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Sirmour News: बधाई के नाम पर किन्नरों द्वारा की जा रही जबरन वसूली पर रोक लगाने की मांग
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खबर-4
सचित्र-
बधाई के नाम पर किन्नर कर रहे जबरन वसूली, ग्रामीण भड़के
कमलाड़ पंचायत में सरकार गांव के द्वार कार्यक्रम में ग्र्रामीणों ने उठाया मुद्दा
बोले, जबरन वसूली पर लगे रोक, किन्नरों की राशि की जाए निर्धारित
योगेंद्र अग्रवाल
ददाहू (सिरमौर)। रेणुका विधानसभा क्षेत्र की कमलाड़ पंचायत में आयोजित सरकार गांव के द्वार कार्यक्रम में किन्नर समुदाय के लोगों की ओर से बधाई देने के नाम पर ग्रामीणों से की जा रही जबरन वसूली का मुद्दा खूब गूंजा। ग्रामीणों ने जहां दूसरी समस्याओं को बेबाकी से उठाया, वहीं कमलाड़ पंचायत के उपप्रधान रतिराम ने किन्नर समुदाय के लोगों द्वारा की जा रही जबरन वसूली का मुद्दा अधिकारियों के सामने रखा।
रतिराम ने कहा कि किन्नर समुदाय के लोग अब ग्रामीण क्षेत्र में भी आने लगे हैं। ग्रामीण अपनी ओर से बेटे के जन्म, शादी होने की खुशी में किन्नरों को अपनी ओर से खुशी खुशी पैसे देते हैं लेकिन वह अधिक की मांग करते हैं और जबरन वसूली करने लगते हैं। रति राम ने कहा कि बहुत से परिवार अपनी हैसियत के हिसाब से किन्नरों को पैसे देते हैं लेकिन उनकी ओर से अधिक की जबरन मांग करना और अड़ जाना सही नहीं है। इस जबरन वसूली पर रोक लगनी चाहिए। इसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
उपप्रधान ने किन्नरों द्वारा की जा रही जबरन वसूली पर रोक लगाने के साथ-साथ उनकी राशि निर्धारित करने की मांग की।
इस पर पुलिस अधीक्षक रमन कुमार मीणा ने कहा कि बधाई मांगना किन्नरों का हक है लेकिन वह जबरन वसूली नहीं कर सकते। उन्होंने इस मुद्दे को लेकर एसएचओ रेणुका को ग्रामीणों के साथ बैठक करने के निर्देश दिए ताकि इस समस्या का निपटारा हो सके।
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इसके अलावा लोगों ने भवनों, खेतों व फसलों को हुए नुकसान की भरपाई से संबंधित अनेकों समस्याएं कार्यक्रम में रखी।
विधानसभा उपाध्यक्ष विनय कुमार ने तहसीलदार ददाहू को इन सभी मामलों को गंभीरता से लेते हुए सभी प्रभावितों को राहत राशि का प्रकरण बनाने की निर्देश भी दिए।
इसके अतिरिक्त लता देवी, सुखचैन, सुखदर्शन, मोही राम, कमला देवी, पदमा देवी, सरिता देवी, कांता, ध्यान सिह, उदय सिंह व रतिराम आदि ने अपनी समस्याएं कार्यक्रम में रखी। ग्रामीणों की ओर से उठाई गई समस्याओं में से अधिकतर मांगे पीने के पानी व बिजली के खंभों को बदलने से संबंधित रही।
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बधाई के नाम पर किन्नर कर रहे जबरन वसूली, ग्रामीण भड़के
कमलाड़ पंचायत में सरकार गांव के द्वार कार्यक्रम में ग्र्रामीणों ने उठाया मुद्दा
बोले, जबरन वसूली पर लगे रोक, किन्नरों की राशि की जाए निर्धारित
योगेंद्र अग्रवाल
ददाहू (सिरमौर)। रेणुका विधानसभा क्षेत्र की कमलाड़ पंचायत में आयोजित सरकार गांव के द्वार कार्यक्रम में किन्नर समुदाय के लोगों की ओर से बधाई देने के नाम पर ग्रामीणों से की जा रही जबरन वसूली का मुद्दा खूब गूंजा। ग्रामीणों ने जहां दूसरी समस्याओं को बेबाकी से उठाया, वहीं कमलाड़ पंचायत के उपप्रधान रतिराम ने किन्नर समुदाय के लोगों द्वारा की जा रही जबरन वसूली का मुद्दा अधिकारियों के सामने रखा।
रतिराम ने कहा कि किन्नर समुदाय के लोग अब ग्रामीण क्षेत्र में भी आने लगे हैं। ग्रामीण अपनी ओर से बेटे के जन्म, शादी होने की खुशी में किन्नरों को अपनी ओर से खुशी खुशी पैसे देते हैं लेकिन वह अधिक की मांग करते हैं और जबरन वसूली करने लगते हैं। रति राम ने कहा कि बहुत से परिवार अपनी हैसियत के हिसाब से किन्नरों को पैसे देते हैं लेकिन उनकी ओर से अधिक की जबरन मांग करना और अड़ जाना सही नहीं है। इस जबरन वसूली पर रोक लगनी चाहिए। इसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
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उपप्रधान ने किन्नरों द्वारा की जा रही जबरन वसूली पर रोक लगाने के साथ-साथ उनकी राशि निर्धारित करने की मांग की।
इस पर पुलिस अधीक्षक रमन कुमार मीणा ने कहा कि बधाई मांगना किन्नरों का हक है लेकिन वह जबरन वसूली नहीं कर सकते। उन्होंने इस मुद्दे को लेकर एसएचओ रेणुका को ग्रामीणों के साथ बैठक करने के निर्देश दिए ताकि इस समस्या का निपटारा हो सके।
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इसके अलावा लोगों ने भवनों, खेतों व फसलों को हुए नुकसान की भरपाई से संबंधित अनेकों समस्याएं कार्यक्रम में रखी।
विधानसभा उपाध्यक्ष विनय कुमार ने तहसीलदार ददाहू को इन सभी मामलों को गंभीरता से लेते हुए सभी प्रभावितों को राहत राशि का प्रकरण बनाने की निर्देश भी दिए।
इसके अतिरिक्त लता देवी, सुखचैन, सुखदर्शन, मोही राम, कमला देवी, पदमा देवी, सरिता देवी, कांता, ध्यान सिह, उदय सिंह व रतिराम आदि ने अपनी समस्याएं कार्यक्रम में रखी। ग्रामीणों की ओर से उठाई गई समस्याओं में से अधिकतर मांगे पीने के पानी व बिजली के खंभों को बदलने से संबंधित रही।