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Sirmour News: मेडिकल कॉलेज नाहन में एनएमसी टीम ने जांची पीजी पाठ्यक्रम की व्यवस्थाएं
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मेडिकल कॉलेज के गायनी विभाग में पीजी सीटों को शुरू करने के लिए निरीक्षण करती एनएमसी की टीम। सं
-गायनी में पीजी की तीन सीटों के लिए मेडिकल कॉलेज पटना से आई टीम ने किया निरीक्षण
-फैकल्टी, मरीजों का क्लीनिकल लोड, आईसीयू, लैब और शिक्षण संसाधनों का लिया जायजा
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। डॉ. वाईएस परमार मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल नाहन में गायनी विभाग में स्नातकोत्तर (पीजी) पाठ्यक्रम शुरू करने की दिशा में बुधवार को राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) की टीम ने निरीक्षण किया। मेडिकल कॉलेज पटना से पहुंची टीम ने गायनी विभाग में पीजी की तीन सीटों के लिए अस्पताल में उपलब्ध सुविधाओं और व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान गायनी विभाग के एचओडी डॉ. अमोद सिंह सहित अन्य चिकित्सक और स्टाफ मौजूद रहे। टीम ने विभाग में उपलब्ध फैकल्टी, मरीजों का क्लीनिकल लोड, ओपीडी और आईपीडी सेवाओं, वार्डों तथा आईसीयू की स्थिति की जांच की। इसके अलावा चिकित्सा उपकरणों, प्रयोगशालाओं, मेडिकल रिकॉर्ड और पीजी विद्यार्थियों के प्रशिक्षण के लिए उपलब्ध शिक्षण संसाधनों का भी जायजा लिया।
एनएमसी टीम ने अस्पताल में उपलब्ध सुविधाओं को निर्धारित मानकों के आधार पर परखा। बता दें कि पीजी सीटों की मंजूरी के लिए विभाग में फैकल्टी के साथ पर्याप्त मरीज, क्लीनिकल केस, जांच सुविधाएं, उपकरण, आधारभूत ढांचा और प्रशिक्षण की व्यवस्था भी जरूरी होती है। निरीक्षण के बाद टीम की रिपोर्ट के आधार पर पीजी सीटों की मंजूरी की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
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मेडिकल कॉलेज में इससे पहले मेडिसिन में एमडी की पांच, एनेस्थीसिया में एमडी की पांच, ऑर्थोपेडिक्स में एमएस की तीन और जनरल सर्जरी में एमएस की तीन सीटों के लिए भी एनएमसी टीम निरीक्षण कर चुकी है। इस तरह अब तक विभिन्न विभागों में कुल 19 पीजी सीटों के लिए निरीक्षण हो चुका है।
मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य डॉ. संगीता ढिल्लों ने बताया कि गायनी विभाग में पीजी पाठ्यक्रम शुरू होने से संस्थान में स्नातकोत्तर चिकित्सा शिक्षा का विस्तार होगा। इससे विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता बढ़ने के साथ मरीजों को भी लाभ मिलने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि अब एनएमसी की निरीक्षण रिपोर्ट महत्वपूर्ण होगी और इसके आधार पर आगामी प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।-- -- -- -- -- -- --
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-फैकल्टी, मरीजों का क्लीनिकल लोड, आईसीयू, लैब और शिक्षण संसाधनों का लिया जायजा
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। डॉ. वाईएस परमार मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल नाहन में गायनी विभाग में स्नातकोत्तर (पीजी) पाठ्यक्रम शुरू करने की दिशा में बुधवार को राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) की टीम ने निरीक्षण किया। मेडिकल कॉलेज पटना से पहुंची टीम ने गायनी विभाग में पीजी की तीन सीटों के लिए अस्पताल में उपलब्ध सुविधाओं और व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान गायनी विभाग के एचओडी डॉ. अमोद सिंह सहित अन्य चिकित्सक और स्टाफ मौजूद रहे। टीम ने विभाग में उपलब्ध फैकल्टी, मरीजों का क्लीनिकल लोड, ओपीडी और आईपीडी सेवाओं, वार्डों तथा आईसीयू की स्थिति की जांच की। इसके अलावा चिकित्सा उपकरणों, प्रयोगशालाओं, मेडिकल रिकॉर्ड और पीजी विद्यार्थियों के प्रशिक्षण के लिए उपलब्ध शिक्षण संसाधनों का भी जायजा लिया।
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एनएमसी टीम ने अस्पताल में उपलब्ध सुविधाओं को निर्धारित मानकों के आधार पर परखा। बता दें कि पीजी सीटों की मंजूरी के लिए विभाग में फैकल्टी के साथ पर्याप्त मरीज, क्लीनिकल केस, जांच सुविधाएं, उपकरण, आधारभूत ढांचा और प्रशिक्षण की व्यवस्था भी जरूरी होती है। निरीक्षण के बाद टीम की रिपोर्ट के आधार पर पीजी सीटों की मंजूरी की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
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मेडिकल कॉलेज में इससे पहले मेडिसिन में एमडी की पांच, एनेस्थीसिया में एमडी की पांच, ऑर्थोपेडिक्स में एमएस की तीन और जनरल सर्जरी में एमएस की तीन सीटों के लिए भी एनएमसी टीम निरीक्षण कर चुकी है। इस तरह अब तक विभिन्न विभागों में कुल 19 पीजी सीटों के लिए निरीक्षण हो चुका है।
मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य डॉ. संगीता ढिल्लों ने बताया कि गायनी विभाग में पीजी पाठ्यक्रम शुरू होने से संस्थान में स्नातकोत्तर चिकित्सा शिक्षा का विस्तार होगा। इससे विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता बढ़ने के साथ मरीजों को भी लाभ मिलने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि अब एनएमसी की निरीक्षण रिपोर्ट महत्वपूर्ण होगी और इसके आधार पर आगामी प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।