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Sirmour News: शिलाई स्कूल प्रशासन ने प्रदेशभर में आठवें स्थान पर रही नेहा को किया सम्मानित
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प्रदेश भर में आठवें स्थान पर रही नेहा को सम्मानित करता शिलाई स्कूल प्रशासन। संवाद
सचित्र--
शिलाई स्कूल प्रशासन ने प्रदेशभर में आठवें स्थान पर रही नेहा को किया सम्मानित
संवाद न्यूज एजेंसी
शिलाई (सिरमौर)। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला शिलाई में मंगलवार को सादा सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इस समारोह में स्कूल प्रशासन ने कला संकाय में प्रदेश भर में आठवें स्थान पर रही स्कूल की छात्रा नेहा और उसकी माता कमला देवी को सम्मानित किया।
प्रधानाचार्य रमेश चंद ने सभी बच्चों को नेहा से प्रेरणा लेने की बात कही। उन्होंने कहा कि सिर पर पिता का साया नहीं होने और बीपीएल परिवार से होने के बाद भी नेहा ने 480 अंक (96 प्रतिशत) लेकर स्कूल, क्षेत्र और जिले का नाम प्रदेश भर में रोशन किया।
-- -- बाक्स
पढ़ाई के लिए रोज 20 किलोमीटर पैदल चलती थी नेहा
रोनहाट (सिरमौर)। बीपीएल परिवार से संबंध रखने वाली बेला गांव की नेहा शिक्षा प्राप्त करने के लिए रोजाना घर से स्कूल और फिर स्कूल से घर 20 किलोमीटर का सफर पैदल तय करती थी। नेहा मौसम की विपरीत परिस्थितियों में जंगल के रास्तों से होते हुए सुबह नौ बजे तक स्कूल पहुंच जाती थी। करीब छह साल पहले नेहा के पिता टीकम सिंह की बीमारी के चलते मौत हो गई थी। नेहा की मां कमला देवी ने दो बेटों और तीन बेटियों के पालन-पोषण की जिम्मेदारी उठाई। तमाम चुनौतियों के बावजूद उन्होंने पांचों बच्चों की पढ़ाई जारी रखी है। नेहा की बड़ी बहन निकिता कॉलेज में द्वितीय वर्ष की छात्रा है, छोटा भाई अमन 12वीं, श्रुति 10वीं और सुनील 8वीं में पढ़ता है।
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-- -संवाद
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शिलाई स्कूल प्रशासन ने प्रदेशभर में आठवें स्थान पर रही नेहा को किया सम्मानित
संवाद न्यूज एजेंसी
शिलाई (सिरमौर)। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला शिलाई में मंगलवार को सादा सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इस समारोह में स्कूल प्रशासन ने कला संकाय में प्रदेश भर में आठवें स्थान पर रही स्कूल की छात्रा नेहा और उसकी माता कमला देवी को सम्मानित किया।
प्रधानाचार्य रमेश चंद ने सभी बच्चों को नेहा से प्रेरणा लेने की बात कही। उन्होंने कहा कि सिर पर पिता का साया नहीं होने और बीपीएल परिवार से होने के बाद भी नेहा ने 480 अंक (96 प्रतिशत) लेकर स्कूल, क्षेत्र और जिले का नाम प्रदेश भर में रोशन किया।
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पढ़ाई के लिए रोज 20 किलोमीटर पैदल चलती थी नेहा
रोनहाट (सिरमौर)। बीपीएल परिवार से संबंध रखने वाली बेला गांव की नेहा शिक्षा प्राप्त करने के लिए रोजाना घर से स्कूल और फिर स्कूल से घर 20 किलोमीटर का सफर पैदल तय करती थी। नेहा मौसम की विपरीत परिस्थितियों में जंगल के रास्तों से होते हुए सुबह नौ बजे तक स्कूल पहुंच जाती थी। करीब छह साल पहले नेहा के पिता टीकम सिंह की बीमारी के चलते मौत हो गई थी। नेहा की मां कमला देवी ने दो बेटों और तीन बेटियों के पालन-पोषण की जिम्मेदारी उठाई। तमाम चुनौतियों के बावजूद उन्होंने पांचों बच्चों की पढ़ाई जारी रखी है। नेहा की बड़ी बहन निकिता कॉलेज में द्वितीय वर्ष की छात्रा है, छोटा भाई अमन 12वीं, श्रुति 10वीं और सुनील 8वीं में पढ़ता है।
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