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Sirmour News: राजगढ़ में घोषणा के सात साल बाद भी नहीं बना मिनी सचिवालय

Wed, 23 Jul 2025 11:58 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Wed, 23 Jul 2025 11:58 PM IST
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mini sachivalya in rajgarh
राजगढ़ में घोषणा के सात साल बाद भी नहीं बना मिनी सचिवालय
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मामला फाइलों में उलझा, लोग परेशानी झेलने को हुए मजबूर
एक ही छत के नीचे होने थे सभी कार्यालय
लोगों को चक्कर काटने से मिलनी थी निजात
2018 में जयराम ठाकुर ने की थी घोषणा, पहले भाजपा अब कांग्रेस में लटका है मामला
वेद प्रकाश ठाकुर
राजगढ़ (सिरमौर)। प्रशासनिक उपमंडल राजगढ़ में मिनी सचिवालय बनाए जाने का मामला घोषणा के सात वर्षों बाद भी फाइलों में उलझकर रह गया है। राजगढ़ में मिनी सचिवालय भवन बनाने की मांग दशकों पुरानी है। यहां मिनी सचिवालय तो नहीं बन पाया, लेकिन इस दौरान करोड़ों की लागत से अन्य कई भवनों का निर्माण सरकार ने कर दिया है।
यहां मिनी सचिवालय बनाने की घोषणा वर्ष 2018 में प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की ओर से की गई थी। घोषणा के सात वर्ष बाद भी अभी तक यहां मिनी सचिवालय को बनाने का कार्य प्रारंभ नहीं हो पाया है।
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स्थानीय प्रशासन ने पहले तहसील कार्यालय और रिहायशी मकानों को तोड़कर मिनी सचिवालय बनाने का निर्णय लिया था। इसका प्राक्कलन भी बन गया था, लेकिन उसमें कार्यालयों में आने वाले लोगों के वाहनों के लिए पर्याप्त पार्किंग की व्यवस्था नहीं थी। इसके बाद तत्कालीन एसडीएम के सुझाव के बाद पुन: प्राक्कलन बनाया जाना था। अब हाल में प्रशासन ने उस स्थान पर नहीं, बल्कि एसडीएम कार्यालय के पास मिनी सचिवालय बनाने की योजना बनाई है। इसका कन्टूर प्लान लोक निर्माण विभाग ने तैयार कर लिया है। अब लोक निर्माण विभाग इस स्थान पर मिनी सचिवालय बनाने का प्राक्कलन तैयार करेगा।
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हैरानी का विषय है कि तत्कालीन मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने 10 जुलाई 2018 में मिनी सचिवालय बनाने की घोषणा की थी। इस मिनी सचिवालय भवन में एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, सीडीपीओ, तहसील कल्याण अधिकारी, निरीक्षक खाद्य आपूर्ति व आयकर, खंड शिक्षा अधिकारी व उप कोषाधिकारी के कार्यालयों की व्यवस्था की जानी थी। इसके अतिरिक्त सीआईडी विभाग कार्यालय, रोजगार कार्यालय, क्षेत्रीय प्रबंधक वन निगम आदि कार्यालय जो किराए के भवनों में चल रहे हैं, उनके लिए भी मिनी सचिवालय भवन में व्यवस्था की जा सकती है।
पहले यह मामला चार वर्षों तक भाजपा सरकार के शासनकाल में फाइलों में ही घूमता रहा और अब दो-तीन वर्षों से कांग्रेस सरकार में भी आगे बढ़ने के स्थान पर पीछे लौट आया है। कब प्राक्कलन बनेगा और कब इसके लिए पैसा आएगा और कब तक यह योजना धरातल तक पहुंचेगी, इसका अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है।

इस बारे में अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग पवन गर्ग से संपर्क करने पर उन्होंने बताया कि विभाग ने नए स्थल की कन्टूर प्लानिंग कर ली है, इसके बाद ही प्राक्कलन बनाया जाएगा। एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने बताया कि अभी तक इस भवन निर्माण के लिए बजट का कोई प्रावधान नहीं है।
---संवाद
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