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Sirmour News: गोंदपुर औद्योगिक क्षेत्र में कचरा डंपिंग स्थल पर बनेगा नया नेचर पार्क
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एनएच-707 पर गोंदपुर में कचरा डंपिंग स्थल पर नेचर पार्क तैयार करनेका काम शुरु: संवाद
गोंदपुर औद्योगिक क्षेत्र में कचरा डंपिंग स्थल पर बनेगा नया नेचर पार्क
एनसीएपी एवं सीएसआर के संयुक्त तत्वाधान से तैयार होगी परियोजना
तीन माह के भीतर नेचर पार्क योजना तैयार करने का लक्ष्य : ऐश्वर्य राज
संवाद न्यूज एजेंसी
पांवटा साहिब(सिरमौर)। पांवटा साहिब के गोंदपुर औद्योगिक क्षेत्र में एनएच-707 किनारे पर कचरा डंपिंग को खत्म कर शीघ्र एक नया नेचर पार्क तैयार किया जाएगा। वन विभाग की पहल है कि औद्योगिक कंपनियों वाले क्षेत्र में बेहतर नेचर पार्क बनने से लोगों को कुछ पल बैठने की सुविधा मिल सकेगी।
प्रस्तावित पार्क में हरियाली के लिए पौधरोपण किया जाएगा। लाइटें लगाने के साथ बैठने के लिए बैंच सुविधा होगी।
बता दें कि पांवटा साहिब से शिलाई गुम्मा एनएच-707 पर गोंदपुर औद्योगिक क्षेत्र में सड़क के किनारे गंदगी का आलम रहता है। इस स्थल पर कूड़ा कच्चरा फेंकने से ढेर लग जाते हैं जिससे इस स्थल पर अधिकतर बदबू फैली रहती है। डीएफओ पांवटा साहिब ने वन क्षेत्र की पर्यावरण-पुन: स्थापना के लिए राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (एनसीएपी) नई परियोजना के लिए तहत काम शुरू भी कर दिया है।
प्रस्तावित योजना पर करीब दस लाख बजट खर्च होगा। यह डंपिंग क्षेत्र एनएच के बगल में पड़ता है। इसे बहुत लंबे समय से डंपिंग स्थान और अनधिकृत पार्किंग स्थान के रूप में माना जाता रहा है। मई 2024 में पांवटा साहिब वन प्रभाग के लिए नई कार्य योजना के हिस्से के रूप में इस क्षेत्र को इकोटूरिज्म के तहत विकसित करने की मंजूरी दी गई थी।
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स्थानीय लोगों, पर्यटकों और आसपास के उद्योगों के श्रमिकों को पर्यावरण बहाली और नए विकास से लाभ होगा। पार्क, प्राकृतिक पुनर्जनन को पुनर्जीवित करने के साथ-साथ जापानी उद्यान तत्वों के साथ भूनिर्माण के लिए छोटी देशी प्रजातियों के रोपण पर आधारित है।
बुधवार को प्रोजेक्ट के शुरुआत के रूप में आरओ पांवटा मोहन सिंह के नेतृत्व में वन विभाग के अधिकारियों की ओर से क्षेत्र से 500 किलोग्राम कचरा एकत्र किया। एक ट्रैक्टर से इसे भाटांवली में नगर परिषद कचरा उपचार संयंत्र में सौंप दिया गया। जल्द ही बाड़ लगाने और रोपण का काम शुरू हो जाएगा। यमुना रिवरफ्रंट (फरवरी 2024 में हिमाचल प्रदेश के उद्योग मंत्री द्वारा उद्घाटन) के बाद यह वन विभाग की ओर से इस वर्ष तैयार किए जाने वाला गोंदपुर दूसरा प्राकृतिक पार्क होगा।
डीएफओ पांवटा साहिब ऐश्वर्य राज ने पुष्टि की है। कहा कि इस परियोजना को एनसीएपी और स्थानीय औद्योगिक कंपनियों के सीएसआर के माध्यम से एक सार्थक, पर्यावरणीय एवं सार्वजनिक भलाई के लिए तैयार कर किया जा रहा है। तीन माह के भीतर नेचर पार्क योजना तैयार करने का लक्ष्य है।
संवाद
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एनसीएपी एवं सीएसआर के संयुक्त तत्वाधान से तैयार होगी परियोजना
तीन माह के भीतर नेचर पार्क योजना तैयार करने का लक्ष्य : ऐश्वर्य राज
संवाद न्यूज एजेंसी
पांवटा साहिब(सिरमौर)। पांवटा साहिब के गोंदपुर औद्योगिक क्षेत्र में एनएच-707 किनारे पर कचरा डंपिंग को खत्म कर शीघ्र एक नया नेचर पार्क तैयार किया जाएगा। वन विभाग की पहल है कि औद्योगिक कंपनियों वाले क्षेत्र में बेहतर नेचर पार्क बनने से लोगों को कुछ पल बैठने की सुविधा मिल सकेगी।
प्रस्तावित पार्क में हरियाली के लिए पौधरोपण किया जाएगा। लाइटें लगाने के साथ बैठने के लिए बैंच सुविधा होगी।
बता दें कि पांवटा साहिब से शिलाई गुम्मा एनएच-707 पर गोंदपुर औद्योगिक क्षेत्र में सड़क के किनारे गंदगी का आलम रहता है। इस स्थल पर कूड़ा कच्चरा फेंकने से ढेर लग जाते हैं जिससे इस स्थल पर अधिकतर बदबू फैली रहती है। डीएफओ पांवटा साहिब ने वन क्षेत्र की पर्यावरण-पुन: स्थापना के लिए राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (एनसीएपी) नई परियोजना के लिए तहत काम शुरू भी कर दिया है।
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प्रस्तावित योजना पर करीब दस लाख बजट खर्च होगा। यह डंपिंग क्षेत्र एनएच के बगल में पड़ता है। इसे बहुत लंबे समय से डंपिंग स्थान और अनधिकृत पार्किंग स्थान के रूप में माना जाता रहा है। मई 2024 में पांवटा साहिब वन प्रभाग के लिए नई कार्य योजना के हिस्से के रूप में इस क्षेत्र को इकोटूरिज्म के तहत विकसित करने की मंजूरी दी गई थी।
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स्थानीय लोगों, पर्यटकों और आसपास के उद्योगों के श्रमिकों को पर्यावरण बहाली और नए विकास से लाभ होगा। पार्क, प्राकृतिक पुनर्जनन को पुनर्जीवित करने के साथ-साथ जापानी उद्यान तत्वों के साथ भूनिर्माण के लिए छोटी देशी प्रजातियों के रोपण पर आधारित है।
बुधवार को प्रोजेक्ट के शुरुआत के रूप में आरओ पांवटा मोहन सिंह के नेतृत्व में वन विभाग के अधिकारियों की ओर से क्षेत्र से 500 किलोग्राम कचरा एकत्र किया। एक ट्रैक्टर से इसे भाटांवली में नगर परिषद कचरा उपचार संयंत्र में सौंप दिया गया। जल्द ही बाड़ लगाने और रोपण का काम शुरू हो जाएगा। यमुना रिवरफ्रंट (फरवरी 2024 में हिमाचल प्रदेश के उद्योग मंत्री द्वारा उद्घाटन) के बाद यह वन विभाग की ओर से इस वर्ष तैयार किए जाने वाला गोंदपुर दूसरा प्राकृतिक पार्क होगा।
डीएफओ पांवटा साहिब ऐश्वर्य राज ने पुष्टि की है। कहा कि इस परियोजना को एनसीएपी और स्थानीय औद्योगिक कंपनियों के सीएसआर के माध्यम से एक सार्थक, पर्यावरणीय एवं सार्वजनिक भलाई के लिए तैयार कर किया जा रहा है। तीन माह के भीतर नेचर पार्क योजना तैयार करने का लक्ष्य है।
संवाद
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