{"_id":"40ae44a5748974f71a6e9b8ad705c44f","slug":"mid-day-meal-employes-demand-for-policy-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मिड डे मील कर्मियों ने सरकार से मांगी ठोस नीति","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मिड डे मील कर्मियों ने सरकार से मांगी ठोस नीति
ब्यूरो/ अमर उजाला, सिरमाौर
Updated Sun, 21 Feb 2016 07:10 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मिड डे मील वर्कर्स यूनियन तहसील नाहन कमेटी का सम्मेलन रविवार को हिंदू आश्रम में नरेश कुमार की अध्यक्षता में हुआ, जिसमें नाहन व सुरला शिक्षा खंडों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। सीटू के जिला महासचिव राजेंद्र ठाकुर ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि केंद्र व प्रदेश सरकारों की मजदूर कर्मचारी विरोधी नीतियों के चलते देश व प्रदेश का मजदूर आर्थिक बदहाली से हाशिए पर आ गया है।
विज्ञापन
विभिन्न परियोजनाओं में कार्य कर रहे अंशकालिकों के लिए केंद्र व राज्य सरकारें कोई ठोस नीति नहीं बना पाई, बल्कि उल्टे कामगारों व परियोजनाओं के बजट में कटौती की जा रही है।
विज्ञापन
संघ ने सरकार से मांग करते हुए कहा कि आगामी वित्त वर्ष के लिए बजट में मिड डे मील वर्कर्स के मानदेय में बढ़ोतरी की जाए या फिर वर्कर्स को सरकार की ओर से न्यूनतम वेतन 5400 रुपये मासिक निर्धारित किया जाए। मिड डे मील वर्करों को मौजूदा समय में जो दैनिक भत्ता दिया जा रहा है वह कम है। उन्हें अपने परिवार का भरण पोषण करने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
विज्ञापन
संघ ने कहा कि सरकार की लाख कोशिशों के बावजूद महिला विकास एवं उनकी सुविधाओं के लिए ठोस नियम नहीं बन पा रहे। बल्कि समाज में महिलाओं का शोषण निरंतर बढ़ रहा है जिस कारण महिलाएं स्वयं को सुरक्षित महसूस नहीं कर रही। सम्मेलन में मांग की गई कि 6 फरवरी 2016 को संघ की ओर से जो मांगपत्र सरकार को दिया गया है उस पर गंभीरता से विचार किया जाए।
इस मौके पर नाहन खंड के अध्यक्ष जोगिंद्र सिंह, महासचिव रीतू मिश्रा, धनीराम, नरेश कुमार, अंजना देवी, रणवीर सिंह, रमेश चंद, अनिता वर्मा, ताहिरा, गुणदीप कौर, रेशम कौर, अनिता, प्रवीण, सत्या देवी, श्यामा, निर्मला, सुरक्षा, ललिता, ममता, संजीदा, चांद कौर, कमला, भागवंती आदि दर्जनों कार्यकर्ता मौजूद थे।