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आसान नहीं बाहरी राज्य से सिरमौर आना
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नाहन (सिरमौर)। जिले में बाहरी राज्यों से आना अब आसान नहीं होगा। जिला प्रशासन ने तमाम बैरियरों पर सख्ती बढ़ा दी है। बाहरी राज्यों से आ रहे मजदूरों को क्वारंटीन में रहने के आदेश दिए जा रहे हैं। जबकि सरकार की एसओपी के अनुसार मजदूर सीधा कार्यस्थल पर जाकर कार्य कर सकते हैं। लेकिन दूर से आने वाले मजदूरों की ट्रेवल हिस्ट्री के अनुसार उन्हें 14 दिन के लिए होम क्वारंटीन किया जा रहा है।
कालाअंब बैरियर से पहुंचे करीब 70 ऐसे मजदूर क्वारंटीन किए जा चुके हैं। इतना ही नहीं अब औद्योगिक क्षेत्र में आने के लिए 20 किलोमीटर से अधिक दूर के लोगों के पास भी नहीं बन पाएंगे। उद्योगों में नारायणगढ़ और सिढौरा से अधिक दूरी से आने की अनुमति नहीं मिलेगी। लॉकडाउन के बाद अनलॉक में औद्योगिक गतिविधियां शुरू हो गई हैं। सिरमौर में हिमाचल-हरियाणा की सीमा पर स्थित कालाअंब के उद्योग में उत्पादन शुरू हो गया है। उद्योगों में हरियाणा से हर रोज करीब 5000 कामगार काम के लिए पहुंच रहे हैं। उनके आईकार्ड बनाए हैं। लेकिन राज्य में बढ़ रहे संक्रमण के प्रकोप को देखते हुए अब बार्डर पर और सख्ती बढ़ाई जा रही है। सिरमौर से बाहर जाने वाले और बाहरी राज्यों से आने वालों के लिए पास बनाना आसान नहीं होगा। पास इमरजेंसी की सूरत में ही बनेगा। यानी किसी की मौत या फिर मेडिकल इमरजैंसी में ही लोग बाहर जा सकेंगे। अन्य कार्यों के लिए पास नहीं दिया जाएगा। इसके अलावा राज्य से बाहर के जो लोग सिरमौर में कार्य के लिए आने वालों के लिए भी सख्ती की गई है। अब 20 किलोमीटर के दायरे से बाहर के लोगों को पास नहीं दिया जाएगा।
उद्योगों के चलते नारायणगढ़ और सिढौरा क्षेत्र के ही अधिकतर लोगों को पास जारी हुए हैं। तहसीलदार नाहन एवं इंसीडेंट कमांडर नारायण सिंह चौहान ने बताया कि एहतियात के तौर पर बैरियर पर सख्ती बरती जा रही है। एसओपी के अनुसार मजदूरों को सीधा कार्य स्थल पर आने की अनुमति है। लेकिन कई मजदूर बहुत दूर से आ रहे हैं। उनकी ट्रेवल हिस्ट्री लंबी रहती है। लिहाजा उन्हें भी 14 दिन के लिए होम क्वारंटीन किया जा रहा है। अब तक करीब 70 मजदूर क्वारंटीन किए गए हैं। वहीं, ज्यादा दूर से आने वालों को भी पास देना बंद कर दिया गया है।
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कालाअंब बैरियर से पहुंचे करीब 70 ऐसे मजदूर क्वारंटीन किए जा चुके हैं। इतना ही नहीं अब औद्योगिक क्षेत्र में आने के लिए 20 किलोमीटर से अधिक दूर के लोगों के पास भी नहीं बन पाएंगे। उद्योगों में नारायणगढ़ और सिढौरा से अधिक दूरी से आने की अनुमति नहीं मिलेगी। लॉकडाउन के बाद अनलॉक में औद्योगिक गतिविधियां शुरू हो गई हैं। सिरमौर में हिमाचल-हरियाणा की सीमा पर स्थित कालाअंब के उद्योग में उत्पादन शुरू हो गया है। उद्योगों में हरियाणा से हर रोज करीब 5000 कामगार काम के लिए पहुंच रहे हैं। उनके आईकार्ड बनाए हैं। लेकिन राज्य में बढ़ रहे संक्रमण के प्रकोप को देखते हुए अब बार्डर पर और सख्ती बढ़ाई जा रही है। सिरमौर से बाहर जाने वाले और बाहरी राज्यों से आने वालों के लिए पास बनाना आसान नहीं होगा। पास इमरजेंसी की सूरत में ही बनेगा। यानी किसी की मौत या फिर मेडिकल इमरजैंसी में ही लोग बाहर जा सकेंगे। अन्य कार्यों के लिए पास नहीं दिया जाएगा। इसके अलावा राज्य से बाहर के जो लोग सिरमौर में कार्य के लिए आने वालों के लिए भी सख्ती की गई है। अब 20 किलोमीटर के दायरे से बाहर के लोगों को पास नहीं दिया जाएगा।
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उद्योगों के चलते नारायणगढ़ और सिढौरा क्षेत्र के ही अधिकतर लोगों को पास जारी हुए हैं। तहसीलदार नाहन एवं इंसीडेंट कमांडर नारायण सिंह चौहान ने बताया कि एहतियात के तौर पर बैरियर पर सख्ती बरती जा रही है। एसओपी के अनुसार मजदूरों को सीधा कार्य स्थल पर आने की अनुमति है। लेकिन कई मजदूर बहुत दूर से आ रहे हैं। उनकी ट्रेवल हिस्ट्री लंबी रहती है। लिहाजा उन्हें भी 14 दिन के लिए होम क्वारंटीन किया जा रहा है। अब तक करीब 70 मजदूर क्वारंटीन किए गए हैं। वहीं, ज्यादा दूर से आने वालों को भी पास देना बंद कर दिया गया है।
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