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Sirmour News: पांवटा साहिब गुरुद्वारे में सजा ऐतिहासिक कवि दरबार, बाहरी राज्यों से पहुंचे कवि
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गुरु अमरदास महाराज ज्योति जोत दिवस पर पांवटा साहिब गुरुद्वारा में कवि दरबार में काव्य पाठ सुनत
गुरु अमरदास महाराज के ज्योति-जोत दिवस पर विशेष गुरुमत समागम, देर रात तक चला कवि दरबार
पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश से भारी संख्या में पहुंची संगत, लंगर और ठहरने के विशेष प्रबंध
संवाद न्यूज एजेंसी
पांवटा साहिब (सिरमौर)। सिखों के तीसरे गुरु अमरदास महाराज के ज्योति-जोत दिवस पर ऐतिहासिक गुरुद्वारा श्री पांवटा साहिब में विशेष धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस अवसर पर आयोजित गुरुमत समागम, कीर्तन और कवि दरबार में हिमाचल प्रदेश के अलावा पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश से भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे।
देर रात तक चले कवि दरबार में देश के विभिन्न हिस्सों से आए कवियों ने गुरु अमरदास महाराज के जीवन और शिक्षाओं पर आधारित रचनाएं प्रस्तुत कीं। धार्मिक कार्यक्रम की शुरुआत श्री अखंड पाठ साहिब के भोग के साथ हुई। इसके बाद गुरुद्वारा परिसर में विशेष कीर्तन समागम आयोजित किया गया। बाहरी राज्यों से पहुंचे रागी और कीर्तन जत्थों ने गुरु जस गायन कर संगत को निहाल किया। इसके बाद देर रात तक कवि दरबार सजा, जिसमें विभिन्न राज्यों से पहुंचे नामी कवियों ने अपनी रचनाएं प्रस्तुत कीं।
कवियों ने वीर रस की रचनाओं के माध्यम से गुरु अमरदास महाराज के जीवन, उनकी शिक्षाओं, समाज सुधार के कार्यों और सिख इतिहास के विभिन्न प्रसंगों को प्रस्तुत किया। कवि दरबार में बड़ी संख्या में संगत ने शिरकत की। गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी पांवटा साहिब के उपप्रधान हरभजन सिंह और कार्यकारी प्रबंधक गुरमीत सिंह ने बताया कि ज्योति-जोत दिवस को समर्पित धार्मिक कार्यक्रमों के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई थीं।
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श्रद्धालुओं की भारी आमद को देखते हुए संगत के ठहरने और लंगर के विशेष प्रबंध किए गए। उन्होंने बताया कि आयोजन में विभिन्न राज्यों से पहुंची संगत ने श्रद्धापूर्वक भाग लिया।-- -- -- -- -
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पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश से भारी संख्या में पहुंची संगत, लंगर और ठहरने के विशेष प्रबंध
संवाद न्यूज एजेंसी
पांवटा साहिब (सिरमौर)। सिखों के तीसरे गुरु अमरदास महाराज के ज्योति-जोत दिवस पर ऐतिहासिक गुरुद्वारा श्री पांवटा साहिब में विशेष धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस अवसर पर आयोजित गुरुमत समागम, कीर्तन और कवि दरबार में हिमाचल प्रदेश के अलावा पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश से भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे।
देर रात तक चले कवि दरबार में देश के विभिन्न हिस्सों से आए कवियों ने गुरु अमरदास महाराज के जीवन और शिक्षाओं पर आधारित रचनाएं प्रस्तुत कीं। धार्मिक कार्यक्रम की शुरुआत श्री अखंड पाठ साहिब के भोग के साथ हुई। इसके बाद गुरुद्वारा परिसर में विशेष कीर्तन समागम आयोजित किया गया। बाहरी राज्यों से पहुंचे रागी और कीर्तन जत्थों ने गुरु जस गायन कर संगत को निहाल किया। इसके बाद देर रात तक कवि दरबार सजा, जिसमें विभिन्न राज्यों से पहुंचे नामी कवियों ने अपनी रचनाएं प्रस्तुत कीं।
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कवियों ने वीर रस की रचनाओं के माध्यम से गुरु अमरदास महाराज के जीवन, उनकी शिक्षाओं, समाज सुधार के कार्यों और सिख इतिहास के विभिन्न प्रसंगों को प्रस्तुत किया। कवि दरबार में बड़ी संख्या में संगत ने शिरकत की। गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी पांवटा साहिब के उपप्रधान हरभजन सिंह और कार्यकारी प्रबंधक गुरमीत सिंह ने बताया कि ज्योति-जोत दिवस को समर्पित धार्मिक कार्यक्रमों के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई थीं।
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श्रद्धालुओं की भारी आमद को देखते हुए संगत के ठहरने और लंगर के विशेष प्रबंध किए गए। उन्होंने बताया कि आयोजन में विभिन्न राज्यों से पहुंची संगत ने श्रद्धापूर्वक भाग लिया।