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सिरमौर: बर्फ से लकदक रहने वाली हरिपुरधार की वादिया हुईं वीरान

Sun, 19 Feb 2023 05:51 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sun, 19 Feb 2023 05:51 PM IST
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no snowfall in haripurdhar people facing problem
सचित्र 05, 06
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बर्फ से लकदक रहने वाली हरिपुरधार की वादियां हुईं वीरान
फरवरी माह में एक बार भी बर्फबारी न होने से पर्यटक मायूस
किसान-बागवानों को सताने लगी फसलों और बागीचों की चिंता
तापमान में बढ़ोतरी, होटल व्यवसायी झेल रहे मंदी की मार
संवाद न्यूज एजेंसी
हरिपुरधार (सिरमौर)। सिरमौर जिले के प्रसिद्ध पर्यटक स्थल हरिपुरधार की रमणीक वादियां जो मार्च महीने तक बर्फ से लकदक रहती थीं इस बार बर्फ के बिना विरान हो गईं हैं। इस बार जनवरी में तीन बार हल्की बर्फबारी हुई। फरवरी महीने में एक बार भी बर्फबारी न होने से क्षेत्र के किसान-बागबान जहां परेशान हैं वहीं यहां आने वाले पर्यटक भी मायूस होकर वापस लौट रहे हैं।
जनवरी में जब बर्फबारी हुई थी तो पंजाब, हरियाणा, दिल्ली व चंडीगढ़ से भारी संख्या में पर्यटक बर्फबारी देखने के लिए हरिपुरधार पहुंचे थे। फरवरी में एक बार भी बर्फबारी नहीं हुई है इसलिए काफी कम संख्या में पर्यटक यहां पहुंच रहे हैं। कम संख्या में पर्यटकों के पहुंचने से होटल व्यवसायी भी मंदी की मार झेल रहे हैं। यहां का होटल व्यवसाय पर्यटन पर ही निर्भर है। दिसंबर माह से ही हरिपुरधार में बर्फ गिरने शुरू हो जाती है, इसलिए दिसंबर से मार्च महीने तक यहां पर बर्फबारी देखने के लिए पर्यटकों का हुजूम उमड़ता है।
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तापमान में हुई बढ़ोतरी
आमतौर पर फरवरी महीने में हरिपुरधार का अधिकतम तापमान 16 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम तापमान -7 डिग्री सेल्सियस तक तक रहता है। इस बार शनिवार को अधिकतम तापमान 23 डिग्री व न्यूनतम तापमान 7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जोकि सामान्य से काफी अधिक है।
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गर्मियों में पैदा हो सकता है गंभीर पेयजल संकट
कम बर्फबारी होने से इस बार क्षेत्र में गर्मियों के दिनों में पेयजल का गंभीर संकट पैदा हो सकता है। कई प्राकृतिक जल स्रोत में अभी से ही पानी का स्तर घटने लगा है। इसके कारण कई इलाकों में अभी से ही पेयजल संकट गहराने लगा है। क्षेत्र में जब अच्छी बर्फबारी होती है तो ऊंची चोटियों पर अप्रैल महीने तक बर्फ जमी रहने के कारण प्राकृतिक जल स्रोत भी लंबे समय तक चार्ज रहते हैं। यदि फरवरी में बर्फबारी नहीं होती है तो इस बार मई-जून में पीने के पानी के लिए हाहाकार मच सकती है।
----चंद्र
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