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Sirmour News: पौराणिक लोकगाथा पर आधारित हारुल ‘महासती सुरमी भाग-2’ रिलीज
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पौराणिक लोकगाथा पर आधारित हारुल लोकगीत ‘महासती सुरमी भाग-2’’’’ रिलीज बारे जानकारी देते हुए लोक
लोकगायक दलीप ठुंडू और खजान कंवर ने अपने यूट्यूब चैनल पर किया लॉन्च, सुरमी देवी की वीरांगना गाथा को सुरों में पिरोया
संवाद न्यूज एजेंसी
पांवटा साहिब (सिरमौर)। हिमाचल की समृद्ध लोक संस्कृति और ऐतिहासिक विरासत को संजोने की दिशा में लोकगायक दलीप ठुंडू और खजान कंवर ने पहल की है। दोनों लोकगायकों की नई पहाड़ी हारुल ‘महासती सुरमी भाग-2’ रिलीज हो गई है। शुक्रवार को इसे दलीप ठुंडू ने यूट्यूब चैनल पर लॉन्च किया गया। यह हारुल सुरमी देवी की वीरांगना गाथा और उनसे जुड़ी पौराणिक लोकमान्यताओं पर आधारित है।
हारुल की लॉन्चिंग के अवसर पर लोकगायक दलीप ठुंडू और खजान कंवर के अलावा अतर नेगी, नरेंद्र ठुंडू, दिनेश सिंह चौहान, सतपाल ठुंडू, सामर्थ ठाकुर, रतन कंवर, श्याम लाल पूंडीर, संजय कंवर, दिनेश पूंडीर, जयप्रकाश तोमर, दलीप सिंह, रॉबिन शर्मा, प्रीती चौहान, नीलम चौहान, रविना शर्मा, नरेश पाबुच और कपिल शर्मा सहित दर्जनों लोग मौजूद रहे।
लोकगायक दलीप ठुंडू और खजान कंवर ने लोगों से अपील की कि वे पारंपरिक लोकगाथाओं और पहाड़ी गीतों को अपना प्यार व सहयोग दें, ताकि हिमाचल की सांस्कृतिक पहचान और लोक विरासत को संरक्षित रखने के प्रयास आगे बढ़ सकें।
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बिजट महाराज से जुड़ी है सुरमी देवी की गाथा
लोक मान्यताओं के अनुसार, सुरमी देवी ने क्षेत्र के आराध्य देवता बिजट महाराज की उपस्थिति और आशीर्वाद से सतीत्व प्राप्त किया था। मान्यता है कि उनके जौहर के दौरान स्वयं बिजट महाराज ने अपनी शक्ति से अग्नि प्रदान की थी। इस हारुल के माध्यम से गायकों ने क्षेत्र की प्राचीन मान्यताओं और सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास किया है।
गौरतलब है कि इससे पहले रिलीज हुई ‘महासती सुरमी भाग-1’ हारुल को लोगों का भरपूर प्यार मिला था और यह क्षेत्र में काफी लोकप्रिय हुई थी। अब दूसरे भाग के माध्यम से लोकगायकों ने इस ऐतिहासिक लोकगाथा को आगे बढ़ाया है।--
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संवाद न्यूज एजेंसी
पांवटा साहिब (सिरमौर)। हिमाचल की समृद्ध लोक संस्कृति और ऐतिहासिक विरासत को संजोने की दिशा में लोकगायक दलीप ठुंडू और खजान कंवर ने पहल की है। दोनों लोकगायकों की नई पहाड़ी हारुल ‘महासती सुरमी भाग-2’ रिलीज हो गई है। शुक्रवार को इसे दलीप ठुंडू ने यूट्यूब चैनल पर लॉन्च किया गया। यह हारुल सुरमी देवी की वीरांगना गाथा और उनसे जुड़ी पौराणिक लोकमान्यताओं पर आधारित है।
हारुल की लॉन्चिंग के अवसर पर लोकगायक दलीप ठुंडू और खजान कंवर के अलावा अतर नेगी, नरेंद्र ठुंडू, दिनेश सिंह चौहान, सतपाल ठुंडू, सामर्थ ठाकुर, रतन कंवर, श्याम लाल पूंडीर, संजय कंवर, दिनेश पूंडीर, जयप्रकाश तोमर, दलीप सिंह, रॉबिन शर्मा, प्रीती चौहान, नीलम चौहान, रविना शर्मा, नरेश पाबुच और कपिल शर्मा सहित दर्जनों लोग मौजूद रहे।
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लोकगायक दलीप ठुंडू और खजान कंवर ने लोगों से अपील की कि वे पारंपरिक लोकगाथाओं और पहाड़ी गीतों को अपना प्यार व सहयोग दें, ताकि हिमाचल की सांस्कृतिक पहचान और लोक विरासत को संरक्षित रखने के प्रयास आगे बढ़ सकें।
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बिजट महाराज से जुड़ी है सुरमी देवी की गाथा
लोक मान्यताओं के अनुसार, सुरमी देवी ने क्षेत्र के आराध्य देवता बिजट महाराज की उपस्थिति और आशीर्वाद से सतीत्व प्राप्त किया था। मान्यता है कि उनके जौहर के दौरान स्वयं बिजट महाराज ने अपनी शक्ति से अग्नि प्रदान की थी। इस हारुल के माध्यम से गायकों ने क्षेत्र की प्राचीन मान्यताओं और सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास किया है।
गौरतलब है कि इससे पहले रिलीज हुई ‘महासती सुरमी भाग-1’ हारुल को लोगों का भरपूर प्यार मिला था और यह क्षेत्र में काफी लोकप्रिय हुई थी। अब दूसरे भाग के माध्यम से लोकगायकों ने इस ऐतिहासिक लोकगाथा को आगे बढ़ाया है।