नलों में पानी नहीं, नदी का दूषित पानी पीने को मजबूर मंडेरवा के ग्रामीण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sirmour News: एक माह से नलों में पानी नहीं, नदी का दूषित पानी पीने को मजबूर मंडेरवा के ग्रामीण
Fri, 25 Sep 2026 12:49 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरमौर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरमौर
Updated Fri, 25 Sep 2026 12:49 AM IST
विज्ञापन
दूरदराज से सिर-पीठ पर पानी ढोकर बुझा रहे प्यास, महिलाओं, बुजुर्गों और स्कूली बच्चों की बढ़ी परेशानी
विधायक को सौंपा ज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। नाहन विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत बिक्रमबाग के मंडेरवा गांव में पिछले करीब एक माह से पेयजल आपूर्ति ठप होने से ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। गांव के नलों में लंबे समय से पानी नहीं आने के कारण लोगों को पीने और घरेलू जरूरतों के लिए दूरदराज के क्षेत्रों से पानी ढोकर लाना पड़ रहा है। पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने पर कई ग्रामीण नदी के दूषित पानी का इस्तेमाल करने को मजबूर हैं। इससे ग्रामीणों में जलजनित बीमारियों का खतरा बना हुआ है।
स्थानीय ग्रामीण सोमनाथ, बलबीर, देशराज, अमर सिंह, सुरेश, कृष्ण, भूपेंद्र कौर, नाटी और जय प्रकाश आदि ने बताया कि गांव में पेयजल किल्लत कोई नई समस्या नहीं है। कई वर्षों से ग्रामीण पेयजल समस्या से जूझ रहे हैं, लेकिन पिछले करीब एक महीने से स्थिति और गंभीर हो गई है। नलों में पानी की आपूर्ति पूरी तरह प्रभावित होने से ग्रामीणों को पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार पीने के पानी का इंतजाम करने के लिए महिलाओं और बुजुर्गों को सिर व पीठ पर पानी ढोना पड़ रहा है, जबकि स्कूली बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है। रोजमर्रा के घरेलू कामकाज के लिए भी पर्याप्त पानी उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। नदी के पानी का सहारा लेने से ग्रामीणों को स्वास्थ्य संबंधी चिंता भी सता रही है।
विज्ञापन
पेयजल संकट से परेशान मंडेरवा के ग्रामीणों का एक प्रतिनिधिमंडल वीरवार को नाहन के स्थानीय विधायक अजय सोलंकी से मिला। ग्रामीणों ने उन्हें ज्ञापन सौंपकर गांव में जल्द नियमित पेयजल आपूर्ति बहाल करवाने की मांग उठाई। इस दौरान ग्रामीणों ने जल शक्ति विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर भी रोष जताया और समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की।
ग्रामीणों की समस्या सुनने के बाद विधायक अजय सोलंकी ने संबंधित अधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर पेयजल समस्या का समाधान करने और गांव में आपूर्ति बहाल करने के निर्देश दिए। विधायक के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि लंबे समय से चली आ रही पेयजल समस्या का जल्द समाधान होगा और उन्हें दूषित पानी का सहारा नहीं लेना पड़ेगा।
विज्ञापन
विधायक को सौंपा ज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। नाहन विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत बिक्रमबाग के मंडेरवा गांव में पिछले करीब एक माह से पेयजल आपूर्ति ठप होने से ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। गांव के नलों में लंबे समय से पानी नहीं आने के कारण लोगों को पीने और घरेलू जरूरतों के लिए दूरदराज के क्षेत्रों से पानी ढोकर लाना पड़ रहा है। पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने पर कई ग्रामीण नदी के दूषित पानी का इस्तेमाल करने को मजबूर हैं। इससे ग्रामीणों में जलजनित बीमारियों का खतरा बना हुआ है।
स्थानीय ग्रामीण सोमनाथ, बलबीर, देशराज, अमर सिंह, सुरेश, कृष्ण, भूपेंद्र कौर, नाटी और जय प्रकाश आदि ने बताया कि गांव में पेयजल किल्लत कोई नई समस्या नहीं है। कई वर्षों से ग्रामीण पेयजल समस्या से जूझ रहे हैं, लेकिन पिछले करीब एक महीने से स्थिति और गंभीर हो गई है। नलों में पानी की आपूर्ति पूरी तरह प्रभावित होने से ग्रामीणों को पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है।
विज्ञापन
ग्रामीणों के अनुसार पीने के पानी का इंतजाम करने के लिए महिलाओं और बुजुर्गों को सिर व पीठ पर पानी ढोना पड़ रहा है, जबकि स्कूली बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है। रोजमर्रा के घरेलू कामकाज के लिए भी पर्याप्त पानी उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। नदी के पानी का सहारा लेने से ग्रामीणों को स्वास्थ्य संबंधी चिंता भी सता रही है।
विज्ञापन
पेयजल संकट से परेशान मंडेरवा के ग्रामीणों का एक प्रतिनिधिमंडल वीरवार को नाहन के स्थानीय विधायक अजय सोलंकी से मिला। ग्रामीणों ने उन्हें ज्ञापन सौंपकर गांव में जल्द नियमित पेयजल आपूर्ति बहाल करवाने की मांग उठाई। इस दौरान ग्रामीणों ने जल शक्ति विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर भी रोष जताया और समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की।
ग्रामीणों की समस्या सुनने के बाद विधायक अजय सोलंकी ने संबंधित अधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर पेयजल समस्या का समाधान करने और गांव में आपूर्ति बहाल करने के निर्देश दिए। विधायक के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि लंबे समय से चली आ रही पेयजल समस्या का जल्द समाधान होगा और उन्हें दूषित पानी का सहारा नहीं लेना पड़ेगा।