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Sirmour News: 44 करोड़ से बने नावघाट पुल के एप्रोच मार्ग तैयार होने के आसार
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हिमाचल-उतराखंड सीमा पर बने नावघाट पुल के एप्रोच मार्ग बनने की उम्मीद बंधी: स्त्रोत: विभाग
विकास की बात--
सिरमौर की 14 पंचायतों का विकासनगर सफर करीब 15 किलोमीटर घटेगा
वर्ष 2021 में विकासनगर के विधायक एमएस चौहान ने किया था शिलान्यास
सुरेश तोमर
पांवटा साहिब (सिरमौर)। हिमाचल-उत्तराखंड सीमा पर करीब 44 करोड़ से नावघाट पुल तैयार हुआ है। पिछले तीन वर्षों से केवल हिमाचल की तरफ से पुल के एप्रोच मार्ग के लिए भूमि विवाद के चलते योजना लटकी है।
अब प्रदेश सरकार, लोक निर्माण विभाग मंत्री और स्थानीय विधायक की ओर से विधानसभा में बार-बार मुद्दा उठाने पर शेष कार्य शीघ्र पूरा होने के कयास लगाए जा रहे हैं। नया यमुना नावघाट पुल शुरू होने पर सिरमौर की 14 पंचायतों का करीब 15 किलोमीटर सफर कम होगा।
बता दें कि हिमाचल प्रदेश की सीमा से सटे दोनों पर्वतीय राज्यों उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के सिरमौर व विकासनगर जौनसार के लोगों का पहले से ही रोटी-बेटी का संबंध रहा है। यही कारण है कि 70-80 के दशक से ही इलाके में स्थित यमुना नदी पर नावघाट पुल निर्माण की बात उठ रही है। इससे न केवल विकासनगर बाजार, हिमाचल के गिरिपार आंजभोज और साथ लगती अन्य पंचायत क्षेत्रों से सीधा जुड़ जाएगा, बल्कि ये क्षेत्र विकास की रफ्तार पकड़ सकेगा।
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नवंबर 2021 में उत्तराखंड के विकासनगर के विधायक मुन्ना सिंह चौहान ने करीब 44 करोड़ के बजट से तैयार होने वाले नावघाट पुल का शिलान्यास किया था। कंपनी ब्रिज एंड रूफ प्राइवेट लिमिटेड ने लगभग 540 मीटर का हिस्सा पूरा बना दिया है, जिसमें तकरीबन 18 पिलर मौजूद हैं। अब सिर्फ हिमाचल के इलाके पर पुल का एप्रोच तैयार होना है। इसमें कुछ निजी भूमि आती है। इसके चलते तीन वर्षों से कार्य अधर में पड़ा रहा है।
पुल को पूरा करने के लिए दोनों राज्यों के बीच कई बार पत्रों का आदान-प्रदान होता रहा। इसमें हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड को जोड़ने वाले नावघाट पुल पर चर्चा हुई।
बाक्स....
विधायक विधानसभा में पुरजोर तरीके से उठाते रहे मुद्दा
पूर्व ऊर्जा मंत्री और पांवटा साहिब विधानसभा के विधायक सुखराम चौधरी भी कई बार इस मुद्दे को विधानसभा में उठाते रहे हैं। नावघाट पुल की योजना शुरू होने में केवल हिमाचल की तरफ से एप्रोच मार्ग की अड़चन आती रही। शेष अप्रोच कार्य शीघ्र पूरा करने की प्रदेश सरकार से मांग हर पुरजोर तरीके से उठाई गई।
बाक्स...
लोकनिर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह भी दिखे गंभीर
- पिछले तीन वर्षों से 44 करोड़ कीलागत से तैयार नावघाट मुद्दा कई बार सुर्खियों में रहा। विगत वर्ष सात अगस्त 2024 को हिमाचल प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने उत्तराखंड प्रवास के दौरान पड़ोसी राज्य के मुख्यमंत्री के समक्ष मुद्दा उठाया था। विगत माह 15 अगस्त को पांवटा साहिब दौरे के दौरान भी कैबिनेट मंत्री ने इस पुल को लेकर गंभीरता दिखाई। अब जन सुनवाई के उपरांत इसका समाधान निकलने की उम्मीद बंधी है।
-लोक निर्माण विभाग के वरिष्ठ अधिशासी दलीप सिंह तोमर ने कहा कि पुल के एप्रोच मार्ग कार्य का एस्टीमेट करीब 3.72 करोड़ भेज दिया गया है। निजी भूमि मालिकों को करीब 85 लाख राशि प्रदान की जाएगी। अब, प्रदेश सरकार के स्तर पर योजना के शेष कार्य की औपचारिक्ताएं पूरी करने का कार्य प्रगति पर है।
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सिरमौर की 14 पंचायतों का विकासनगर सफर करीब 15 किलोमीटर घटेगा
वर्ष 2021 में विकासनगर के विधायक एमएस चौहान ने किया था शिलान्यास
सुरेश तोमर
पांवटा साहिब (सिरमौर)। हिमाचल-उत्तराखंड सीमा पर करीब 44 करोड़ से नावघाट पुल तैयार हुआ है। पिछले तीन वर्षों से केवल हिमाचल की तरफ से पुल के एप्रोच मार्ग के लिए भूमि विवाद के चलते योजना लटकी है।
अब प्रदेश सरकार, लोक निर्माण विभाग मंत्री और स्थानीय विधायक की ओर से विधानसभा में बार-बार मुद्दा उठाने पर शेष कार्य शीघ्र पूरा होने के कयास लगाए जा रहे हैं। नया यमुना नावघाट पुल शुरू होने पर सिरमौर की 14 पंचायतों का करीब 15 किलोमीटर सफर कम होगा।
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बता दें कि हिमाचल प्रदेश की सीमा से सटे दोनों पर्वतीय राज्यों उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के सिरमौर व विकासनगर जौनसार के लोगों का पहले से ही रोटी-बेटी का संबंध रहा है। यही कारण है कि 70-80 के दशक से ही इलाके में स्थित यमुना नदी पर नावघाट पुल निर्माण की बात उठ रही है। इससे न केवल विकासनगर बाजार, हिमाचल के गिरिपार आंजभोज और साथ लगती अन्य पंचायत क्षेत्रों से सीधा जुड़ जाएगा, बल्कि ये क्षेत्र विकास की रफ्तार पकड़ सकेगा।
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नवंबर 2021 में उत्तराखंड के विकासनगर के विधायक मुन्ना सिंह चौहान ने करीब 44 करोड़ के बजट से तैयार होने वाले नावघाट पुल का शिलान्यास किया था। कंपनी ब्रिज एंड रूफ प्राइवेट लिमिटेड ने लगभग 540 मीटर का हिस्सा पूरा बना दिया है, जिसमें तकरीबन 18 पिलर मौजूद हैं। अब सिर्फ हिमाचल के इलाके पर पुल का एप्रोच तैयार होना है। इसमें कुछ निजी भूमि आती है। इसके चलते तीन वर्षों से कार्य अधर में पड़ा रहा है।
पुल को पूरा करने के लिए दोनों राज्यों के बीच कई बार पत्रों का आदान-प्रदान होता रहा। इसमें हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड को जोड़ने वाले नावघाट पुल पर चर्चा हुई।
बाक्स....
विधायक विधानसभा में पुरजोर तरीके से उठाते रहे मुद्दा
पूर्व ऊर्जा मंत्री और पांवटा साहिब विधानसभा के विधायक सुखराम चौधरी भी कई बार इस मुद्दे को विधानसभा में उठाते रहे हैं। नावघाट पुल की योजना शुरू होने में केवल हिमाचल की तरफ से एप्रोच मार्ग की अड़चन आती रही। शेष अप्रोच कार्य शीघ्र पूरा करने की प्रदेश सरकार से मांग हर पुरजोर तरीके से उठाई गई।
बाक्स...
लोकनिर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह भी दिखे गंभीर
- पिछले तीन वर्षों से 44 करोड़ कीलागत से तैयार नावघाट मुद्दा कई बार सुर्खियों में रहा। विगत वर्ष सात अगस्त 2024 को हिमाचल प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने उत्तराखंड प्रवास के दौरान पड़ोसी राज्य के मुख्यमंत्री के समक्ष मुद्दा उठाया था। विगत माह 15 अगस्त को पांवटा साहिब दौरे के दौरान भी कैबिनेट मंत्री ने इस पुल को लेकर गंभीरता दिखाई। अब जन सुनवाई के उपरांत इसका समाधान निकलने की उम्मीद बंधी है।
-लोक निर्माण विभाग के वरिष्ठ अधिशासी दलीप सिंह तोमर ने कहा कि पुल के एप्रोच मार्ग कार्य का एस्टीमेट करीब 3.72 करोड़ भेज दिया गया है। निजी भूमि मालिकों को करीब 85 लाख राशि प्रदान की जाएगी। अब, प्रदेश सरकार के स्तर पर योजना के शेष कार्य की औपचारिक्ताएं पूरी करने का कार्य प्रगति पर है।