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Sirmour News: दोपहर तक हांफ रही उठाऊ सिंचाई योजना डोइयावाला
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2 हजार बीघा भूमि को नहीं मिल रहा पर्याप्त पानी
चार साल पहले 1.37 करोड़ से किया था जीर्णोद्धारसंवाद न्यूज एजेंसी
धौलाकुआं (सिरमौर)। उठाऊ सिंचाई योजना डोइयावाला का पड़दूनी गांव के किसानों को उचित लाभ नहीं मिल पा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि सिंचाई योजना दोपहर में ही बंद कर दी जाती है। इससे किसानों के अधिकांश गेहूं के खेत बिना सिंचाई के प्यासे रह जाते हैं। किसानों को अपनी बारी के लिए लगभग 20 से 25 दिन तक इंतजार करना पड़ रहा है। इस समस्या के समाधान को लेकर ग्रामीणों का प्रतिनिधिमंडल सहायक अभियंता से भी मिला।
डोइयावाला योजना के तहत पड़दूनी गांव की लगभग दो हजार बीघा भूमि की सिंचाई के लिए करीब चार वर्ष पूर्व सरकार ने 1.37 करोड़ रुपये खर्च कर योजना का जीर्णोद्धार किया था। विभागीय अनदेखी के कारण किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि सिंचाई योजना को किसी न किसी बहाने से दोपहर में ही बंद कर दिया जाता है। स्थिति यह है कि सुबह के समय भी योजना देर से शुरू की जाती है। ऐसे में करोड़ों रुपये की यह योजना सफेद हाथी बनकर रह गई है।
ग्रामीण मुकेश कुमार, राजेंद्र पाल, देशराज, दिनेश कुमार, विक्रम सिंह, भरत सिंह ने बताया कि समस्या को लेकर वे जल शक्ति विभाग के सहायक अभियंता से मिले हैं। प्रतिनिधिमंडल ने मांग की है कि सिंचाई योजना को प्रतिदिन सुबह 9 से शाम 5 बजे तक नियमित रूप से चलाया जाए, ताकि किसानों को सिंचाई का उचित लाभ मिल सके। जल शक्ति विभाग के सहायक अभियंता राजेश ठाकुर ने बताया कि ग्रामीणों ने उन्हें समस्या से अवगत करवाया है और जल्द ही इसका समाधान किया जाएगा।
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चार साल पहले 1.37 करोड़ से किया था जीर्णोद्धारसंवाद न्यूज एजेंसी
धौलाकुआं (सिरमौर)। उठाऊ सिंचाई योजना डोइयावाला का पड़दूनी गांव के किसानों को उचित लाभ नहीं मिल पा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि सिंचाई योजना दोपहर में ही बंद कर दी जाती है। इससे किसानों के अधिकांश गेहूं के खेत बिना सिंचाई के प्यासे रह जाते हैं। किसानों को अपनी बारी के लिए लगभग 20 से 25 दिन तक इंतजार करना पड़ रहा है। इस समस्या के समाधान को लेकर ग्रामीणों का प्रतिनिधिमंडल सहायक अभियंता से भी मिला।
डोइयावाला योजना के तहत पड़दूनी गांव की लगभग दो हजार बीघा भूमि की सिंचाई के लिए करीब चार वर्ष पूर्व सरकार ने 1.37 करोड़ रुपये खर्च कर योजना का जीर्णोद्धार किया था। विभागीय अनदेखी के कारण किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि सिंचाई योजना को किसी न किसी बहाने से दोपहर में ही बंद कर दिया जाता है। स्थिति यह है कि सुबह के समय भी योजना देर से शुरू की जाती है। ऐसे में करोड़ों रुपये की यह योजना सफेद हाथी बनकर रह गई है।
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ग्रामीण मुकेश कुमार, राजेंद्र पाल, देशराज, दिनेश कुमार, विक्रम सिंह, भरत सिंह ने बताया कि समस्या को लेकर वे जल शक्ति विभाग के सहायक अभियंता से मिले हैं। प्रतिनिधिमंडल ने मांग की है कि सिंचाई योजना को प्रतिदिन सुबह 9 से शाम 5 बजे तक नियमित रूप से चलाया जाए, ताकि किसानों को सिंचाई का उचित लाभ मिल सके। जल शक्ति विभाग के सहायक अभियंता राजेश ठाकुर ने बताया कि ग्रामीणों ने उन्हें समस्या से अवगत करवाया है और जल्द ही इसका समाधान किया जाएगा।
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