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Sirmour News: करण सिंह ठाकुर हिमाचल के दूसरे सीएससीएस विशेषज्ञ बने
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करण सिंह ठाकुर। संवाद
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एथलीटों को प्रशिक्षित करने की परीक्षा की पास
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। सिरमौर जिले के दुर्गम क्षेत्र शिलाई के युवा करण सिंह ठाकुर ने नेशनल स्ट्रेंथ एंड कंडीशनिंग एसोसिएशन अमेरिका की ओर से संचालित परीक्षा उत्तीर्ण की है। वह सिरमौर से पहले और प्रदेश से दूसरे व्यक्ति हैं जो ताकत और कंडिशनिंग विशेषज्ञ बने हैं। उन्होंने बताया कि परीक्षा में 8,500 उम्मीदवारों ने भाग लिया। इनमें से 30 प्रतिशत ने परीक्षा के दोनों वर्गों को उत्तीर्ण किया।
इस क्षेत्र की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक सीएससीएस उन लोगों के लिए है जो ताकत और कंडीशनिंग में कॅरियर या मानव शरीर का गहरा ज्ञान रखते हैं। शिलाई में दलीप सिंह ठाकुर और उर्मिला देवी के घर जन्मे करण सिंह ने स्कूली शिक्षा, स्नातक और स्नातकोत्तर की पढ़ाई नाहन से की। करण ने कहा कि उन्होंने इस गोल्ड स्टैंडर्ड परीक्षा के लिए 2 साल से अधिक समय तक अध्ययन किया और परीक्षा में लगभग 90 प्रतिशत अंक हासिल किए।
उन्हें यह प्रेरणा बड़े भाई राजेश चौहान से मिली है, जो अफगानिस्तान क्रिकेट टीम के साथ काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनके माता-पिता ने उनकी यात्रा में सहयोग किया।
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संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। सिरमौर जिले के दुर्गम क्षेत्र शिलाई के युवा करण सिंह ठाकुर ने नेशनल स्ट्रेंथ एंड कंडीशनिंग एसोसिएशन अमेरिका की ओर से संचालित परीक्षा उत्तीर्ण की है। वह सिरमौर से पहले और प्रदेश से दूसरे व्यक्ति हैं जो ताकत और कंडिशनिंग विशेषज्ञ बने हैं। उन्होंने बताया कि परीक्षा में 8,500 उम्मीदवारों ने भाग लिया। इनमें से 30 प्रतिशत ने परीक्षा के दोनों वर्गों को उत्तीर्ण किया।
इस क्षेत्र की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक सीएससीएस उन लोगों के लिए है जो ताकत और कंडीशनिंग में कॅरियर या मानव शरीर का गहरा ज्ञान रखते हैं। शिलाई में दलीप सिंह ठाकुर और उर्मिला देवी के घर जन्मे करण सिंह ने स्कूली शिक्षा, स्नातक और स्नातकोत्तर की पढ़ाई नाहन से की। करण ने कहा कि उन्होंने इस गोल्ड स्टैंडर्ड परीक्षा के लिए 2 साल से अधिक समय तक अध्ययन किया और परीक्षा में लगभग 90 प्रतिशत अंक हासिल किए।
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उन्हें यह प्रेरणा बड़े भाई राजेश चौहान से मिली है, जो अफगानिस्तान क्रिकेट टीम के साथ काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनके माता-पिता ने उनकी यात्रा में सहयोग किया।
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