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Sirmour News: खून की कमी से न जाए किसी की जान, करते रहें रक्तदान
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आशीष कुमार। संवाद
रक्तदान दिवस विशेष
फैक्टरी में नहीं बनता खून, मनुष्य को मनुष्य के काम आना है जरूरी
पंकज तन्हा
नाहन (सिरमौर)। दुनिया में 14 जून का दिन विश्व रक्तदान दिवस के रूप मनाया जाएगा। इस दिन होने वाले कार्यक्रमों की चलते अब लोगों में रक्तदान को लेकर भ्रांतियां दूर होने लगी हैं। कोरोना काल में भी स्वैच्छिक रक्तदाताओं ने संक्रमण की आशंका के बावजूद आगे आकर रक्तदान करके लोगों की जान बचाई। शहर में भी कई रक्तदाता ऐसे हैं जो लंबे अर्से से रक्तदान कर पुण्य कमा रहे हैं। इन लोगों से जब बात की गई तो उन्होंने रक्तदान को महादान करार दिया।
सामाजिक कार्यकर्ता आशीष कुमार ने बताया कि वह समय-समय पर खून दान करते रहे हैं। खून का निर्माण किसी फैक्टरी में नहीं होता। इसलिए मनुष्य को मनुष्य के काम आना जरूरी है। खून की कमी से किसी की जान न जाए, इसके लिए रक्तदान करते रहना चाहिए।
संजय चौहान ने कहा कि वे भी कई बार रक्तदान कर चुके हैं। रक्त देने से किसी के उजड़ते घर को खुशियों से भरा जा सकता है। नियमित रक्त दान करने से आयरन का स्तर नियंत्रित रहता है। दिल की बीमारी का खतरा कम हो जाता है।
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काइट संस्था के ट्रस्टी दलबीर सिंह खालसा ने कहा कि विज्ञान की ओर से खोजी अब तक की सभी तकनीकों में रक्तदान सबसे अहम है। जो मानव को मानव से जोड़ती है। खून दान कर किसी की जान बचाना सबसे पुण्य का काम है। जरूरतमंद को हमेशा खून दान करना चाहिए।
प्रवीण सोढा ने कहा कि वे करीब 48 बार रक्तदान कर चुके हैं। हमारा एक यूनिट खून किसी की जान बचा सकता है। इससे नेक दान कोई दूसरा नहीं है। रक्तदान करने से जाति, धर्म, मजहब की संकीर्ण मानसिकता भी कोसों दूर रहती है।
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फैक्टरी में नहीं बनता खून, मनुष्य को मनुष्य के काम आना है जरूरी
पंकज तन्हा
नाहन (सिरमौर)। दुनिया में 14 जून का दिन विश्व रक्तदान दिवस के रूप मनाया जाएगा। इस दिन होने वाले कार्यक्रमों की चलते अब लोगों में रक्तदान को लेकर भ्रांतियां दूर होने लगी हैं। कोरोना काल में भी स्वैच्छिक रक्तदाताओं ने संक्रमण की आशंका के बावजूद आगे आकर रक्तदान करके लोगों की जान बचाई। शहर में भी कई रक्तदाता ऐसे हैं जो लंबे अर्से से रक्तदान कर पुण्य कमा रहे हैं। इन लोगों से जब बात की गई तो उन्होंने रक्तदान को महादान करार दिया।
सामाजिक कार्यकर्ता आशीष कुमार ने बताया कि वह समय-समय पर खून दान करते रहे हैं। खून का निर्माण किसी फैक्टरी में नहीं होता। इसलिए मनुष्य को मनुष्य के काम आना जरूरी है। खून की कमी से किसी की जान न जाए, इसके लिए रक्तदान करते रहना चाहिए।
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संजय चौहान ने कहा कि वे भी कई बार रक्तदान कर चुके हैं। रक्त देने से किसी के उजड़ते घर को खुशियों से भरा जा सकता है। नियमित रक्त दान करने से आयरन का स्तर नियंत्रित रहता है। दिल की बीमारी का खतरा कम हो जाता है।
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काइट संस्था के ट्रस्टी दलबीर सिंह खालसा ने कहा कि विज्ञान की ओर से खोजी अब तक की सभी तकनीकों में रक्तदान सबसे अहम है। जो मानव को मानव से जोड़ती है। खून दान कर किसी की जान बचाना सबसे पुण्य का काम है। जरूरतमंद को हमेशा खून दान करना चाहिए।
प्रवीण सोढा ने कहा कि वे करीब 48 बार रक्तदान कर चुके हैं। हमारा एक यूनिट खून किसी की जान बचा सकता है। इससे नेक दान कोई दूसरा नहीं है। रक्तदान करने से जाति, धर्म, मजहब की संकीर्ण मानसिकता भी कोसों दूर रहती है।

आशीष कुमार। संवाद

आशीष कुमार। संवाद

आशीष कुमार। संवाद